5 ट्रिलियन इकॉनमी की ओर बढ़ते हुए भारत के सामने कचरे की समस्या विकराल रूप लेने लगी है। इन्ही चिंताओं को देखते हुए अब सरकारी कंपनियां भी आगे आ रही है। इस बार प्रधानमंत्री के आह्वान पर तथा कोयला मंत्रालय के मार्गदर्शन में सिंगरौली स्थित कोल इंडिया की सहायक कंपनी नॉर्दर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (NCL) ने एक स्पेशल कैंपेन 5.0 की शुरुआत की है। इस अभियान के दौरान स्वच्छता, रिकॉर्ड मैनेजमेंट, स्क्रैप निस्तारण पर फोकस किया जायेगा।
“वेस्ट टू ब्यूटी” के तहत अनोखी कलाकृति
इस अभियान के तहत खनन कार्यों से निकले आयरन स्क्रैप का रचनात्मक उपयोग करते हुए राष्ट्रीय पक्षी मोर और बारहसिंगा की भव्य मूर्तियां तैयार की जा रही हैं। यह कलाकृति NCL की पर्यावरण संरक्षण और नवाचार के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाती है।
बायो टॉयलेट दिशा में कदम
NCL ने अपने विभिन्न प्रोजेक्ट क्षेत्रों में 5 बायो-टॉयलेट स्थापित किए हैं, जिनका उद्देश्य श्रमिकों एवं आसपास की समुदायों को स्वच्छ और टिकाऊ शौचालय सुविधा उपलब्ध कराना है। ये बायो-टॉयलेट स्वच्छ भारत मिशन का समर्थन करते हुए पर्यावरण पर न्यूनतम प्रभाव डालते हैं।
समुदाय को जोड़ने के लिए “वेस्ट टू आर्ट” प्रतियोगिता
रचनात्मक मनोवृत्ति की दिशा में 17 अक्टूबर को केन्द्रीय विद्यालय, सिंगरौली में “वेस्ट टू आर्ट” प्रतियोगिता आयोजित की गई। छात्रों ने स्क्रैप सामग्री के पुन: उपयोग और रीसाइक्लिंग के नए और रचनात्मक विचार प्रस्तुत किए, जिससे समाज में सतत अपशिष्ट प्रबंधन को बढ़ावा मिला।

सफाई और प्रशासनिक दक्षता पर भी जोर
स्पेशल कैंपेन 5.0 के तहत NCL विभिन्न क्षेत्रों में स्वच्छता अभियान, जन-जागरूकता कार्यक्रम और रिकॉर्ड प्रबंधन को सुदृढ़ कर रहा है। कंपनी सरकार की स्वच्छ और हरित भारत की दृष्टि के अनुरूप स्वच्छता, प्रशासनिक दक्षता और पर्यावरण चेतना में नए मानक स्थापित करने की दिशा में कार्यरत है।
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अभियान के महत्वाकांक्षी लक्ष्य
NCL ने इस अभियान के तहत निम्न लक्ष्य निर्धारित किए हैं: जैसे 75 स्थानों पर सफाई अभियान, 85,000 वर्ग फुट क्षेत्र में स्वच्छता कार्य, 2,500 मीट्रिक टन स्क्रैप का निस्तारण, 350 फिजिकल फाइलों की समीक्षा, 9,000 ई-फाइलों का परीक्षण आदि।



