नई दिल्ली: कर्मचारी चयन आयोग (SSC) की परीक्षा प्रक्रिया में गड़बड़ी का आरोप लगाते हुए लगातार दूसरे दिन शुक्रवार छात्र सड़क पर उतरे। छात्रों ने इस संस्थान पर कई आरोप लगाए। मसलन, एक अनुभवहीन कंपनी को परीक्षा कराने की जिम्मेदारी, दूरदराज सेंटर, परीक्षा के 2 दिन पहले एडमिट कार्ड, और SSC सिलेक्शन पोस्ट फेज 13 समेत कई परीक्षाओं का अचानक रद्द हो जाना। यह कुछ ऐसे मुद्दे हैं, जिनकी वजह से छात्र दो दिनों से दिल्ली की सड़कों पर हैं। उधर, शिक्षक अभिनय मैथ्स ने बताया कि इस मुद्दे पर एक प्रतिनिधिमंडल ने SSC, डायरेक्टर से बात की है, लेकिन कोई भी सटीक जवाब नहीं मिल सका है। जल्द ही DOPT मंत्री से मुलाकात की संभावना है।
दरअसल, पूरा घटनाक्रम SSC की परीक्षा प्रक्रिया की कथित गड़बड़ियों से जुड़ा है। छात्रों ने इसका जिक्र कुछ इस तरह से किया है। इनमें कानपुर के एक छात्र का सेंटर कर्नाटक दे दिया गया। यूं ही, कुछ छात्र कंप्यूटर बेस्ड टेस्ट देने गए, लेकिन वहां माउस ही काम नहीं कर रहा था। इसी तरह की दूसरी कई तकनीकी दिक्कतों से प्रतियाेगी परीक्षाओं के अभ्यर्थियों को दो-चार होना पड़ा है। इसके खिलाफ शुक्रवार छात्रों ने मौन प्रदर्शन किया।
इससे पहले बृहस्पतिवार कई नामचीन शिक्षकों संग बड़ी संख्या में छात्र सड़क पर उतरे थे। उस दौरान पुलिस ने कई शिक्षकों को हिरासत में ले लिया। आरोप है कि उनको बसों से अलग-अलग जगहों पर ले जाया गया। इस दौरान कई सारे बच्चों को और कुछ टीचर को चोट भी लगी। हिरासत से छूटने के बाद शाम को एक बार फिर शिक्षक और बच्चे जंतर मंतर पर इकट्ठा हुए। लेकिन इस बार पुलिस ने विरोध प्रदर्शन की इजाजत नहीं दी। कहासुनी के बीच इस दौरान भी प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया।
छात्रों का विरोध प्रदर्शन शुक्रवार भी जारी रहा। प्रदर्शन कर रहे छात्रों का कहना है कि जब तक उनकी समस्याओं का समाधान नहीं मिल जाता, वह अपनी आवाज उठाते रहेंगे।



