लखनऊ। उत्तर प्रदेश सरकार में मंत्री और सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष ओम प्रकाश राजभर ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की विदेश नीति और वैश्विक छवि की सराहना की है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री का संदेश शांति, सहयोग और व्यापारिक साझेदारी पर आधारित है और वे विश्व स्तर पर भारत की सकारात्मक पहचान को मजबूत कर रहे हैं। राजभर ने दावा किया कि कई देशों द्वारा प्रधानमंत्री मोदी को सम्मान दिया जाना उनकी अंतरराष्ट्रीय स्वीकार्यता को दर्शाता है। उन्होंने यह भी कहा कि युद्ध किसी भी देश के विकास में बाधा बनता है, इसलिए देशों के बीच सहयोग और व्यापार को बढ़ावा देना चाहिए।
ओपी राजभर बोले
समाजवादी पार्टी को लेकर टिप्पणी करते हुए राजभर ने कहा कि पार्टी के भीतर असंतोष की स्थिति बन सकती है। उन्होंने उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्या के उस बयान का समर्थन किया जिसमें उन्होंने सपा में संभावित टूट की बात कही थी। हालांकि इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं है। राजभर ने आरोप लगाया कि कुछ मामलों और कथित घोटालों की जांच तेज होने के बाद समाजवादी पार्टी में असहजता बढ़ी है। उन्होंने गोमती रिवर फ्रंट और खनन से जुड़े मामलों का भी उल्लेख किया।
उन्होंने यह भी दावा किया कि आगामी राजनीतिक घटनाक्रमों में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है और 2027 के चुनाव से पहले ही राजनीतिक समीकरण बदल सकते हैं। समाजवादी पार्टी नेता अखिलेश यादव द्वारा लगाए गए भ्रष्टाचार के आरोपों पर पलटवार करते हुए राजभर ने कहा कि ट्रांसफर और पोस्टिंग प्रशासनिक स्तर पर होते हैं। उन्होंने विपक्ष से अपने ऊपर लगे आरोपों का जवाब देने की मांग भी की। अमित शाह और राम गोपाल यादव का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि राजनीतिक हलकों में संभावित दल-बदल की चर्चाएं चल रही हैं, लेकिन इन दावों की कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं है।
राम मंदिर चंदा मामले और अन्य घटनाओं का जिक्र करते हुए उन्होंने विपक्ष पर सवाल उठाए और कहा कि सभी पक्षों को अपने आरोपों पर स्पष्ट जवाब देना चाहिए। परिसीमन और संविधान संशोधन से जुड़े सवाल पर राजभर ने कहा कि आगामी संसद सत्र में सरकार के पास पर्याप्त समर्थन है और सभी महत्वपूर्ण विधेयक पारित होंगे। विपक्षी नेता राहुल गांधी पर टिप्पणी करते हुए उन्होंने कहा कि विदेशों में जाकर भारतीय संस्थाओं पर सवाल उठाना उचित नहीं है और यदि भरोसा नहीं है तो पद छोड़ देना चाहिए।



