पटना: बिहार की सियासी सरगर्मी और बढ़ गई है। लालू के बड़े लाल तेज प्रताप यादव ने अपनी ही पार्टी आरजेडी से अलग होकर एक नया दांव चला है। उन्होंने ‘टीम तेज प्रताप’ नाम से अपनी नई पार्टी बनाई है और प्रदीप निषाद की विकास वंचित इंसान पार्टी (वीवीआईपी) के साथ गठबंधन कर सबको चौंका दिया है।
गठबंधन का ऐलान
तेज प्रताप यादव ने प्रदीप निषाद की विकास वंचित इंसान पार्टी (वीवीआईपी) के साथ मिलकर चुनाव लड़ने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि अब वे दोनों मिलकर अपनी राजनीतिक लड़ाई लड़ेंगे।
महुआ से चुनाव, तेजस्वी का आशीर्वाद
तेज प्रताप ने वैशाली जिले की महुआ सीट से चुनाव लड़ने का ऐलान पहले ही कर दिया था। प्रेस कॉन्फ्रेंस में उन्होंने इस बात को फिर दोहराया। जब उनसे पूछा गया कि क्या उनके छोटे भाई तेजस्वी यादव महुआ से चुनाव लड़ेंगे, तो तेज प्रताप ने कहा कि तेजस्वी महुआ से कभी चुनाव नहीं लड़ेंगे और वह उन्हें शुरू से ही आगे बढ़ने का आशीर्वाद दे रहे हैं।
आरजेडी और कांग्रेस को न्योता
तेज प्रताप यादव ने अपनी नई पार्टी से आरजेडी और कांग्रेस जैसी पार्टियों को भी जुड़ने का आमंत्रण दिया। उन्होंने महा गठबंधन के सहयोगी और विकासशील इंसान पार्टी (वीआईपी) के प्रमुख मुकेश सहनी को “बहुरूपिया” कहकर उन पर हमला बोला।
कौन हैं प्रदीप निषाद
विकास वंचित इंसान पार्टी (वीवीआईपी) के संस्थापक प्रदीप निषाद हैं। इनको बिहार में ‘हेलीकॉप्टर बाबा’ के नाम से भी जाना जाता है। प्रदीप ने इसी साल 28 जून को अपनी नई पार्टी की घोषणा की थी। इससे पहले वह मुकेश सहनी की वीआईपी पार्टी के बेहद करीबी थे, लेकिन 2021 के यूपी चुनाव से एक साल पहले दोनों के बीच दूरियां बढ़ गईं।
प्रदीप ने आरोप लगाया था कि पार्टी में उन्हें मान-सम्मान नहीं मिल रहा था। इसकी वजह से वीआईपी छोड़ दी थी। प्रदीप मूल रूप से उत्तर प्रदेश के मिर्जापुर के रहने वाले हैं। तेज प्रताप यादव के इस नए सियासी कदम को बिहार की राजनीति में एक महत्वपूर्ण घटना के रूप में देखा जा रहा है। यह देखना दिलचस्प होगा कि यह नया गठबंधन आगामी बिहार चुनाव में कितना प्रभाव डाल पाता है।



