नई दिल्ली: देशभर में बच्चों की मौत का कारण बने कोल्ड्रिफ कफ सिरप बनाने वाली कंपनी श्रीसन फार्मा के डायरेक्टर गोविंदन रंगनाथन को गिरफ्तार कर लिया गया है। मध्य प्रदेश सरकार द्वारा गठित SIT की टीम ने बुधवार को चेन्नई से रंगनाथन को पकड़ा। SIT की टीम ने कंपनी से महत्वपूर्ण दस्तावेज, दवाओं के नमूनों और प्रोडक्शन के रिकॉर्ड जब्त कर लिए हैं।
पत्नी के साथ था फरार
रंगनाथन अपनी पत्नी के साथ फरार था। उसके ऊपर 20 हजार रुपये का इनाम रखा गया था। चेन्नई में रंगनाथन का 2,000 वर्ग फुट का अपार्टमेंट था, जिसे सील कर दिया गया है। छिंदवाड़ा SP अजय पांडे ने जानकारी दी कि SIT रंगनाथन को चेन्नई कोर्ट में पेश करेगी और उसका ट्रांजिट रिमांड मांगेगी। इसके बाद उसे छिंदवाड़ा लाया जाएगा।
अब तक 24 की गई जान
बता दें कि कफ सिरप पीने इस अब तक 24 बच्चों की मौत हो गई है। बच्चों को दी जाने वाली कोल्ड्रिफ सिरप में डाइएथिलीन ग्लाइकॉल नाम का खतरनाक और जानलेवा केमिकल मिला है। अगर यह केमिकल शरीर के अंदर चला जाता है तो किडनी फेल्योर, लिवर डैमेज और मौत तक हो सकती है।
सरकार ने लगाया बैन
कोल्ड्रिफ (Coldrif) कफ सिरप को लेकर देशभर में डर का माहौल बना हुआ है। सरकार की तरफ से एडवाइजरी जारी की गई है। केंद्र ने कहा है कि 2 साल से कम उम्र के बच्चों को कफ सिरप न दी जाएं। बड़े बच्चों को भी कफ सिरप देने से पहले सावधानी रखें। मध्य प्रदेश के छिंदवाड़ा में जिन बच्चों की मौत कोल्ड्रिफ सिरप पीने से हुई, उसमें 46.2% डाइएथिलीन ग्लाइकॉल (DEG) था। मध्य प्रदेश, राजस्थान और तमिलनाडु में कोल्ड्रिफ बैन है।
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बच्चों को दे रहे इतना जहर
डायएथिलीन और एथिलीन ग्लाइकॉल बच्चों के लिए बेहद खतरनाक हैं। इसलिए, दुनिया भर में इनके इस्तेमाल पर नियंत्रण है। किसी भी कफ सिरप या दवा में डायएथिलीन और एथिलीन ग्लाइकॉल की मात्रा बहुत कम, लगभग 0.1% या उससे कम होनी चाहिए। बच्चों को जो कफ सिरप दी गई थी, उसमें जहरीले केमिकल की मात्रा 486 गुना ज्यादा थी।



