नई दिल्ली: सितंबर का आखिरी हफ्ता भारत के मौसम को दो चेहरों में बांट रहा है। जहां उत्तर भारत में दक्षिण-पश्चिम मानसून धीरे-धीरे पीछे हट रहा है, वहीं बंगाल की खाड़ी में नया कम दबाव क्षेत्र सक्रिय हो गया है। भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने 23 सितंबर 2025 को जारी बुलेटिन में बताया कि उत्तर बंगाल की खाड़ी के ऊपर बना यह लो प्रेशर पश्चिम-उत्तर पश्चिम दिशा में बढ़ रहा है। अगले 24 घंटों में यह और मजबूत हो सकता है, और 25 सितंबर तक एक नया सिस्टम विकसित होने की संभावना है। यह आगे डिप्रेशन में बदल सकता है, जो 27 सितंबर को दक्षिण ओडिशा और उत्तर आंध्र प्रदेश के तटों को छू सकता है। ऊपरी वायुमंडल में चक्रवाती हवाओं का असर भी जारी है, जो पूर्वी और मध्य भारत को प्रभावित कर रहा है।
मानसून की विदाई: उत्तर भारत में शुष्क हवाओं का स्वागत
आईएमडी के अनुसार, मानसून ने गुजरात, राजस्थान, हरियाणा और पंजाब के कई हिस्सों से अलविदा कह दिया है। अगले 48 घंटों में यह उत्तर प्रदेश, दिल्ली, हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर के कुछ इलाकों से भी पीछे हट सकता है। दिल्ली में मानसून गुरुवार तक विदा हो सकता है, जिससे हवा की गुणवत्ता मॉडरेट स्तर पर पहुंच सकती है। लेकिन पूर्वी तटों पर मानसून की विदाई की बजाय नई ऊर्जा आ रही है, जो भारी बारिश का कारण बनेगी।
भारी बारिश का कहर: ऑरेंज और येलो अलर्ट, कितनी बरसेगी?
आज (23 सितंबर) पश्चिम बंगाल के गंगा तटीय इलाकों और ओडिशा में मूसलाधार बारिश का अलर्ट है। विभाग ने 115.6 से 204.4 मिमी तक वर्षा की चेतावनी दी है, साथ ही ऑरेंज अलर्ट जारी किया। येलो अलर्ट वाले राज्यों में असम-मेघालय, छत्तीसगढ़, तटीय आंध्र प्रदेश, झारखंड, मध्य महाराष्ट्र-मराठवाड़ा, नागालैंड-मणिपुर-मिजोरम-त्रिपुरा, तेलंगाना और उत्तर आंतरिक कर्नाटक में 64.5 से 115.5 मिमी बारिश हो सकती है। द्वीप समूहों, उत्तर-पूर्व, पूर्वी-पश्चिमी-मध्य भारत में गरज-चमक के साथ छिटपुट बारिश, जबकि दक्षिण भारत और पश्चिमी हिमालय में हल्की बौछारें संभव है।
तूफानी हवाएं और बिजली का डर: समुद्र तटों पर हाई अलर्ट
बारिश के साथ अंडमान-निकोबार, तटीय आंध्र, ओडिशा और पश्चिम बंगाल के गंगा तटीय इलाकों में 40-50 किमी/घंटा की रफ्तार से तेज हवाएं और बिजली चमकने का खतरा। बिहार, झारखंड, आंतरिक कर्नाटक, रायलसीमा, उप-हिमालयी बंगाल-सिक्किम और तेलंगाना में 30-40 किमी/घंटा हवाओं के साथ बौछारें और वज्रपात संभव। असम-मेघालय, छत्तीसगढ़, पूर्वी राजस्थान, केरल-गोवा, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र और तमिलनाडु में भी गरज-चमक के साथ हादसे हो सकते हैं। मछुआरों को बंगाल की खाड़ी में न उतरने की सलाह।
बाढ़ का काला साया: इन जिलों में सतर्क रहें
भारी बारिश से जलभराव और अचानक बाढ़ का अलर्ट कई जिलों में। मध्य महाराष्ट्र के अहमदनगर, धुले, जलगांव, नंदुरबार, नासिक; मराठवाड़ा के औरंगाबाद, बीड, जालना, लातूर, नांदेड़, उस्मानाबाद में अगले 24 घंटे खतरनाक। उत्तर आंतरिक कर्नाटक के बेलगाम, बीजापुर, गुलबर्गा में भी यही हाल। ओडिशा के ढेंकनाल, जाजपुर, केंद्रपाड़ा, मयूरभंज, सुंदरगढ़; पश्चिम बंगाल के पूर्वी-पश्चिमी मेदिनीपुर, पुरुलिया, दक्षिण 24 परगना; झारखंड के बोकारो, धनबाद, पूर्वी सिंहभूम, गिरिडीह, खूंटी, रामगढ़, रांची, सरायकेला-खरसावां, पश्चिमी सिंहभूम में नदियों-नालों के किनारे सावधानी बरतें। आईएमडी ने किसानों को फसलें सुरक्षित रखने और ग्रामीणों को ऊंचे स्थानों पर जाने की हिदायत दी।
तापमान का खेल: गर्मी से ठंडक तक
22 सितंबर को राजस्थान के श्रीगंगानगर में पारा 39.5 डिग्री सेल्सियस तक चढ़ा, जबकि असम के हाफलोंग में न्यूनतम 18.5 डिग्री रहा। दिल्ली में आज अधिकतम 33-35 और न्यूनतम 23-25 डिग्री रहने का अनुमान।
कल की बारिश: कहां-कितनी बरसी?
22 सितंबर को कोंकण-गोवा के दहानू में 7 सेमी, मुंबई में 2 सेमी; पश्चिम बंगाल के मिदनापुर में 5 सेमी, दीघा-सागर द्वीप में 2-2 सेमी; अंडमान के पोर्ट ब्लेयर में 4 सेमी; मध्य महाराष्ट्र के बारामती में 4 सेमी, महाबलेश्वर में 2 सेमी वर्षा हुई। ओडिशा के संबलपुर में 4 सेमी, छत्तीसगढ़ के जगदलपुर में 3 सेमी, बिहार के पूर्णिया में 3 सेमी, गुजरात के दमन में 2 सेमी, तेलंगाना के हैदराबाद में 2 सेमी, मध्य प्रदेश के इंदौर में 2 सेमी, असम-मेघालय के बारापानी में 2 सेमी बरसे। कोंकण-गोवा, गंगा मैदानी पश्चिम बंगाल, गुजरात, उप-हिमालयी बंगाल-सिक्किम, झारखंड, पूर्वी यूपी, तटीय आंध्र-यानम, पूर्वी राजस्थान, उत्तर-पूर्वी राज्य, तेलंगाना, अंडमान-निकोबार और मध्य महाराष्ट्र में गरज के साथ बौछारें पड़ीं। बाकी इलाकों में मौसम शुष्क रहा।



