नई दिल्ली: अमेरिका की ओर से थोपे गए टैरिफ का जवाब देने के लिए भारत दूसरे देशों से व्यापारिक रिश्ते मजबूत कर रहा है। नई दिल्ली में हुए सीआईआई इंडिया-अफ्रीका बिजनेस कॉन्क्लेव में केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल का संबोधन इसके लिए अहम है। उन्होंने कहा कि भारत और अफ्रीका को 2030 तक द्विपक्षीय व्यापार को दोगुना करने के लिए कार्य करना चाहिए। इसमें मूल्य संवर्धन, तकनीक-संचालित कृषि, नवीकरणीय ऊर्जा और स्वास्थ्य सेवा पर ध्यान केंद्रित किया जाना चाहिए।
उन्होंने कहा कि हमारे संबंध सिर्फ़ इतिहास या व्यापार तक सीमित नहीं है। यह साझा सपनों, चुनौतियों और साझा समाधानों के हैं। साथ मिलकर, हम अपनी अर्थव्यवस्थाओं को बदल सकते हैं, युवाओं को सशक्त बना सकते हैं और प्रत्येक नागरिक के लिए समृद्धि सुनिश्चित कर सकते हैं। भविष्य हमारे हाथ में है।
हम मिलकर वैल्यू एडेड प्रोडक्शन की ओर बढ़ सकते हैं
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि हम मिलकर कच्चे माल के निर्यात से आगे बढ़कर वैश्विक बाजारों के लिए मूल्यवर्धित उत्पादन की ओर बढ़ सकते हैं। उन्होंने कहा कि 20 साल पहले शुरू हुए इस कॉन्क्लेव के विचार ने अफ्रीकी देशों के अवसरों और क्षमताओं को उजागर किया है और साथ ही अफ्रीका और भारत दोनों की शक्ति को भी प्रदर्शित किया है।
भारत का निर्यात 42.7 अरब अमेरिकी डॉलर और आयात 40 अरब अमेरिकी डॉलर है। उन्होंने कहा, “यह उन अवसरों को दर्शाता है जिन्हें हमने वर्षों से गंवा दिया है और आज विस्तार की कितनी गुंजाइश है।
उन्होंने कहा कि अफ्रीका प्रति वर्ष लगभग 20 अरब अमेरिकी डॉलर मूल्य के मोटर वाहनों का आयात करता है, जबकि भारत वर्तमान में इस मांग का केवल लगभग 2 अरब अमेरिकी डॉलर ही पूरा करता है।
मॉरीशस के साथ भारत के घनिष्ठ संबंधों का उल्लेख करते हुए,गोयल ने दुग्ध उत्पादों, खाद्य तेलों और चावल जैसी आवश्यक वस्तुओं में मुद्रास्फीति के दबाव से निपटने में मॉरीशस को निरंतर समर्थन का आश्वासन दिया। उन्होंने कहा, “यही मित्रता और सहयोग की भावना है जो अफ्रीका के साथ भारत के जुड़ाव को परिभाषित करती है।
ग्लोबल मेडटेक शिखर सम्मेलन में पहुंचे मंत्री
केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने 17वें सीआईआई ग्लोबल मेडटेक शिखर सम्मेलन में उद्योग जगत से विकास के लिए साहसिक लक्ष्य निर्धारित करने और एक जीवंत भारत की आकांक्षाओं को पूरा करने के लिए सरकार की अनुसंधान, विकास एवं नवोन्मेषण योजना का उपयोग करने का आग्रह किया। मेडटेक उद्योग से आयातित वस्तुओं के बाजार से हटकर वैश्विक विनिर्माण और नवोन्मेषण हब बनने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि हमें अपनी आपूर्ति श्रृंखलाओं को सुरक्षित करने और निर्यात बाज़ारों के लिए निर्माण करने की आवश्यकता है। उन्होंने घरेलू और अंतर्राष्ट्रीय दोनों बाज़ारों के लिए किफायती, उच्च-गुणवत्ता वाले चिकित्सा उपकरणों के उत्पादन हेतु अनुसंधान और विकास (आर एंड डी) पर ज़ोर देने की आवश्यकता पर बल दिया।
उन्होंने कहा कि यूरोपीय संघ, मॉरीशस, ओमान, संयुक्त अरब अमीरात, पेरू और चिली के साथ एक व्यापक मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) पर बातचीत अग्रिम चरणों में है। हम अमेरिका के साथ एक द्विपक्षीय व्यापार संधि के लिए भी बातचीत कर रहे हैं। ये सभी समझौते, नए अवसरों, नए बाजारों, नए समझौतों, नए निवेश के द्वार खोलेंगे और परिमाण, गुणवत्ता और नवोन्मेषण को बढ़ावा देंगे। केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री श्री पीयूष गोयल ने ‘भारत बिल्डकॉन 2026’ पूर्वावलोकन का उद्घाटन किया
सरकार उद्योग को एकपक्षीय कार्रवाई से बचाने के लिए प्रतिबद्ध : गोयल
पीयूष गोयल ने भारत बिल्डकॉन 2026 के लिए पूर्वावलोकन समारोह का शुभारंभ किया। कहा कि केंद्र सरकार यह सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है कि उद्योग जगत को कुछ देशों की एकपक्षीय कार्रवाइयों से उत्पन्न अनावश्यक तनाव या कठिनाइयों का सामना न करना पड़े। उन्होंने उद्योग प्रतिनिधियों से उन क्षेत्रों पर प्रकाश डालने का आग्रह किया जहाँ वैकल्पिक बाज़ारों की आवश्यकता है। उन्होंने आश्वासन दिया कि वाणिज्य मंत्रालय नए अवसरों के लिए विश्व भर में भागीदारों से संपर्क कर रहा है। उन्होंने कहा कि कहा कि केंद्र सरकार उद्योग जगत को अंतरराष्ट्रीय बाज़ारों तक पहुंच बनाने और घरेलू अवसरों को मज़बूत करने जैसे सभी क्षेत्रो में सहयोग देने पर केंद्रित है,जिससे हर क्षेत्र को सहायता मिले। उन्होंने गुणवत्ता नियंत्रण प्रणाली (क्यूसीओ) में सक्रिय भागीदारी को भी प्रोत्साहित किया ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि भारत उच्च-गुणवत्ता वाले उत्पादों का एक विश्वसनीय आपूर्तिकर्ता बनकर उभरे।



