नई दिल्ली: उत्तराखंड के उत्तरकाशी (Uttarkashi) जिले के धराली गांव में बादल फटने की एक भयावह घटना ने पूरे क्षेत्र में हड़कंप मचा दिया है। इस प्राकृतिक आपदा ने न केवल स्थानीय निवासियों, बल्कि वहां मौजूद पर्यटकों को भी प्रभावित किया है। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, इस हादसे में कम से कम 4 लोगों की जान चली गई है, जबकि 70 से अधिक लोग लापता बताए जा रहे हैं। इसके अलावा, 100 से ज्यादा लोग मलबे और बाढ़ के पानी में फंसे हुए हैं। उधर, राहत व बचाव कार्य के लिए सेना ने मोर्चा संभाल लिया है। सरकार ने जिले के सभी अधिकारियों की छुट्टियां रद्द कर दी हैं।
खौफनाक मंजर, 20 सेकंड में बर्बादी
हर्षिल के नजदीक धराली में हुए इस हादसे का एक वीडियो सामने आया है, जिसमें देखा जा सकता है कि कैसे महज कुछ सेकंड में तेज बहाव वाला मलबा और पानी पूरे क्षेत्र को अपनी चपेट में ले लेता है। खीरगंगा नदी का जलस्तर अचानक बढ़ने से धराली बाजार और आसपास के कई घर मलबे में दब गए। लोग चीखते-चिल्लाते नजर आए, और कई होटल, दुकानें और घर तबाह हो गए। यह घटना इतनी तेजी से हुई कि लोगों को संभलने का मौका तक नहीं मिला।
राहत और बचाव कार्य जोरों पर
घटना की सूचना मिलते ही जिला प्रशासन, भारतीय सेना, एनडीआरएफ, और एसडीआरएफ की टीमें तुरंत मौके पर पहुंच गईं। भारतीय सेना के हर्षिल कैंप से 150 जवान राहत कार्य में जुटे हैं। इसके अलावा, आईटीबीपी की तीन टीमें और एनडीआरएफ की चार टीमें भी बचाव कार्य में लगी हुई हैं। एम्बुलेंस और डॉक्टरों की टीमें भी मौके पर मौजूद हैं, जो घायलों को तुरंत चिकित्सा सहायता प्रदान कर रही हैं। उत्तरकाशी के जिला मजिस्ट्रेट प्रशांत आर्य ने बताया कि राहत कार्य युद्ध स्तर पर चल रहे हैं। प्रभावित लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा रहा है, और स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है। प्रशासन ने हेल्पलाइन नंबर (01374-222126, 222722, 9456556431) जारी किए हैं, ताकि प्रभावित लोग या उनके परिजन सहायता के लिए संपर्क कर सकें।
केंद्रीय और राज्य सरकार अलर्ट
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से फोन पर बात कर स्थिति का जायजा लिया। उन्होंने तत्काल अतिरिक्त राहत टीमें भेजने का आश्वासन दिया। मुख्यमंत्री धामी ने अपना एक पूर्व निर्धारित दौरा रद्द कर देहरादून लौटकर स्थिति पर नजर रखना शुरू कर दिया है। उन्होंने सोशल मीडिया पर दुख जताते हुए कहा कि धराली में बादल फटने से हुआ नुकसान अत्यंत दुखद है। हमारी टीमें पूरी ताकत से राहत और बचाव कार्य में जुटी हैं। मैं स्वयं स्थिति पर नजर रख रहा हूं।
धराली में नुकसान का आलम
जानकारी के मुताबिक, बाढ़ का पानी और मलबा कई होटलों, दुकानों और घरों में घुस गया। धराली का बाजार क्षेत्र, जो पर्यटकों के बीच खासा लोकप्रिय है, इस आपदा में बुरी तरह प्रभावित हुआ है। कई पर्यटक, जो गंगोत्री और हर्षिल के दर्शन के लिए आए थे, इस आपदा में फंस गए। प्रारंभिक अनुमान के अनुसार, 60 से अधिक लोग लापता हैं, और कई लोग मलबे में दबे हो सकते हैं।
पुलिस और प्रशासन की अपील
उत्तरकाशी पुलिस ने लोगों से नदियों और जलाशयों से दूरी बनाए रखने की अपील की है। सोशल मीडिया पर जानकारी साझा करते हुए पुलिस ने कहा, खीरगंगा नदी का जलस्तर बढ़ने से धराली में भारी नुकसान हुआ है। कृपया नदियों से उचित दूरी बनाएं और बच्चों व पशुओं को भी सुरक्षित रखें।
आगे की चुनौतियां
यह घटना उत्तराखंड जैसे पहाड़ी क्षेत्रों में प्राकृतिक आपदाओं की बढ़ती आवृत्ति की ओर इशारा करती है। विशेषज्ञों का मानना है कि जलवायु परिवर्तन और अनियोजित निर्माण कार्य इस तरह की घटनाओं को और गंभीर बना रहे हैं। फिलहाल, प्रशासन की प्राथमिकता फंसे हुए लोगों को सुरक्षित निकालना और लापता लोगों का पता लगाना है। इस दुखद घटना ने एक बार फिर हमें प्रकृति के प्रकोप के सामने मानव की असहायता को उजागर किया है। प्रभावित परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए, हम सभी की सुरक्षित वापसी की कामना करते हैं।



