नई दिल्ली: भारत में तेजी से बढ़ती आबादी और वाहनों की संख्या ने ट्रैफिक जाम को एक गंभीर समस्या बना दिया है। सुबह ऑफिस जाते समय या शाम को घर लौटते वक्त लोग अक्सर घंटों जाम में फंस जाते हैं। बड़े शहरों में यह स्थिति और भी जटिल है। टॉमटॉम ट्रैफिक इंडेक्स 2024 की रिपोर्ट के अनुसार, भारत के कई शहर ट्रैफिक जाम के मामले में शीर्ष पर हैं। इस रिपोर्ट ने 62 देशों के 500 शहरों में यात्रा समय, भीड़भाड़ का स्तर और ईंधन लागत जैसे कारकों का विश्लेषण किया है। आइए जानते हैं भारत के उन पांच शहरों के बारे में जहां ट्रैफिक जाम सबसे अधिक परेशानी का कारण बनता है।
कोलकाता: जाम का सबसे बड़ा केंद्र
पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता भारत का सबसे अधिक ट्रैफिक जाम वाला शहर है। यहां 10 किलोमीटर की दूरी तय करने में औसतन 34 मिनट 33 सेकंड का समय लगता है। कोलकाता के लोग हर साल ट्रैफिक में करीब 110 घंटे बिताते हैं, जिससे समय और संसाधनों की भारी बर्बादी होती है।
बेंगलुरु: तकनीकी केंद्र में जाम की चुनौती
आईटी हब के रूप में मशहूर बेंगलुरु इस सूची में दूसरे स्थान पर है। यहां 10 किलोमीटर का सफर पूरा करने में औसतन 34 मिनट 10 सेकंड लगते हैं। बेंगलुरु के निवासी सालाना 117 घंटे ट्रैफिक में बिताते हैं, जो इसे वैश्विक स्तर पर तीसरे सबसे जामग्रस्त शहर बनाता है।
पुणे: औद्योगिक और शैक्षिक हब में ट्रैफिक की मार
महाराष्ट्र का पुणे तीसरे स्थान पर है। इस शहर में 10 किलोमीटर की दूरी तय करने में औसतन 33 मिनट 22 सेकंड लगते हैं। पुणे के लोग हर साल ट्रैफिक जाम में 108 घंटे बर्बाद करते हैं।
हैदराबाद: तकनीक के साथ ट्रैफिक का बोझ
तेलंगाना की राजधानी हैदराबाद इस सूची में चौथे स्थान पर है। यहां 10 किलोमीटर का सफर 31 मिनट 30 सेकंड में पूरा होता है। हैदराबाद के निवासी सालाना 85 घंटे ट्रैफिक में बिताते हैं।
चेन्नई: दक्षिण भारत का जामग्रस्त शहर
तमिलनाडु की राजधानी चेन्नई पांचवें स्थान पर है। यहां 10 किलोमीटर की दूरी तय करने में औसतन 30 मिनट 20 सेकंड लगते हैं। चेन्नई के लोग साल में 94 घंटे ट्रैफिक जाम में बिताते हैं।



