बगहा: बिहार विधानसभा चुनाव 2025 से पहले मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने वाल्मीकिनगर में 1001 करोड़ रुपये की विभिन्न योजनाओं का शिलान्यास और लोकार्पण कर क्षेत्रवासियों को सौगात दी है। योजनाओं में मधुबनी डिग्री कॉलेज, दोन नहर सड़क और प्रस्तावित लव-कुश पार्क जैसी महत्वपूर्ण परियोजनाएं शामिल हैं। दो नहर सड़क के निर्माण से इनरवा बॉर्डर तक आवागमन सुगम होगा, जबकि गंडक पार दियारा इलाके में डिग्री कॉलेज के बनने से उच्च शिक्षा को नई गति मिलेगी।

पर्यटन को नई दिशा मिलेगी
वाल्मीकिनगर विधायक रिंकू सिंह ने बताया कि रामायण सर्किट और प्रस्तावित लव-कुश पार्क से पर्यटन को नई दिशा मिलेगी। मुख्यमंत्री ने वाल्मीकि कन्वेंशन सभागार में महिला स्वयं सहायता समूह, जीविका दीदी और आंगनबाड़ी सेविकाओं से संवाद किया। हालांकि, कुछ महिलाएं सीएम से व्यक्तिगत रूप से मुलाकात न कर पाने पर नाराज दिखीं। इसी दौरान एक दिव्यांग दंपति ने भी अपनी समस्याएं मुख्यमंत्री के सामने रखीं।

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लाभार्थियों ने कार्यक्रम स्थल पर योजनाओं की प्रदर्शनी भी लगाई, जिसमें ग्रामीण विकास से जुड़ी उपलब्धियों को दिखाया गया। सीएम और उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने इसे करीब से देखा और उपस्थित जनसमूह का अभिवादन स्वीकार किया। डीएम धर्मेंद्र कुमार के नेतृत्व में पूरा जिला प्रशासन मौजूद रहा, जबकि सुरक्षा के मद्देनजर जिला पुलिस के साथ एसएसबी के जवान तैनात थे। सीमावर्ती इलाका होने के कारण पुख्ता इंतजाम किए गए थे।
विधानसभा चुनाव से पहले सीएम नीतीश का यह दौरा जेडीयू के लिए रणनीतिक महत्व का है। वाल्मीकिनगर विधानसभा क्षेत्र, जो नेपाल सीमा से सटा है, हमेशा से पार्टी का मजबूत गढ़ रहा है। नीतीश कुमार ने यहां से विकास के बड़े वादे कर विपक्ष को कड़ा संदेश दिया है। सीएम नीतीश अपने निर्धारित कार्यक्रम के तहत वाल्मीकिनगर पहुंचे, जहां डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी, मंत्री विजय चौधरी और JDU के कार्यकारी अध्यक्ष संजय झा उनके साथ मौजूद रहे।
बेतिया में कार्यकर्ताओं से संवाद
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने बेतिया में एनडीए कार्यकर्ता सम्मेलन के दौरान कार्यकर्ताओं से संवाद किया और 2025 के बिहार विधानसभा चुनाव को ध्यान में रखते हुए सरकार द्वारा किए गए विकास कार्यों को गिनाया। उन्होंने राजद के कार्यकाल की तुलना करते हुए कहा कि पहले अल्पसंख्यकों के लिए कब्रिस्तान की घेराबंदी नहीं होती थी और हिन्दूमुस्लिम के झगड़े आम बात थे, लेकिन उनकी सरकार में यह स्थिति बदल गई। उन्होंने यह भी बताया कि मंदिरों की सुरक्षा के लिए बाउंड्री व अन्य जरूरी काम कराए गए हैं, जिससे पुराने मंदिर सुरक्षित हुए और चोरी की घटनाओं में कमी आई। इसके साथ ही, उन्होंने समाज के हर वर्ग अगड़े, पिछड़े और दलित के लिए किए गए विकास कार्यों का जिक्र किया।
मुख्यमंत्री ने महिलाओं के लिए भी किए गए कामों पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि पंचायतों में आरक्षण से लेकर बिहार सरकार की नौकरियों में पैंतीस प्रतिशत आरक्षण महिलाओं के लिए सुनिश्चित किया गया है। उन्होंने लोगों को 2005 से पहले के बिहार की स्थिति याद दिलाते हुए कहा कि उस समय अपराध, अपहरण और अन्य सामाजिक असुरक्षा आम थी, लेकिन उनकी सरकार ने इसे बदल दिया। उन्होंने स्पष्ट किया कि उनके शासन में महिलाओं और कमजोर वर्गों के हितों के लिए कई ठोस कदम उठाए गए हैं, जबकि विपक्ष ने इसके लिए कोई ठोस काम नहीं किया।



