नई दिल्ली। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) ने वेनेजुएला में सक्रिय कथित ड्रग नेटवर्क को लेकर एक और बड़ा बयान दिया है। उन्होंने साफ कहा है कि अमेरिका जल्द ही कैरिबियन के बाद अब वेनेजुएला (Venezuela) की जमीन पर मौजूद ड्रग तस्करों (Drug Trafficking) पर सीधा हमला करेगा। यह बयान ऐसे समय में आया है जब दोनों देशों के बीच पहले से ही तनाव गहराया हुआ है।
कैरिबियन में हमलों के बाद जमीन पर कार्रवाई की तैयारी
ट्रंप ने मंगलवार को कैबिनेट मीटिंग के दौरान कहा कि वेनेजुएला में ड्रग तस्करी लगातार बढ़ रही है और अब केवल समुद्री कार्रवाई पर्याप्त नहीं है। उन्होंने कहा, “हम जानते हैं कि गलत लोग कहाँ रहते हैं। उनसे निपटना जमीन पर ज्यादा आसान होगा और बहुत जल्द ये कार्रवाई शुरू होगी।” इस बयान को अमेरिका की अब तक की नीति में बड़ा बदलाव माना जा रहा है, क्योंकि अब तक वहां की सेना समुद्र में संदिग्ध नावों को ही निशाना बना रही थी।
अब तक 80 से अधिक लोगों की मौत
अमेरिकी प्रशासन की हालिया कार्रवाई में 80 से अधिक संदिग्ध ड्रग तस्कर मारे जा चुके हैं। इन हमलों को लेकर ट्रंप प्रशासन की आलोचना भी हो रही है। कई मानवाधिकार संगठनों ने दावा किया है कि इन हमलों में जांच और सबूतों की प्रक्रिया का पालन नहीं किया गया। हालांकि, राष्ट्रपति ट्रंप ने इन आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि ये अभियान राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ा है और किसी भी कीमत पर रोका नहीं जाएगा।
दूसरे हमले पर उठा विवाद
कैरिबियन में 2 सितंबर को हुए एक दूसरे हवाई हमले को लेकर विवाद और बढ़ गया है। रिपोर्ट्स के मुताबिक पहली कार्रवाई में नाव पर सवार सभी लोग नहीं मारे गए थे, इसलिए दूसरा हमला किया गया। इस घटना पर खुद ट्रंप ने कहा कि उन्हें इस दूसरी कार्रवाई की जानकारी पहले नहीं थी। उन्होंने कहा, “मुझे दूसरे हमले की जानकारी नहीं थी। मैंने सिर्फ सुना था कि एक ड्रग बोट को उड़ाया गया था।”
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रक्षा मंत्रालय भी जांच के घेरे में
ट्रंप के बयान के बाद अमेरिकी वॉर सेक्रेटरी पीट हेगसेथ भी सवालों के घेरे में आ गए हैं। उन्होंने कहा कि पहला हमला उन्होंने लाइव देखा था, लेकिन उसके बाद मीटिंग के लिए चले गए और दूसरे हमले की जानकारी देर से मिली। हेगसेथ ने कहा, “मैंने वहां किसी को जिंदा नहीं देखा, सब आग में जल रहा था। इसे ‘फ़ॉग ऑफ़ वॉर’ कहते हैं।”
तनाव और बढ़ने की आशंका
विशेषज्ञों का मानना है कि इस बयान के बाद अमेरिका और वेनेजुएला के बीच कूटनीतिक तनाव और बढ़ सकता है। वेनेजुएला सरकार पहले ही अमेरिका पर संप्रभुता का उल्लंघन करने का आरोप लगा चुकी है, और अब जमीन पर हमले की घोषणा को युद्ध जैसी चेतावनी माना जा रहा है। यह देखना अब महत्वपूर्ण होगा कि क्या अमेरिका वास्तव में जमीन पर सैन्य अभियान शुरू करता है या यह बयान केवल दबाव बनाने की रणनीति है।



