भोपाल: मध्य प्रदेश के कैबिनेट मंत्री विजय शाह के लिए सोमवार का दिन भारी पड़ सकता है। कर्नल सोफिया कुरैशी पर की गई विवादित टिप्पणी के मामले में सुप्रीम कोर्ट की सुनवाई से ठीक दो दिन पहले मंत्री ने शनिवार को सोशल मीडिया पर वीडियो जारी कर एक बार फिर माफी मांगी है। पिछले एक साल में यह उनकी चौथी माफी है।
मामले के मुख्य बिंदु
- विवादित बयान: मई 2026 में ‘ऑपरेशन सिंदूर’ की ब्रीफिंग के दौरान कर्नल कुरैशी की मौजूदगी पर सांप्रदायिक टिप्पणी।
- कोर्ट की सख्ती: सुप्रीम कोर्ट ने राज्य सरकार से अभियोजन (Prosecution) की मंजूरी पर दो हफ्ते में जवाब मांगा था।
- SIT की जांच: हाई कोर्ट के निर्देश पर गठित SIT ने अपनी रिपोर्ट शासन को सौंप दी है।
- अंतिम अवसर: कल यानी 9 फरवरी को सुप्रीम कोर्ट में इस मामले की महत्वपूर्ण सुनवाई होनी है।
क्या था विवाद?
यह पूरा मामला 12 मई, 2026 का है। पाकिस्तान के खिलाफ भारत की जवाबी कार्रवाई ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के बाद कर्नल सोफिया कुरैशी ने मीडिया को ब्रीफ किया था। इंदौर में एक कार्यक्रम के दौरान बीजेपी नेता विजय शाह ने कर्नल कुरैशी की पहचान को समुदाय विशेष से जोड़ते हुए बेहद आपत्तिजनक बयान दिया था। उन्होंने कहा था कि “हमारी बेटियों को विधवा करने वालों को सबक सिखाने के लिए उन्हीं की बहन को भेजा गया।” इस बयान पर देशभर में तीखी प्रतिक्रिया हुई थी।
माफी के पीछे का कानूनी दबाव
विजय शाह का यह वीडियो तब सामने आया है जब सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश (CJI) सूर्यकांत की पीठ ने पिछली सुनवाई में तल्ख टिप्पणी की थी। शाह के वकील ने जब पिछली तीन माफियों का हवाला दिया, तो CJI ने स्पष्ट कहा था कि “अब माफी मांगने के लिए बहुत देर हो चुकी है।” कोर्ट ने मध्य प्रदेश सरकार को आदेश दिया था कि वह मंत्री के खिलाफ मुकदमा चलाने की अनुमति देने पर त्वरित निर्णय ले।
मंत्री की सफाई
शनिवार को भोपाल में भाजपा के वरिष्ठ नेताओं से मुलाकात के बाद शाह ने अपने वीडियो संदेश में कहा, “मेरे शब्द मेरी भावनाओं के अनुरूप नहीं थे। वह सब देशभक्ति के जोश और उत्साह में निकल गया। मैं अपनी गलती की जिम्मेदारी लेता हूं और सेना का पूरा सम्मान करता हूं।”



