नवाचार सदियों से भारत की पहचान का अभिन्न अंग रहा हैः पीयूष गोयल

केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल का मानना है कि नवाचार अपने देश की सहस्राब्दियों से चली आ रही रवायत है। मौका नई दिल्ली के द्वारका में आईपीओ का उद्घाटन का था।

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नई दिल्ली: केंद्रीय वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने नई दिल्ली में बौद्धिक संपदा कार्यालय (आईपीओ) के नव-विस्तारित आईएसए भवन का उद्घाटन किया। उन्होंने कहा कि नवाचार सदियों से भारत की पहचान का अभिन्न अंग रहा है और यह कोई नई बात नहीं है। कोणार्क मंदिर का उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि ऐसी ऐतिहासिक संरचनाओं की सटीकता और इंजीनियरिंग, देश में हज़ारों वर्षों से भी अधिक समय से चली आ रही नवाचार की गहरी संस्कृति को दर्शाती है।

विकसित देश में नवाचार, नए विचार, अनुसंधान पहले

केंद्रीय मंत्री ने कहा कि प्रत्येक विकसित देश में नवाचार, नए विचार, अनुसंधान और विकास प्राथमिकता रहे हैं। देश का विकास नवाचार के कंधों पर टिका है और बौद्धिक संपदा पारिस्थितिकी तंत्र को अब दुनिया भर में विकास के एक प्रमुख प्रवर्तक के रूप में मान्यता मिल रही है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि यदि सभी हितधारक अपने कर्तव्यों का प्रभावी ढंग से पालन करें तो यह संस्थान 2047 तक विकसित भारत की ओर देश की यात्रा का केंद्र बन जाएगा और अनुसंधान एवं विकास के लिए एक आधारशिला के रूप में कार्य करेगा।

भारत प्रतिभा का केंद्र बनेगा

केंद्रीय मंत्री जितिन प्रसाद ने कहा कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में भारत की प्रगति उल्लेखनीय है। बौद्धिक संपदा का विकास बहुत अच्छी तरह से हो रहा है और भारत इलेक्ट्रॉनिक्स, आईटी और सेमीकंडक्टर के लिए एक प्रतिभा केंद्र बन जाएगा।

जानें भवन के बारे में

इस भवन के भूतल और पहले तल पर प्रशासनिक और पेशेवर टीमें स्थित हैं जिनमें पेटेंट, डिजाइन और ट्रेडमार्क महानियंत्रक (CGPDTM) का कार्यालय भी शामिल है। दूसरी से छठी मंजिलों पर पेटेंट, डिजाइन, कॉपीराइट और ट्रेडमार्क से जुड़े अधिकारियों के लिए समर्पित कार्यस्थल, साथ ही परीक्षा कक्ष, तकनीकी और कानूनी अनुभाग और अंतर्राष्ट्रीय मामलों के प्रभाग भी हैं। सातवीं मंजिल पर एक अत्याधुनिक अंतर्राष्ट्रीय प्रशिक्षण केंद्र है, जिसमें पाँच पूरी तरह सुसज्जित प्रशिक्षण कक्ष, उच्च गति इंटरनेट कनेक्टिविटी और आईपी पेशेवरों और हितधारकों की क्षमता निर्माण के लिए आधुनिक डिजिटल उपकरण उपलब्ध है

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