पटना: बिहार विधानसभा चुनाव 2025 से ठीक पहले विपक्षी महागठबंधन (INDIA ब्लॉक) में सीट बंटवारे को लेकर बुधवार को कई दौर की बैठकें हुईं, लेकिन सीट बंटवारे पर कोई सहमति नहीं बन पाई। हालांकि, राष्ट्रीय जनता दल (RJD) ने तेजस्वी यादव को मुख्यमंत्री पद का उम्मीदवार घोषित करने का प्रस्ताव रखा है, साथ ही तीन उपमुख्यमंत्री पदों का फॉर्मूला सुझाया है।
तेजस्वी को सीएम, डिप्टी सीएम फॉर्मूला पर जोर
सूत्रों के मुताबिक, RJD ने महागठबंधन के नेताओं के साथ बुधवार को पटना में आयोजित बैठकों में तेजस्वी यादव को स्पष्ट रूप से सीएम फेस घोषित करने का आग्रह किया। पार्टी का प्रस्ताव है कि सरकार बनने पर तीन डिप्टी सीएम बनाए जाएं: एक RJD से, एक कांग्रेस से और एक VIP से। यह फॉर्मूला VIP प्रमुख मुकेश साहनी की मांग को ध्यान में रखते हुए तैयार किया गया है, जो डिप्टी सीएम पद पर अड़ा हुआ है। साहनी ने दावा किया है कि महागठबंधन की जीत सुनिश्चित करने के लिए उनकी पार्टी को महत्वपूर्ण भूमिका मिलनी चाहिए।
RJD के एक वरिष्ठ नेता ने बताया कि तेजस्वी यादव बिहार की जनता की उम्मीद हैं। हमारा फॉर्मूला गठबंधन की एकता को मजबूत करेगा और NDA के खिलाफ मजबूत मोर्चा खड़ा करेगा। यह प्रस्ताव महागठबंधन में शामिल आठ दलों—RJD, कांग्रेस, CPI, CPM, CPI-ML, VIP, LJP (पारस) और JMM—के बीच संतुलन बनाने की कोशिश है।
VIP का दावा: 12 सीटें, लेकिन सिटिंग सीटों पर विवाद
VIP ने कुल 12 सीटों पर दावा किया है, लेकिन इनमें से छह सीटें ऐसी हैं जहां सहयोगी दलों की सिटिंग एमएलए हैं। इनमें RJD, कांग्रेस और CPI-ML की दो-दो सिटिंग सीटें शामिल हैं। बुधवार की बैठकों में इन छह सीटों पर सहमति नहीं बन पाई। मुकेश साहनी ने कहा कि हमारी मांग न्यायपूर्ण है। डिप्टी सीएम पद मिलने पर हम सीटों पर लचीलापन दिखा सकते हैं। VIP ने मूल रूप से 40-60 सीटों की मांग की थी, लेकिन अब 12-18 पर समझौता करने को तैयार है, बशर्ते डिप्टी सीएम का वादा हो।
सूत्रों की मानें तो VIP की मांगों को ध्यान में रखते हुए RJD अपनी कुछ सीटें छोड़ने को तैयार है, लेकिन कांग्रेस का विरोध एक बाधा है। कांग्रेस ने कहा है कि बिना उनकी सहमति के ऐसा नहीं हो सकता।
भाकपा-माले और छोटे दलों की मांगें
भाकपा-माले ने हर हाल में 19 से अधिक सीटें मांगी हैं। 2020 में 19 सीटों पर लड़कर 12 जीतने वाली पार्टी अब 30-40 सीटों का दावा कर रही है, जिसमें नई जिलों जैसे दरभंगा, मधुबनी, नालंदा, गया और चंपारण की सीटें शामिल हैं। पार्टी ने RJD के 19 सीटों के प्रस्ताव को ठुकरा दिया है। दूसरी ओर, CPI और CPM 2020 के फॉर्मूले (कुल 35 सीटें) पर अड़े हैं। CPI ने 24 और CPM ने 11 सीटें मांगी हैं। छोटे दल जैसे LJP (पारस) को 2 सीटें और JMM को 6 सीटें मिल सकती हैं। महागठबंधन के नेता अब इन विवादित सीटों पर जल्द सहमति बनाने की कोशिश कर रहे हैं, क्योंकि नामांकन प्रक्रिया कल से 121 सीटों के लिए शुरू हो रही है।
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उधर, कांग्रेस नेताओं के दिल्ली में होने के कारण बुधवार की बैठकों में उनकी हिस्सेदारी सीमित रही। राहुल गांधी और तेजस्वी के बीच हाल की मुलाकात के बाद 50 सीटों पर समझौता होने की संभावना है, लेकिन अंतिम फैसला बाकी है।
महागठबंधन में ये पेंच NDA के लिए फायदेमंद साबित हो सकते हैं, जहां सीट बंटवारा लगभग तय हो चुका है। बिहार की 243 सीटों पर 6 और 11 नवंबर को दो चरणों में मतदान होगा, जबकि 14 नवंबर को मतगणना। गठबंधन की एकता चुनावी परिणाम तय करेगी, जहां बेरोजगारी, अपराध और शिक्षा जैसे मुद्दे प्रमुख हैं।



