नई दिल्ली: राजधानी की ऐतिहासिक जड़ों को टटोलने और युवा पीढ़ी को अपनी समृद्ध वास्तुकला से रूबरू कराने के लिए दिल्ली विकास प्राधिकरण (डीडीए) आज, 13 अप्रैल से महरौली आर्कियोलॉजिकल पार्क में ‘हेरिटेज वीक’ का आगाज करने जा रहा है।
18 अप्रैल तक चलने वाले इस महोत्सव के माध्यम से दिल्ली की सांस्कृतिक विरासत को एक नए स्वरूप में पेश किया जाएगा।
MyGov के साथ पहली बार साझेदारी
इस आयोजन की सबसे बड़ी विशेषता डीडीए की MyGov पोर्टल के साथ पहली डिजिटल साझेदारी है। इसके तहत एक अखिल भारतीय फोटोग्राफी प्रतियोगिता आयोजित की जा रही है।
देशभर के फोटोग्राफर महरौली की ऐतिहासिक सुंदरता को अपने लेंस में कैद कर पोर्टल पर साझा कर सकेंगे। साथ ही, भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) के सहयोग से क्षेत्र में किए गए संरक्षण कार्यों पर आधारित एक विशेष प्रदर्शनी भी लगाई जाएगी।
वॉक, स्केचिंग और कहानी लेखन
विरासत के प्रति जागरूकता फैलाने के लिए 15 और 16 अप्रैल का दिन विशेष रूप से विद्यार्थियों के नाम रहेगा। स्कूली बच्चों के लिए निम्नलिखित गतिविधियां आयोजित की जाएंगी:
हेरिटेज वॉक: ऐतिहासिक स्मारकों के बीच पैदल भ्रमण।
संवाद और कहानी लेखन: इतिहास को शब्दों में पिरोने की चुनौती।
स्केचिंग और चित्रकला: कैनवास पर उतरेगी प्राचीन वास्तुकला।
डीडीए ने शिक्षा निदेशालय को पत्र लिखकर स्कूली बच्चों की अधिकतम भागीदारी सुनिश्चित करने की अपील की है, ताकि किताबी ज्ञान से इतर बच्चे अपनी विरासत को साक्षात देख सकें।
आम नागरिकों के लिए 17 अप्रैल को ‘हेरिटेज वॉक’
केवल छात्र ही नहीं, बल्कि आम नागरिकों के लिए भी 17 अप्रैल को एक विशेष हेरिटेज वॉक का आयोजन किया गया है। इसमें विशेषज्ञ महरौली के ऐतिहासिक परिदृश्य और दिल्ली की स्थापत्य शैली की बारीकियों से लोगों को अवगत कराएंगे।
कव्वाली की धुनों के साथ होगा सांस्कृतिक समापन
18 अप्रैल को ‘अंतरराष्ट्रीय स्मारक एवं स्थल दिवस’ के अवसर पर इस आयोजन का भव्य समापन होगा। इस दिन पुरस्कार वितरण समारोह के साथ-साथ चयनित कलाकृतियों की प्रदर्शनी लगाई जाएगी। शाम को एक रूहानी ‘कव्वाली संध्या’ के साथ इस एक सप्ताह के उत्सव को विराम दिया जाएगा।
संवरी है महरौली की सूरत
अक्टूबर 2023 में पुनर्स्थापित किए गए इस पार्क में अब इतिहास और आधुनिक सुविधाओं का अद्भुत मेल दिखता है।
प्रमुख स्मारकों का पुनरुद्धार: बलबन का मकबरा और कुली खान के मकबरे को सूक्ष्म आंतरिक नक्काशी के साथ संरक्षित किया गया है।
पार्क में ऐसे स्थल विकसित किए गए हैं जहां से कुतुब मीनार का मनोहारी दृश्य स्पष्ट दिखाई देता है। उद्यान के सभी 55 धरोहर स्थलों को रास्तों से जोड़ दिया गया है।
मेटकाफ बोटहाउस के पास जलाशय का पुनर्जीवन कर वहां फाउंटेन और आकर्षक लाइटिंग की व्यवस्था की गई है, जिससे रात के समय पार्क की सुंदरता कई गुना बढ़ जाती है।



