नई दिल्ली: मोदी सरकार ने देश में 4 नए लेबर कोड लागू कर दिए हैं। जानकार इसे बड़ा रिफार्म बता रहे हैं। आपके मन में भी सवाल उठ रहा होगा कि इससे हमें क्या फायदा मिलेगा? तो चलिए इसको समझते हैं… सरकार का कहना है कि उनका उद्देश्य श्रमिकों को फायदा पहुँचाना है। चाहे कोई मजदूर किसी फैक्ट्री में काम करता हो या फिर किसी कैब सर्विस में या फूड डिलीवरी का काम करता हो। इस कोड के जरिए उन्हें न सिर्फ वेतन मिलेगा बल्कि सामाजिक सुरक्षा और स्वास्थ्य लाभ भी मिलेगा।
कैब ड्राइवर और फूड डिलीवरी पार्टनर को फायदा
निश्चित अवधि वाले कर्मचारी अब परमानेंट कर्मचारियों जैसी सुविधा पाने के हकदार होंगे। उन्हें छुट्टी, मेडिकल सुविधा का पूरा लाभ मिलेगा। कैब ड्राइवर या फूड डिलीवरी पार्टनर भी औपचारिक रूप से कर्मचारियों की श्रेणी में आएंगे। पहले इन्हें कर्मचारी नहीं माना जाता था। इस वजह से इन्हें PF, मेडिकल या अन्य तरह की सुविधाएं भी नहीं मिल पाती थी।
महिलाओं को समान वेतन
महिला कर्मचारियों को अब पुरुषों के समान वेतन मिलेगा। महिलाएं अब नाईट शिफ्ट में भी काम कर सकेंगी। इसके अलावा खदानों और भारी मशीनों वाले क्षेत्रों में भी उनकी नियुक्ति होगी। कांट्रैक्ट वर्कर्स को परमानेंट कर्मचारियों की तरह मेडिकल सुविधा, सामाजिक सुरक्षा और नियमित स्वास्थ्य जांच का लाभ मिलेगा। पहले ठेके पर काम करने वालों को ये सुविधाएं नहीं थी।
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न्यूनतम मजदूरी की गारंटी
नई नौकरी शुरू करने वाले युवाओं को न्यूनतम मजदूरी की गारंटी मिलेगी। कंपनियों को अपॉइंटमेंट लेटर देना अनिवार्य होगा। जितना घंटे काम करवाया जाएगा, उसके अनुसार कंपनी को वेतन देना पड़ेगा। अगर ओवरटाइम करवाया जाता है तो इसके बदले कर्मचारी को दोगुना वेतन मिलेगा। पहले जहां 5 साल तक नौकरी के बाद ग्रेच्युटी मिलती थी, अब एक साल की पक्की नौकरी के बाद कर्मचारियों को ग्रेच्युटी मिलेगी।



