नई दिल्ली: केंद्रीय आयुष राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) और स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण राज्य मंत्री प्रतापराव जाधव ने नई दिल्ली में “परम्परागत प्रथाओं और नवाचार को जोड़ना” विषय पर आयोजित ब्रिक्स सीसीआई हेल्थकेयर शिखर सम्मेलन 2025 की अध्यक्षता की। उन्होंने कहा कि ब्रिक्स को समावेशी और स्थायी विकास में तेजी लाने के लिए मिलकर काम करना चाहिए।
उन्होंने कहा कि भारत सरकार ने अनुसंधान, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, औषधि उत्पादन और मजबूत नियामक तंत्र पर केंद्रित एक व्यापक आयुष इकोसिस्टम विकसित किया है। आज भारत में 1,000 से ज़्यादा आयुष कॉलेज हैं, जिनमें 500 से ज्यादा आयुर्वेद संस्थान शामिल हैं, जिन्हें एक व्यापक अनुसंधान नेटवर्क का सहयोग प्राप्त है।
उन्होंने जोर दिया कि आयुर्वेद और योग का वैश्विक बाजार तेजी से बढ़ रहा है लेकिन समावेशी, नैतिक और टिकाऊ विकास सुनिश्चित करना जरूरी है। उन्होंने सार्वजनिक-निजी भागीदारी, डिजिटल स्वास्थ्य नवाचार, न्यूट्रास्युटिकल अनुसंधान और उद्यमियों, नवप्रवर्तकों और किसानों को मान्यता देने पर ज्यादा ध्यान देने का आह्वान किया।
कम की जा सकती हैं आर्थिक कमजोरियां
मंत्री ने कहा कि आयुष उत्पादों के लिए मजबूत अंतर-ब्रिक्स सहयोग और सामंजस्यपूर्ण ढांचे से बाजारों का विस्तार हो सकता है, आर्थिक कमजोरियों को कम किया जा सकता है और भारत को स्वास्थ्य और कल्याण के क्षेत्र में वैश्विक नेता के रूप में स्थापित करने में मदद मिल सकती है।
आयुष मंत्रालय का 25 देशों के साथ समझौता
मंत्री ने बताया कि आयुष मंत्रालय ने 25 देशों के साथ समझौता ज्ञापनों पर हस्ताक्षर किए हैं। इससे पारंपरिक चिकित्सा के क्षेत्र में अंतरराष्ट्रीय सहयोग के लिए एक मज़बूत आधार तैयार हुआ है।
नए गठबंधन का आह्वान
उन्होंने ब्रिक्स देशों से आग्रह किया कि वे इस शिखर सम्मेलन का लाभ उठाकर नए गठबंधन बनाएं। ऐसे स्वास्थ्य सेवा मॉडल विकसित करें जो परंपरा और नवाचार का मिश्रण हों।



