नई दिल्ली। मिजोरम के पूर्व राज्यपाल और देश के वरिष्ठ अधिवक्ता स्वराज कौशल का गुरुवार दोपहर दिल्ली स्थित आवास पर हृदय गति रुकने से आकस्मिक निधन हो गया। अचानक तबीयत बिगड़ने पर उन्हें उनकी पुत्री और लोकसभा सांसद बांसुरी स्वराज सहित परिजनों ने तत्काल एम्स अस्पताल पहुंचाया, लेकिन चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। उनके निधन से राजनीतिक, सामाजिक और कानूनी जगत में गहरा शोक व्याप्त है।
स्व. सुषमा स्वराज के पति थे कौशल
स्वराज कौशल, पूर्व विदेश मंत्री स्वर्गीय सुषमा स्वराज के पति थे। उनका पार्थिव शरीर एम्स से सांसद बांसुरी स्वराज के आवास 10, तालकटोरा रोड लाया गया, जहां अंतिम दर्शनों के लिए रखा गया। बाद में सनातन रीति-रिवाजों के अनुसार सूर्यास्त से पहले लोधी रोड श्मशान घाट पर उनका अंतिम संस्कार किया गया। उनकी पुत्री बांसुरी स्वराज ने अपने पिता को मुखाग्नि दी।
दिग्गजों ने शोक व्यक्त किया
सांसद बांसुरी स्वराज के आवास पर शोक व्यक्त करने वालों का तांता लगा रहा। लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला, केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान, गजेंद्र सिंह शेखावत, किरण रिजिजू, भाजपा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष बैजयंत जय पांडा, केंद्रीय राज्य मंत्री अनुप्रिया पटेल, भाजपा प्रवक्ता सुधांशु त्रिवेदी, सांसद कमलजीत सहरावत, निशिकांत दुबे, सुप्रिया सुले, संगीता देवी और अन्य जनप्रतिनिधियों ने पहुंचकर श्रद्धांजलि अर्पित की।
राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार
लोधी रोड श्मशान घाट पर भी हजारों कार्यकर्ता और नागरिक मौजूद रहे। अंतिम संस्कार से पूर्व केंद्रीय मंत्री अर्जुन मेघवाल, दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता, विधानसभा अध्यक्ष विजेंद्र गुप्ता, आरएसएस के वरिष्ठ पदाधिकारी इंद्रेश कुमार, अनिल गुप्ता, भारत अरोड़ा और दयानंद जी सहित अनेक गणमान्य व्यक्तियों ने श्रद्धासुमन अर्पित किए। दिल्ली भाजपा अध्यक्ष वीरेंद्र सचदेवा, सांसद मनोज तिवारी, रामवीर सिंह बिधूड़ी, डॉ. साबित पात्रा, पूर्व प्रदेश अध्यक्ष आदेश गुप्ता और सतीश उपाध्याय सहित कई नेताओं ने दिवंगत नेता को अंतिम विदाई दी।
वीरेंद्र सचदेवा ने दी श्रद्धांजलि
दिल्ली भाजपा अध्यक्ष वीरेंद्र सचदेवा ने उन्हें श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि स्वराज कौशल का निधन केवल बांसुरी स्वराज की व्यक्तिगत क्षति नहीं, बल्कि पूरे देश के लिए एक अपूरणीय क्षति है। उन्होंने कहा कि देश ने एक कुशल अधिवक्ता, संवेदनशील जनसेवक और सच्चे स्टेटसमैन को खो दिया है।
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अंतिम संस्कार से पूर्व दिल्ली पुलिस की टुकड़ी ने पूरी राजकीय मर्यादा के साथ उन्हें अंतिम सलामी दी। स्वराज कौशल के निधन ने राजनीतिक और कानूनी क्षेत्र में गहरी रिक्तता छोड़ दी है, जिसे भरना बेहद कठिन होगा।



