नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने पश्चिम बंगाल दौरे के दूसरे दिन सिलीगुड़ी में एक विशाल जनसभा को संबोधित करते हुए तृणमूल कांग्रेस (TMC) सरकार पर तीखा हमला बोला। पीएम मोदी ने ममता बनर्जी सरकार पर वोट बैंक की राजनीति और तुष्टिकरण का आरोप लगाते हुए कहा कि टीएमसी ने विकास की अनदेखी कर केवल अपने खास वर्ग को प्राथमिकता दी है। उन्होंने साफ लहजे में कहा कि अब समय आ गया है जब टीएमसी को बंगाल की जनता को अपने 15 साल के शासन का हिसाब देना होगा।
वोट बैंक के लिए विकास की बलि
रैली को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने आंकड़ों का हवाला देते हुए कहा कि टीएमसी ने मदरसों के लिए 6000 करोड़ रुपये आवंटित किए लेकिन बंगाल के समग्र विकास और बुनियादी ढांचे के लिए कुछ नहीं किया। आपने टीएमसी के शासनकाल में बंगाल की बर्बादी देखी है। यह सरकार सिर्फ अपने खास वोट बैंक को खुश करने के लिए तिजोरी खोलती है।” उन्होंने दावा किया कि बंगाल की जनता अब बदलाव का मन बना चुकी है और टीएमसी की विदाई तय है।
‘कमल खिलाओ, घुसपैठिया भगाओ’ का नारा
प्रधानमंत्री ने नागरिकता संशोधन अधिनियम (CAA) का जिक्र करते हुए ममता सरकार को ‘निर्मम’ करार दिया। उन्होंने जनसभा में ‘कमल खिलाओ, घुसपैठिया भगाओ’ का नारा बुलंद किया। पीएम ने कहा, “हमने CAA के जरिए आपको सुरक्षा और वोटिंग की गारंटी दी है, जबकि टीएमसी घुसपैठियों के संरक्षण में लगी है।” उन्होंने सिलीगुड़ी में उमड़ी भीड़ को टीएमसी की ‘नींद उड़ाने वाली’ जनसभा बताया और शनिवार को हुए रोड शो के लिए जनता का आभार व्यक्त किया।
दार्जिलिंग और जलपाईगुड़ी के सियासी समीकरण
पीएम मोदी ने इस रैली के जरिए दार्जिलिंग जिले की सभी 5 और जलपाईगुड़ी की 7 विधानसभा सीटों पर भाजपा उम्मीदवारों के लिए समर्थन मांगा।
दार्जिलिंग: वर्तमान में यहां की सभी 5 सीटों पर भाजपा का कब्जा है। यहां गोरखा पहचान की राजनीति और सिलीगुड़ी जैसे व्यापारिक केंद्रों के मुद्दे अहम हैं।
जलपाईगुड़ी: यहां मुकाबला कड़ा है, जहां 7 में से 4 सीटों पर टीएमसी और 3 पर भाजपा के विधायक हैं। इस क्षेत्र में राजबंशी और एसटी समुदाय की भूमिका निर्णायक मानी जाती है।



