नई दिल्ली। वाराणसी के नमो घाट पर चल रहे ‘काशी तमिल संगमम् 4.0’ में केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय की इकाई केंद्रीय संचार ब्यूरो द्वारा लगाई गई प्रदर्शनी लोगों के आकर्षण का केंद्र बनी हुई है। तीसरे दिन प्रदर्शनी में हजारों की संख्या में आए स्कूली छात्र-छात्राओं, तमिलनाडु से पहुंचे डेलिगेट्स और स्थानीय नागरिकों ने प्रदर्शित सामग्री का अवलोकन किया। तमिलनाडु से आए प्रतिनिधियों ने प्रदर्शनी की जमकर सराहना की और कहा कि इस चित्र प्रदर्शनी में काशी और तमिल संस्कृति की महान विभूतियों का अद्भुत संगम देखने को मिलता है, जो भारत की विरासत की अनमोल झलक प्रस्तुत करता है।

प्रदर्शनी में केंद्रीय संचार ब्यूरो द्वारा स्कूली बच्चों के लिए चित्रकला प्रतियोगिता का आयोजन भी किया गया, जिसमें विजेताओं को पुरस्कृत किया गया। ‘काशी तमिल संगमम्’ के इस चतुर्थ संस्करण में लगाई गई चित्र प्रदर्शनी काशी और तमिलनाडु के बीच सदियों पुराने सांस्कृतिक, आध्यात्मिक और ऐतिहासिक संबंधों को और मजबूत करने का प्रयास है। प्रदर्शनी में दोनों क्षेत्रों की महान विभूतियों के जीवन, कार्य, योगदान और देश निर्माण में उनकी भूमिका को विशेष रूप से दर्शाया गया है।

तमिलनाडु की विभूतियों का जीवन दर्शन
तमिलनाडु की विभूतियों ऋषि अगस्त्य, अव्वैयार, तिरुवल्लुवर, कारैकल अम्मैयार, अंडाल, थिरूनावुक्कारसर, वल्लालर, यूवी स्वामीनाथ अय्यर, डॉ. मुथुलक्ष्मी रेड्डी, श्रीनिवास रामानुजन, जीडी नायडू, सुब्रमण्यम चंद्रशेखर, डॉ. एमएस स्वामीनाथन, डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम, वेंकटरामन रामकृष्णन, चक्रवर्ती राजगोपालाचारी, डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन, सीवी रमन, के. कामराज, चिदंबरम सुब्रमण्यम और एम.जी. रामचंद्रन इन सभी के जीवन दर्शन को चित्रों और संक्षिप्त विवरणों के माध्यम से प्रस्तुत किया गया है।
काशी की महान विभूतियों को किया जीवंत
इसी प्रकार काशी की महान विभूतियों संत कबीरदास, संत रविदास, पंडित मदन मोहन मालवीय, उस्ताद बिस्मिल्लाह खान, पंडित रविशंकर और साहित्यकार जयशंकर प्रसाद की जीवनी और योगदान को भी जीवन्त रूप से प्रदर्शनी में शामिल किया गया है। काशी और तमिलनाडु की इन सांस्कृतिक हस्तियों का यह साझा मंच दोनों क्षेत्रों के बीच आध्यात्मिक और सांस्कृतिक पुल को और मजबूत बनाता है।
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चित्र प्रदर्शनी में केंद्र सरकार की उपलब्धियां
चित्र प्रदर्शनी में केंद्र सरकार की पिछले 11 वर्षों की उपलब्धियों, जन कल्याणकारी नीतियों, श्रम सुधारों, जीएसटी दरों में की गई कटौतियों और नई श्रम संहिता से जुड़ी जानकारी भी डिजिटल और ग्राफिक स्वरूप में प्रदर्शित की गई है। डिजिटल प्रदर्शनी के माध्यम से आगंतुक ‘काशी तमिल संगमम् 4.0’ के महत्व के साथ-साथ केंद्र सरकार की विभिन्न योजनाओं और पहलों के बारे में सरल और दृश्यात्मक रूप में जानकारी प्राप्त कर रहे हैं। वाराणसी शहर में आईईसी वैन के माध्यम से भी इस प्रदर्शनी का व्यापक प्रचार-प्रसार किया जा रहा है। यह प्रदर्शनी 15 दिसंबर तक जारी रहेगी और आने वाले दिनों में भी बड़ी संख्या में लोगों के आकर्षण का केंद्र बनी रहेगी।



