चंडीगढ़: आम आदमी पार्टी के भीतर चल रहा घमासान अब चरम पर पहुंच गया है। पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने राज्यसभा में डिप्टी लीडर के पद से हटाए गए राघव चड्ढा पर सीधा हमला करते हुए उन्हें “कॉम्प्रोमाइज्ड” करार दिया है। मान ने पार्टी की कार्रवाई को जायज ठहराते हुए कहा कि चड्ढा के हालिया तेवर बताते हैं कि वह अब “किसी और स्टेशन” से बोल रहे हैं।
समोसे और पिज्जा बनाम राष्ट्रीय मुद्दे
चंडीगढ़ में पत्रकारों से बात करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत मान ने कहा कि जब पार्टी एमएसपी और केंद्रीय फंड जैसे गंभीर मुद्दों पर लड़ रही है, तब एक सांसद का संसद में “एयरपोर्ट के समोसे और पिज्जा डिलीवरी” जैसे तुच्छ विषयों को प्राथमिकता देना उनकी निष्ठा पर सवाल उठाता है। मान ने स्पष्ट किया, “जो लोग पार्टी लाइन तोड़ते हैं, उनके खिलाफ कार्रवाई होनी ही चाहिए।” उन्होंने इस बदलाव को नियमित फेरबदल के बजाय एक जरूरी अनुशासनात्मक कदम बताया।
डर और चुप्पी के गंभीर आरोप
पार्टी नेता अनुराग ढांडा ने भी मान के सुर में सुर मिलाते हुए चड्ढा पर तीखा प्रहार किया। ढांडा ने सोशल मीडिया पर आरोप लगाया कि राघव चड्ढा पिछले कुछ सालों से “डरे हुए” हैं और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ बोलने से बच रहे हैं। उन्होंने दावा किया कि चड्ढा ने मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ पार्टी के प्रस्ताव पर हस्ताक्षर करने से भी इनकार कर दिया था। पार्टी के वरिष्ठ नेताओं का कहना है कि जब गुजरात में ‘आप’ कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार किया जा रहा था, तब चड्ढा “सॉफ्ट पीआर” में व्यस्त थे और विपक्षी वॉकआउट से भी दूरी बना रखी थी।
राघव चड्ढा की चेतावनी
पार्टी की घेराबंदी के बीच राघव चड्ढा ने कड़ा रुख अपनाया है। उन्होंने पार्टी द्वारा उनके बोलने पर रोक लगाने की कोशिश को आम आदमी की आवाज दबाने का प्रयास बताया। चड्ढा ने बैंकिंग चार्ज और टैक्स के मुद्दों पर अपने फोकस का बचाव करते हुए पूछा, “क्या जनता के मुद्दे उठाना अब पार्टी में अपराध हो गया है?”
उन्होंने चेतावनी भरे लहजे में कहा, “मेरी खामोशी को मेरी हार न समझें। मैं वह दरिया हूं जो वक्त आने पर सैलाब बन जाता है।” बता दें कि राघव की जगह अब अशोक कुमार मित्तल को राज्यसभा में उप-नेता नियुक्त किया गया है।



