नई दिल्ली। मुखर्जी नगर एसएफएस सोसायटी में RWA (Resident Welfare Association) चुनाव से ठीक 24 घंटे पहले माहौल पूरी तरह चुनावी रंग में रंग चुका है। मुख्य गेट से लेकर गलियारों तक,पार्क से लेकर घरों के बाहर तक, हर जगह सिर्फ एक ही चर्चा है कि रविवार को सोसायटी की कमान किसके हाथ जाएगी?
उम्मीदवारों की ‘फाइनल रन’-सपोर्ट जुटाने की कोशिशें तेज
चुनाव से पहले का यह अंतिम दिन उम्मीदवारों के लिए बेहद अहम रहा। तीनों पैनल ने शाम तक मिनी-मीटिंग्स, कॉफी कन्वर्सेशन और डोर-टू-डोर संपर्क साध रहे है। अपने-अपने मैनिफेस्टो से लोगों को अवगत करा रहे है वहीं वाट्सएप पर आरोप-प्रत्यारोप भी तेज हो गया है।

उम्मीदवार अपने घोषणापत्र का सार निवासियों को समझा रहे हैं। जिसमें कई तरह के वादें किया गया है। एक पैनल सदस्य ने कहा कि हमने इस बार बदलाव और पारदर्शिता को मुख्य मुद्दा बनाया है। उम्मीद है निवासी इस प्रयास को समझेंगे। वहीं दूसरे पैनल के सदस्य ने कहा कि मैने अपनी निष्ठा और पूरी ईमानदारी से सोसायटी की सेवा की है तो कृपया मेरे पूरे पैनल को जरूर वोट दें। यह भी समझना है कि यह चुनाव कोई राजनीतिक पद लाभ या प्रतिष्ठा का चुनाव नहीं है।

निवासी कर रहे विचार-विमर्श-किसे दें वोट, कौन निभाए जिम्मेदारी
चुनाव से पहले निवासी भी अपने-अपने स्तर पर मंथन कर रहे हैं। सोसायटी का व्हाट्सऐप ग्रुप पूरे दिन एक्टिव रहे। चर्चाएं,सवाल और सुझाव लगातार चलते रहे। एक दूसरे पर आरोप-प्रत्यारोप भी दिनभर चला। एक वरिष्ठ निवासी ने कहा, आरडल्यूए का फैसला हमारी रोजमर्रा की जिंदगी पर असर डालता है। इसलिए इस बार वोट सोच-समझकर डालेंगे।

चुनाव समिति ने तैयारियां पूरी कीं, वोटिंग बूथ सेट
चुनाव समिति ने बताया कि मतदान की सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। सेंट्रल पार्क में बूथों की सफाई और सेटअप किया गया है। रविवार सुबह साढ़े आठ बजे से वोटिंग शुरू किया जाएगा। मतदाता सूची का अंतिम सत्यापन किया गया है। सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा भी की गई है। मतदान केंद्र पर फोटो आईडी अनिवार्य होगी और मतदान शुरू होगा। सोसायटी मैनेजमेंट भी सतर्क है। गेटों पर अतिरिक्त गार्ड, सीसीटीवी की लाइव मॉनिटरिंग और इमरजेंसी टीम अलर्ट पर रहेगी ताकि किसी प्रकार की अव्यवस्था न हो।

कल होगा असली फैसला: नया नेतृत्व या फिर पुरानी टीम को ही मौका?
अब सबकी निगाहें कल के मतदान पर टिक गई हैं। क्या सोसायटी में बदलाव की लहर आएगी?
या मौजूदा टीम पर ही फिर भरोसा किया जाएगा? कल के नतीजे यह तय करेंगे कि अगले एक साल तक सोसायटी चलाने की जिम्मेदारी किसके हाथों रहेगी।



