SCL मोहाली को 4,500 करोड़, निजीकरण नहीं होगा

भारत सरकार एससीएल मोहाली को अत्याधुनिक सेमीकंडक्टर फैब बनाने के लिए 4,500 करोड़ रुपये देगी; निजीकरण नहीं होगा। आज छात्रों द्वारा डिजाइन की गई 28 चिप्स सौंपी गईं, जल्द ही उत्पादन क्षमता 100 गुना बढ़ेगी।

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नई दिल्ली। केंद्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स एवं आईटी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने 28 नवंबर, 2025 को मोहाली स्थित सेमीकंडक्टर लैबोरेटरी (एससीएल) का दौरा किया और साफ कहा कि एससीएल का निजीकरण नहीं होगा, बल्कि इसे दुनिया की सबसे आधुनिक फैब बनाया जाएगा। सरकार इसके लिए 4,500 करोड़ रुपये का निवेश करेगी।

100 गुना ज्यादा वेफर बनेंगे

मंत्री ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एससीएल के लिए स्पष्ट रोडमैप तैयार किया है। इस पैसे से पुरानी मशीनों को हटाकर नई तकनीक लाई जाएगी। अभी जहां कुछ सौ वेफर बनते हैं, वहां जल्द ही हजारों-लाखों वेफर हर महीने बनेंगे, यानी उत्पादन क्षमता मौजूदा स्तर से 100 गुना बढ़ जाएगी। इससे रक्षा, अंतरिक्ष, रेलवे और टेलीकॉम जैसे रणनीतिक क्षेत्रों में भारत पूरी तरह आत्मनिर्भर बनेगा।

छात्रों ने बनाई 28 चिप्स, आज सौंपी गईं

कार्यक्रम में सबसे खूबसूरत पल तब आया जब 17 कॉलेजों के छात्रों ने खुद डिजाइन की हुई 28 चिप्स मंत्री को सौंपीं। ये चिप्स ‘चिप्स टू स्टार्टअप’ (C2S) योजना के तहत बनी हैं। अब तक एससीएल में छात्रों ने कुल 56 चिप्स तैयार की हैं। इस मौके पर मंत्री ने कहा, दुनिया में शायद ही कोई देश होगा जहां 300 से ज्यादा विश्वविद्यालयों के छात्र सरकारी मदद से विश्व स्तरीय सॉफ्टवेयर इस्तेमाल कर चिप डिजाइन कर रहे हों। यह भारत का अपना अनूठा मॉडल है।

नई प्रोसेस गैलरी और ट्रेनिंग सेंटर का उद्घाटन

इस अवसर पर मंत्री ने दो नई सुविधाओं का उद्घाटन किया। इसमें सेमीकंडक्टर प्रोसेस गैलरी- यहां पुरानी और नई मशीनें लगी हैं, जिससे छात्रों को असली फैब का अनुभव मिलेगा। वहीं, दूसरा अभ्युत्थान प्रशिक्षण ब्लॉक- यहां ऑनलाइन-ऑफलाइन कोर्स के साथ फायर और सेफ्टी ट्रेनिंग भी होगी।

स्टार्टअप्स और शोधकर्ताओं का साथी बना रहेगा एससीएल

मंत्री ने जोर देकर कहा कि एससीएल स्टार्टअप्स, शोधकर्ताओं और छात्रों के लिए हमेशा खुला रहेगा। जो भी नया चिप डिजाइन करेगा, उसे यहां बनाकर सिलिकॉन चिप में बदला जाएगा। इसके लिए और जगह चाहिए, इसलिए पंजाब सरकार से 25 एकड़ अतिरिक्त जमीन मांगी गई है।

रक्षा और अंतरिक्ष के लिए स्वदेशी चिप

अश्विनी वैष्णव ने कहा कि रणनीतिक क्षेत्रों में दूसरे देशों पर निर्भर रहना ठीक नहीं। अब सी-डैक, डीआरडीओ, इसरो और एससीएल मिलकर पूरी तरह भारतीय चिप्स बनाएंगे, जिसमें डिजाइन से लेकर फैब्रिकेशन तक सब कुछ स्वदेशी होगा।

Sandeep Kumar

sandeepx4a@gmail.com

संदीप कुमार एक अनुभवी वरिष्ठ पत्रकार हैं, जिन्हें समाचार जगत में 14 साल से ज्यादा काम किया है। इन्हें गहन शोध, सटीक रिपोर्टिंग और निष्पक्ष पत्रकारिता के लिए जाना जाता है। उन्होंने ETV Bharat, Hyderabad में साढ़े पाँच वर्षों तक महत्वपूर्ण भूमिका निभाई और राष्ट्रीय से लेकर क्षेत्रीय स्तर तक कई अहम खबरों को प्रभावशाली अंदाज में प्रस्तुत किया। इसके साथ ही उन्होंने Network 10, TOTAL News, MH1 समेत कई प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में भी अपनी पत्रकारिता का कौशल साबित किया। राजनीति, राष्ट्रीय सुरक्षा, समाज और जनसरोकार से जुड़े मुद्दों पर पकड़ मजबूत है। इस समय newG india में कार्यरत हैं।

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