नई दिल्ली। दक्षिण अफ्रीका में खेले जा रहे जूनियर महिला हॉकी विश्व कप (Junior Women’s Hockey World Cup) में भारत ने अपने अभियान की शुरुआत ऐसे अंदाज में की, जिससे टूर्नामेंट की बाकी टीमें सतर्क हो जाएंगी। शुरुआती मुकाबले में भारतीय टीम ने नामीबिया (India vs Namibia) को 13-0 के विशाल अंतर से मात देकर अंक तालिका में पहला स्थान हासिल कर लिया। मैच के दौरान भारतीय खिलाड़ियों ने हर क्वार्टर में अपना दबदबा बनाए रखा और विपक्षी टीम को सांस लेने तक का मौका नहीं दिया।
पहले ही क्वार्टर में मैच भारत की मुट्ठी में
पहली सीटी बजते ही भारत ने आक्रामक खेल का प्रदर्शन किया। चार मिनट के भीतर लगातार गोलों की झड़ी लगाकर टीम ने साफ कर दिया कि उनका लक्ष्य केवल जीतना ही नहीं, बल्कि बड़े अंतर से जीतना है। मैच का पहला गोल साक्षी राणा ने शानदार रिवर्स फ्लिक के साथ किया। इसके तुरंत बाद कनिका सिवाच ने बेहतरीन फिनिशिंग दिखाते हुए स्कोर 2-0 कर दिया। बिनीमा धान और सोनम ने लय बनाए रखी और स्कोरबोर्ड को 4-0 तक पहुंचा दिया। इस प्रदर्शन ने शुरुआती क्वार्टर में ही भारत को मजबूत बढ़त दिला दी।
हिना बानो और कनिका की हैट्रिक का कमाल
भारत की ओर से इस मुकाबले में सबसे बड़ा आकर्षण रहीं हिना बानो (Hina Bano) और कनिका सिवाच (Kanika Siwach), जिन्होंने शानदार हैट्रिक पूरी की।
- हिना ने 35वें, 35वें और 45वें मिनट में लगातार तीन गोल दागे।
- वहीं कनिका ने 12वें, 30वें और 45वें मिनट में गोल कर अपनी स्कोरिंग क्षमता का लोहा मनवाया। इन दोनों खिलाड़ियों की तेजतर्रार गति और सटीक शॉट्स ने नामीबिया की डिफेंस को पूरी तरह अस्त-व्यस्त कर दिया।
भारत की अटैकिंग रणनीति में दिखा संतुलन
सिर्फ स्टार खिलाड़ियों ने ही नहीं, बल्कि टीम के अन्य सदस्यों ने भी उत्कृष्ट खेल प्रदर्शित किया।
- साक्षी राणा ने 10वें और 23वें मिनट में दो गोल किए।
- इशिका (36वां) और साक्षी शुक्ला (27वां) ने विपक्षी पर दबाव बनाए रखा।
- पेनल्टी कॉर्नर पर मनीषा (60वां मिनट) ने गोल के साथ स्कोर को 13-0 पर पहुंचाया और भारत की शानदार जीत को अंतिम रूप दिया।
भारतीय खिलाड़ियों के पास दिखी बॉल कंट्रोल, पासिंग और फिनिशिंग का बेहतरीन संगम नामीबिया के लिए चुनौती बनता गया और वे आखिर तक गोल दागने में असफल रहे।
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तालिका में शीर्ष पर भारत, अगले मुकाबलों पर नजर
इस जीत के बाद भारत ने ग्रुप स्टेज में एक मजबूत संदेश भेज दिया है। बड़ी जीत से न सिर्फ टीम का मनोबल बढ़ा है, बल्कि गोल अंतर (Goal Difference) भी मजबूत हुआ है, जो आगे के चरणों में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। टीम मैनेजमेंट ने आखिरी क्वार्टर में बेंच पर मौजूद खिलाड़ियों को भी मौका दिया ताकि सभी को बड़ा टूर्नामेंट अनुभव मिल सके। भारतीय टीम अब अपनी अगली भिड़ंत में भी इसी लय को बरकरार रखने की कोशिश करेगी।
जूनियर महिला हॉकी विश्व कप में भारत की शुरुआत बिल्कुल वैसी ही रही, जैसी हर प्रशंसक चाहता था आक्रामक, आत्मविश्वासी और जीत के जज़्बे से भरी हुई। अगर यही प्रदर्शन जारी रहा, तो इस बार खिताब जीतने का सपना हकीकत में बदल सकता है।



