नई दिल्ली: रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने भारतीय रेलवे मजदूर संघ (BRMS) के पहले कार्यालय का उद्घाटन करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘आत्मनिर्भर भारत’ के दृष्टिकोण को दोहराया। उन्होंने कहा कि हमें यथासंभव भारत में बनी हुई वस्तुओं का ही उपयोग करना चाहिए और उनकी गुणवत्ता में लगातार सुधार करने का प्रयास करना चाहिए।
रोजगार और गुणवत्ता पर जोर
रोजगार के अवसर: वैष्णव ने बताया कि रेलवे में पिछले दो सालों में करीब 1.5 लाख लोगों को नौकरी दी गई है और वर्तमान में 1.19 लाख कर्मचारियों की भर्ती प्रक्रिया जारी है। उन्होंने स्पष्ट किया कि अब नौकरी के बदले जमीन लेने का दौर खत्म हो गया है और आरआरबी (रेलवे भर्ती बोर्ड) ने हर तिमाही भर्ती के लिए एक कैलेंडर जारी किया है, जिसमें जूनियर इंजीनियर, टेक्नीशियन, एनटीपीसी और ग्रुप ए के पद शामिल हैं।
गुणवत्ता और प्रशिक्षण: रेल मंत्री ने फ्रेट ढुलाई में भारतीय रेलवे को दुनिया के शीर्ष दो रेलवे में से एक बताया। उन्होंने उत्पादन क्षेत्र से जुड़े सभी लोगों से उत्पादों की गुणवत्ता पर ध्यान देने का आह्वान किया। उन्होंने आश्वासन दिया कि इसके लिए आवश्यक प्रशिक्षण और प्रौद्योगिकी प्रदान की जाएगी।
रेलवे का प्रगति पथ
आधारभूत संरचना का विकास: रेल मंत्री ने कहा कि पिछले 11 वर्षों में 34,000 किलोमीटर नई रेल पटरियों का निर्माण और 46,000 किलोमीटर रेल मार्गों का विद्युतीकरण सफलतापूर्वक किया गया है। इससे ईंधन के रूप में आयात होने वाले डीजल की खपत में काफी कमी आई है।
विश्व स्तरीय निर्यात: उन्होंने बताया कि भारतीय रेलवे अब मेट्रो और रेलवे कोच का निर्यात कर रहा है, और हाल ही में लोकोमोटिव इंजन के निर्यात का भी ऑर्डर मिला है। यह दिखाता है कि भारत अब विश्वस्तरीय उत्पादों का निर्माण कर रहा है।
राष्ट्रहित में जिम्मेदारी
वैष्णव ने युवाओं को अधिकारों के प्रति जागरूक होने के साथ-साथ अपनी जिम्मेदारियों और कर्तव्यों को भी राष्ट्रहित में निभाने के लिए प्रोत्साहित किया। उन्होंने कहा कि जब कर्मचारी और प्रबंधन एक समान उद्देश्य और दिशा के साथ काम करते हैं, तो सफलता निश्चित मिलती है।
इस अवसर पर सड़क परिवहन और राजमार्ग राज्य मंत्री हर्ष मल्होत्रा और भारतीय मजदूर संघ (BMS) के वरिष्ठ नेता भी उपस्थित थे। BRMS के संगठन मंत्री इंद्रजीत सिंह ने बताया कि बीएमएस के विशिष्ट अतिथि रविंद्र हिम्मते ने पुराने संघर्षों को याद करते हुए हर कार्यकर्ता से मजबूती से अपनी विचारधारा को क्रियान्वित करने की अपेक्षा की। कार्यक्रम की अध्यक्षता पवन कुमार ने की और बीएमएस के राष्ट्रीय संगठन मंत्री बी. सुरेंद्रन और वी. सतीश का स्वागत किया गया।



