छात्रों में बढ़ते तनाव पर ‘सुप्रीम’ एक्शन, देशभर में सर्वे शुरू

छात्रों की बढ़ती मानसिक तनाव और आत्महत्या की घटनाओं को रोकने के लिए बना राष्ट्रीय कार्य बल (NTF) ने 6 नवंबर को सुप्रीम कोर्ट को अंतरिम रिपोर्ट सौंप दी। अब देश भर के कॉलेज-यूनिवर्सिटी, छात्रों, टीचरों और पैरेंट्स से बड़े सर्वे के जरिए सुझाव मांगे जा रहे हैं, जिसकी आखिरी तारीख 15 दिसंबर तक बढ़ाई गई।

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नई दिल्ली। मार्च 2025 में सुप्रीम कोर्ट ने देश में कोचिंग और कॉलेजों में छात्रों की मानसिक सेहत की गंभीर स्थिति को देखते हुए एक राष्ट्रीय कार्य बल बनाने का आदेश दिया था। इसका काम यह समझना है कि छात्र इतना तनाव में क्यों हैं और आत्महत्या की घटनाओं को कैसे रोका जाए। इसको लेकर 6 नवंबर 2025 को इस टास्क फोर्स ने अपनी पहली (अंतरिम) रिपोर्ट कोर्ट को सौंप दी। अब कोर्ट के अगले निर्देश का इंतजार है।

पूरे देश से मांगे जा रहे हैं सुझाव

टास्क फोर्स ने 8 अगस्त को एक खास वेबसाइट शुरू की, जिसका नाम ntf.education.gov.in है। इसमें दो तरह के सर्वे हैं, जिसमें कॉलेज-यूनिवर्सिटी के लिए (संस्था का सर्वे) और छात्रों, टीचरों, पैरेंट्स और मेंटल हेल्थ एक्सपर्ट्स के लिए (व्यक्तिगत सर्वे) है। ऐसे में सवाल बहुत साफ और जरूरी है कि पढ़ाई का दबाव, जाति-धर्म-लिंग के नाम पर भेदभाव, पैसे की तंगी, काउंसलर की कमी, हॉस्टल की स्थिति, सब कुछ पूछा जा रहा है। सबसे अच्छी बात यह है कि आपका नाम पूरी तरह गोपनीय रहेगा।

15 दिसंबर तक मौका, सबको भरना चाहिए

पहले सर्वे की आखिरी तारीख थी, लेकिन जवाब कम आए इसलिए अब 15 दिसंबर 2025 तक बढ़ा दी गई है। शिक्षा मंत्रालय ने सभी विश्वविद्यालयों को चिट्ठी लिखी है कि वे अपना सर्वे जरूर भरें। टास्क फोर्स ने सभी राज्यों के नोडल अफसरों से भी कहा है कि वे अपने इलाके के कॉलेजों को प्रोत्साहित करें।

असली समस्या समझने की कोशिश

टास्क फोर्स समस्याओं को समझने के लिए कई पहलुओं को जानना चाहता है। इसमें कॉलेजों में कितने काउंसलर हैं?, एंटी-रैगिंग, एंटी-डिस्क्रिमिनेशन कमेटियां काम कर भी रही हैं या सिर्फ कागज पर हैं? लड़कियों, एससी-एसटी छात्रों, दिव्यांग और LGBTQ+ छात्रों को कितना सुरक्षित लगता है अपना कैंपस? और फीस और हॉस्टल खर्च का बोझ कितना बड़ा है? यह सारे सवाल शामिल है। ऐसे में इन सबके जवाब ही तय करेंगे कि आगे कोई नई पॉलिसी बनेगी या नहीं।

आप भी हिस्सा बन सकते हैं

अगर आप छात्र हैं, टीचर हैं, पैरेंट हैं या मानसिक स्वास्थ्य का काम करते हैं, बस वेबसाइट पर जाएं और 10-15 मिनट में सर्वे भर दें। जितने ज्यादा लोग बोलेंगे, उतनी मजबूत सिफारिशें बनेंगी। यह सिर्फ एक सर्वे नहीं, लाखों छात्रों का भविष्य सुधारने का मौका है। छोटा-सा सर्वे भरकर हम सब मिलकर यह सुनिश्चित कर सकते हैं कि हमारा कैंपस पढ़ाई का घर बने, तनाव का बोझ नहीं।

Sandeep Kumar

sandeepx4a@gmail.com

संदीप कुमार एक अनुभवी वरिष्ठ पत्रकार हैं, जिन्हें समाचार जगत में 14 साल से ज्यादा काम किया है। इन्हें गहन शोध, सटीक रिपोर्टिंग और निष्पक्ष पत्रकारिता के लिए जाना जाता है। उन्होंने ETV Bharat, Hyderabad में साढ़े पाँच वर्षों तक महत्वपूर्ण भूमिका निभाई और राष्ट्रीय से लेकर क्षेत्रीय स्तर तक कई अहम खबरों को प्रभावशाली अंदाज में प्रस्तुत किया। इसके साथ ही उन्होंने Network 10, TOTAL News, MH1 समेत कई प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में भी अपनी पत्रकारिता का कौशल साबित किया। राजनीति, राष्ट्रीय सुरक्षा, समाज और जनसरोकार से जुड़े मुद्दों पर पकड़ मजबूत है। इस समय newG india में कार्यरत हैं।

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