नई दिल्ली: मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने दिल्ली विश्वविद्यालय की छात्रों को बड़ी सौगात दी है। उन्होंने सालों से बंद ‘यू स्पेशल बस सेवा’ फिर से शुरू करने का ऐलान किया है। ये बस एयर कंडीशनिंग, एलईडी लाइटिंग और म्यूजिक सिस्टम जैसी सुविधाओं से लैस होंगी। ताकि छात्रों को आने-जाने में समस्या न हो। मुख्यमंत्री की छात्रों से अपील की कि स्कूलों के बच्चों का मार्गदर्शन कर उनका भविष्य संवारें।
सीएम ने सुझाव दिया कि दिल्ली विश्वविद्यालय को कुछ स्कूलों को गोद लेना चाहिए, ताकि विश्वविद्यालय के प्रोफेसर और छात्र नियमित रूप से इन विद्यालयों में जाकर स्कूली बच्चों का मार्गदर्शन करें। रेखा गुप्ता ने मंगलवार को दिल्ली विश्वविद्यालय के अधीन संचालित सोशल सेंटर स्कूल (मौरिस नगर) के नए शैक्षणिक ब्लॉक के उद्घाटन अवसर पर कही।
दिल्ली विश्वविद्यालय के एक कार्यक्रम में मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि कॉलेज आने-जाने में विद्यार्थियों को जो कठिनाइयां होती हैं, उसे देखते हुए उन्होंने यू स्पेशल बस सेवा दोबारा से शुरू करने जा रहे हैं ताकि विद्यार्थियों को सुलभ, सुरक्षित और सम्मानजनक परिवहन सुविधा मिल सके।
मुख्यमंत्री ने सोशल सेंटर स्कूल की उपलब्धियों की सराहना करते हुए कहा कि यह अत्यंत प्रसन्नता का विषय है कि 1947 में सामाजिक सेवा के उद्देश्य से शुरू हुआ यह स्कूल अब एक चार मंजिला इमारत और 21 आधुनिक कक्षाओं वाले संस्थान में बदल चुका है। मुख्यमंत्री ने मौके पर विद्यालय को कक्षा 12वीं तक की पढ़ाई के लिए मान्यता देने की भी घोषणा की।
उन्होंने विश्वविद्यालय के छात्रों से भी अनुरोध किया कि वे वंचित और जरूरतमंद बच्चों को बड़े भाई-बहन की तरह सहयोग और शिक्षा प्रदान करें, ताकि वे अपने जीवन की दिशा तय कर सकें और मुख्यधारा से जुड़ सकें। सीएम ने शिक्षा व्यवस्था से जुड़ी एक अहम सामाजिक विडंबना की ओर भी ध्यान दिलाया।
उन्होंने कहा आज अभिभावक अपने बच्चों को सरकारी यूनिवर्सिटी और कॉलेजों में भेजने को उत्सुक हैं, लेकिन सरकारी स्कूलों के नाम पर पीछे भी हटते हैं। इसका कारण है सरकारी स्कूलों की छवि और गुणवत्ता को लेकर गलत धारणा बनी हुई है। लेकिन अब यह स्थिति बदलेगी। सीएम ने दावा किया कि वह दिल्ली के सरकारी स्कूलों को निजी स्कूलों से बेहतर बनाऐंगी, इतना बेहतर कि लोग खुद गर्व से अपने बच्चों को सरकारी स्कूलों में दाखिल कराएंगे।
यू स्पेशल बसों का इतिहास
दिल्ली में परिवहन बसों की शुरुआत वर्ष 1948 से शुरू हुई थी। बाद में वर्ष 1971 में दिल्ली परिवहन निगम (डीटीसी) के तहत इन बसों को चलाने का निर्णय लिया गया। इसी दौरान यू-स्पेशल बसों को चलाने का निर्णय लिया गया। यह बसें दिल्ली के कॉलेजों के विद्यार्थियों के लिए ही थी। यह दिल्ली के विभिन्न व खास इलाकों से चलती थी और मशहूर कॉलेजों तक जाती थी। इनमें सिर्फ कॉलेज के छात्र ही बैठते थे। दोपहर के बाद ये बसें फिर से विभिन्न कॉलेजों, नॉर्थ कैंपस व साउथ कैंपस से रवाना होती थीं। उस दौरान छात्रों के लिए ये बसें बेहद सुविधाजनक मानी जाती थीं। नब्बे के दशक में दिल्ली में प्राइवेट रेड लाइन बसें और बाद में ब्लू लाइन बसें शुरू हुई। इसके बाद डीटीसी बसें लगातार कम होती गईं। परिणाम स्वरूप यू स्पेशल बसें भी बंद हो गईं।



