नई दिल्ली: भारतीय कमोडिटी बाजार (MCX) में चांदी की कीमतों ने आज सारे पुराने रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं। मार्च डिलीवरी के लिए चांदी का भाव ₹3,59,800 प्रति किलोग्राम के लाइफटाइम हाई (सर्वोच्च स्तर) पर पहुंच गया। इस तेजी का सीधा असर देश के सबसे बड़े चांदी उत्पादक, हिन्दुस्तान जिंक के शेयरों पर पड़ा है।
बाजार का हाल: शेयरों और ETFs में तेजी
- हिन्दुस्तान जिंक (Hindustan Zinc): मंगलवार सुबह के कारोबार में कंपनी का शेयर 5% उछलकर ₹733 के नए 52-वीक हाई पर पहुंच गया।
- सिल्वर ETFs का प्रदर्शन: चांदी की कीमतों में आई 7% से अधिक की तेजी के कारण सिल्वर एक्सचेंज ट्रेडेड फंड्स (ETFs) में जबरदस्त खरीदारी देखी गई:
- HDFC Silver ETF: 12% से अधिक की बढ़त।
- Zerodha Silver ETF: 11% चढ़कर रिकॉर्ड स्तर पर।
- Nippon India Silver ETF (Silverbees): लगभग 10% की तेजी।
चांदी की कीमतों में आग लगने के 3 मुख्य कारण
- वैश्विक भू-राजनीतिक तनाव: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा दक्षिण कोरिया और कनाडा जैसे देशों पर नए टैरिफ (शुल्क) लगाने की चेतावनियों ने निवेशकों को सुरक्षित निवेश (Safe-haven) की ओर धकेला है।
- चीन का निर्यात प्रतिबंध: दुनिया के दूसरे सबसे बड़े चांदी उत्पादक चीन ने 1 जनवरी 2026 से चांदी के निर्यात पर कड़े नियम लागू किए हैं, जिससे वैश्विक स्तर पर आपूर्ति (Supply) की कमी हो गई है।
- औद्योगिक मांग (Green Tech): सोलर पैनल, इलेक्ट्रिक वाहन (EV) और AI डेटा सेंटर्स में चांदी का भारी उपयोग हो रहा है, जिससे इसकी मांग रिकॉर्ड स्तर पर है।
निवेशकों के लिए विशेषज्ञों की राय
बाजार जानकारों का मानना है कि चांदी इस समय सोने से भी बेहतर प्रदर्शन कर रही है। हालाँकि, मौजूदा ऊंचे स्तरों पर सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। नए निवेशकों के लिए एक साथ बड़ी रकम लगाने के बजाय SIP (Systematic Investment Plan) के जरिए निवेश करना जोखिम कम करने का बेहतर तरीका हो सकता है।



