नई दिल्ली: दिल्ली विश्वविद्यालय के गोल्डन जुबली ऑडिटोरियम में रविवार को आध्यात्मिक ऊर्जा का संचार हुआ। विवेक निकेतन एजुकेशनल ट्रस्ट द्वारा आयोजित एक दिवसीय ‘गीता ज्ञान’ व्याख्यान में युवाओं और विद्यार्थियों को जीवन की चुनौतियों से लड़ने का मार्ग दिखाया गया। कार्यक्रम में दिल्ली के मेयर राजा इकबाल सिंह ने मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत की और आध्यात्मिक चेतना को समाज की सबसे बड़ी जरूरत बताया।
कार्यक्रम के मुख्य आकर्षण (Key Highlights):
मुख्य वक्ता: प्रख्यात गीता मर्मज्ञ वेदांताचार्य शिवेंद्र नागर जी का प्रेरणादायक संबोधन।
विशिष्ट उपस्थिति: दिल्ली के मेयर राजा इकबाल सिंह द्वारा आध्यात्मिक मूल्यों पर जोर।
लोकार्पण: ‘आज का विचार’ और ‘थॉट ऑफ द डे’ टेबल कैलेंडरों का विमोचन।
लक्ष्य: Gen Z (आज की युवा पीढ़ी) को डिजिटल भटकाव और मानसिक तनाव से बाहर निकालना।
सहभागिता: दिल्ली के विभिन्न शिक्षण संस्थानों के सैकड़ों विद्यार्थियों और शिक्षकों की उपस्थिति।
विस्तृत विवरण (Detailed Explanation):
तनावपूर्ण जीवन में गीता का महत्व वेदांताचार्य शिवेंद्र नागर जी ने आज की युवा पीढ़ी (Gen Z) के सामने आने वाली चुनौतियों पर गहरी चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि आज के युवा डिजिटल विचलन और गलाकाट प्रतिस्पर्धा के कारण भारी मानसिक दबाव में हैं। उन्होंने समझाया कि गीता केवल एक धार्मिक ग्रंथ नहीं, बल्कि एक ‘साइकोलॉजी गाइड’ है, जो भावनाओं को संतुलित करना और कठिन समय में सही निर्णय लेना सिखाती है। जब मन नियंत्रित होता है, तो तनाव स्वतः ही समाप्त हो जाता है।
सांस्कृतिक मूल्यों का संवर्धन ट्रस्ट के सदस्य श्री नरेश गर्ग ने संस्था के उद्देश्यों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि उनका मुख्य लक्ष्य अपनी समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को नई पीढ़ी तक पहुँचाना है। उन्होंने बताया कि ट्रस्ट समाज में बढ़ते गतिरोधों को दूर करने के लिए लगातार ऐसे अभियानों का संचालन करता रहेगा, जिससे सशक्त और नैतिक युवा पीढ़ी का निर्माण हो सके।
नई पहल: ‘थॉट ऑफ द डे’ कैलेंडर कार्यक्रम के दौरान हिंदी और अंग्रेजी भाषाओं में विशेष टेबल कैलेंडर लॉन्च किए गए। इन कैलेंडरों का उद्देश्य विद्यार्थियों और युवाओं के जीवन में प्रतिदिन एक सकारात्मक विचार (Positive Thought) का संचार करना है। मेयर राजा इकबाल सिंह ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे छोटे-छोटे प्रयास समाज में बड़े बदलाव की नींव रखते हैं।



