नई दिल्ली: सर्दियों में होने वाले एयर पॉल्यूशन को कम करने के इरादे से द्वारका में ऑटोमैटिक एंटी स्मॉग मिस्टिंग सिस्टम शुरू किया गया है। उपराज्यपाल विनय कुमार सक्सेना ने शुक्रवार सुबह इस सिस्टम का उदघाटन किया। ये सिस्टम डीडीए ने लगाया है।
हर घंटे सिर्फ 2.8 लीटर पानी का इस्तेमाल होगा
इस सिस्टम का 2024 में भी ट्रायल किया गया था। उसके बाद अब उस सिस्टम में और सुधार किए गए हैं। ये सिस्टम 7 किमी लंबे रास्ते में 166 स्ट्रीट लाइट के खंभों पर लगाया गया है। इस सिस्टम के तहत हर घंटे सिर्फ 2.8 लीटर पानी का इस्तेमाल होगा। ये पानी भी आरओ वाला होगा।
बिजली के खंभों पर 15 फुट उंचे नोजल लगाए गए हैं

सिस्टम के तहत बिजली के खंभों पर 15 फुट उंचे नोजल लगाए गए हैं। पिछले साल ये नोजल 9 फुट की उंचाई पर लगाए गए थे। वहां नोजल से पानी की फुहार निकलती रहेगी, जो उड़ती धूल को जमीन पर बनाए रखने में मदद करेगी। इसके अलावा हवा में फैली धुंध, सड़क के किनारे लगे पौधों व पेड़ों पर धूल जमने से भी रोकेगी। इससे इस रास्ते पर एयर पॉल्यूशन 15 फीसदी तक कम होने का अनुमान है।
एलजी ने डीडीए को सराहा

उपराज्यपाल ने इस मौके पर एयर पॉल्यूशन से निपटने के लिए डीडीए के इस नए काम की सराहना करते हुए कहा है कि एयर पॉल्यूशन को रोकने के लिए हर संभव कदम उठाना हम सभी की जम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि इस तरह के उपायों से भी शहर की हवा की गुणवत्ता पर बड़ा असर होगा और बच्चों व बुजर्गों में बीमारियों का जोखिम भी कम होगा।



