नई दिल्ली: दिल्ली और उसके आसपास के इलाकों में हवा की गुणवत्ता को सुधारने के लिए केंद्र सरकार ने पुरानी गाड़ियों पर कड़े नियम लागू करने का फैसला किया है। आयोग फॉर एयर क्वालिटी मैनेजमेंट (CAQM) ने अपनी हालिया बैठक में ‘नो फ्यूल पॉलिसी’ को मंजूरी दी, जो 1 नवंबर से पूरी तरह प्रभावी हो जाएगी। इसके तहत 10 साल से ज्यादा पुरानी डीजल गाड़ियां और 15 साल से ज्यादा पुरानी पेट्रोल गाड़ियां पेट्रोल पंपों पर ईंधन नहीं खरीद सकेंगी। यह कदम दिल्ली-NCR की सड़कों से प्रदूषण फैलाने वाले वाहनों को हटाने की दिशा में एक बड़ा प्रयास है, जिससे लाखों लोगों के स्वास्थ्य को फायदा पहुंचेगा।
किन शहरों पर असर पड़ेगा?
यह नीति दिल्ली के अलावा NCR के प्रमुख जिलों में भी लागू होगी। इसमें गुरुग्राम, फरीदाबाद, गाजियाबाद, गौतम बुद्ध नगर (नोएडा) और सोनीपत शामिल हैं। कुल मिलाकर छह हाई-डेंसिटी वाहन वाले इलाकों में एक साथ अमल होगा। CAQM के निर्देश 89 के अनुसार, इन क्षेत्रों में ऑटोमेटेड नंबर प्लेट रिकग्निशन (ANPR) कैमरों से वाहनों की उम्र चेक की जाएगी। अगर कोई पुरानी गाड़ी पकड़ी गई, तो उसे तुरंत जब्त किया जा सकेगा। इससे अवैध फ्यूलिंग को रोकने में मदद मिलेगी, जो पहले सीमावर्ती इलाकों में हो रही थी।
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पहले क्यों टाला गया था नियम?
पहले यह पॉलिसी 1 जुलाई से दिल्ली में शुरू होनी थी, लेकिन तकनीकी दिक्कतों और जनता के विरोध के चलते इसे स्थगित कर दिया गया। दिल्ली सरकार के पर्यावरण मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने CAQM को पत्र लिखकर एकसमान लागू करने की मांग की थी। आयोग ने इसे स्वीकार करते हुए 31 अक्टूबर तक तैयारी का समय दिया। इस दौरान पेट्रोल पंपों पर साइनबोर्ड लगाने, स्टाफ को ट्रेनिंग देने और जागरूकता अभियान चलाने का काम तेज होगा। उल्लंघन पर 10 हजार रुपये तक का जुर्माना लगेगा और ट्रैफिक पुलिस की टीमें सतर्क रहेंगी।
क्या होगा फायदा और चुनौतियां?
दिल्ली में अकेले 6.2 लाख से ज्यादा एंड-ऑफ-लाइफ वाहन हैं, जो प्रदूषण का बड़ा स्रोत हैं। यह नीति लागू होने से वाहनों से निकलने वाले उत्सर्जन में कमी आएगी, खासकर सर्दियों में जब स्मॉग की समस्या बढ़ जाती है। हालांकि, वाहन मालिकों को परेशानी हो सकती है, क्योंकि कई अच्छी हालत वाली गाड़ियां भी प्रभावित होंगी। सरकार स्क्रैपिंग पॉलिसी को मजबूत करने और इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देने पर जोर दे रही है। NCR के अन्य हिस्सों में अप्रैल 2026 तक इसे फैलाया जाएगा।



