नई दिल्ली: क्या आपको पता है कि आप जिस इमारत में रहते हैं या काम करते हैं, वह डिजिटली कितना बेहतर तरीके से जुड़ा है? कहीं ऐसा तो नहीं कि इसको बनाने में जिस तरह की सामग्री का इस्तेमाल हुआ है, वह हाई फ्रीक्वेंसी पर आने वाले सिग्नल को कमजोर करता है? जवाब अगर आपके पास नहीं तो भारतीय दूरसंचार विनियामक प्राधिकरण (ट्राई) का इससे जुड़ा मानकीकृत फ्रेमवर्क देख लीजिए। इस लिहाज से पहली बार भवनों के जुड़ाव की रेटिंग ट्राई ने जारी कर दी है। इस फ्रेमवर्क से पता चलेगा कि हाई स्पीड, विश्वसनीय डिजिटल पहुंच के लिए आपका घर या दफ्तर कितना प्रभावी है।
वैसे यह होता ही है और ट्राई भी इसकी तस्दीक करता है कि हम-आप अपने 80 फीसदी से ज्यादा मोबाइल डेटा इमारत के अंदर खर्च करते हैं। इस वक्त यह 4जी और 5जी पर हैं। आगे यह फ्रीक्वेंसी 6 जी पर भी जानी है। लेकिन इमारत तैयार करने में जो सामग्री लगी है, वह कई बार इस फ्रीक्वेंसी को कमजोर देता है। इससे आपका आनलाइन कामकाज प्रभावित होता है। मतलब यह कि काम, शिक्षा, स्वास्थ्य सेवा और रोजमर्रा की डिजिटल सेवाओं के लिए मजबूत इन-बिल्डिंग नेटवर्क आवश्यक है। कमजोर इनडोर कनेक्टिविटी उपभोक्ता अनुभव और सेवा की समग्र गुणवत्ता को प्रभावित करेगी। ट्राई का फ्रेमवर्क बिल्डिंग विशेष की इस नजरिए से परख करता है।
डिजिटल कनेक्टिविटी पानी और बिजली की तरह जरूरी
ट्राई के अध्यक्ष अनिल कुमार लाहोटी तो यहां तक मानते हैं कि मौजूदा दौर में डिजिटल कनेक्टिविटी कोई विलासिता की वस्तु नहीं रह गई है। यह बिजली व पानी की तरह ही एक अनिवार्य बुनियादी ढांचा है। आज यह विकास, नवोन्मेषण और अवसर को शक्ति प्रदान करता है। यह हर भवन को डिजिटल इंडिया विजन के लिए तैयार करने, अधिक से अधिक नागरिकों को हमारी कनेक्टेड अर्थव्यवस्था में पूरी तरह से भाग लेने में सक्षम बनाने और समावेशी राष्ट्रीय विकास की नींव रखने की दिशा में एक निर्णायक कदम है।
क्या है मैनुअल में
- डिजिटल कनेक्टिविटी रेटिंग एजेंसियों (डीसीआरए) के लिए एक समान मूल्यांकन पद्धति स्थापित की गई।
- भविष्य के लिए तैयार डिजिटल कनेक्टिविटी इन्फ्रास्ट्रक्चर (डीसीआई) योजना बनाने, उसको लागू करने और रखरखाव के लिए संपदा प्रबंधकों (पीएम) और सेवा प्रदाताओं हेतु एक संदर्भ ढांचे के रूप में कार्य करता है।
- फाइबर की तैयारी, भवन के अंदर मोबाइल कवरेज, वाई-फाई कवरेज, ब्रॉडबैंड स्पीड और समग्र उपयोगकर्ता अनुभव शामिल हैं।
- यह खरीदारों, किरायेदारों और व्यवसायों को वास्तविक डिजिटल कनेक्टिविटी निष्पादन के आधार पर सूचित निर्णय लेने में सक्षम बनाता है।
- डिजाइन और निर्माण चरण से ही मजबूत डिजिटल बुनियादी ढांचे को एकीकृत करने के लिए डेवलपर्स को प्रोत्साहित करता है।



