नई दिल्ली: भारत की समुद्री शक्ति में विस्तार होने की संभावना है, क्योंकि इस बार भारत सरकार पूर्वी तट पर एक शिपयार्ड बनाने की योजना बना रही है। दरअसल समुद्री अमृत काल विजन 2047 के तहत, रक्षा मंत्रालय के रक्षा सार्वजनिक क्षेत्र उपक्रम, मझगांव डॉक शिपबिल्डर्स लिमिटेड ने भारत के पूर्वी तट पर एक विश्व स्तरीय ग्रीनफील्ड शिपयार्ड के विकास की संभावनाओं का पता लगाने के लिए तमिलनाडु के साथ एक समझौता ज्ञापन (MOU) पर हस्ताक्षर किए हैं।
मझगांव डॉक शिपबिल्डर्स लिमिटेड के बारे में
मझगांव डॉक शिपबिल्डर्स लिमिटेड मुंबई में स्थित भारत की एक प्रमुख सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनी है। यह भारतीय नौसेना के लिए युद्धपोतों और पनडुब्बियों का निर्माण करती है, तथा व्यावसायिक जहाजों और अपतटीय प्लेटफार्मों का भी निर्माण करती है। इसकी स्थापना 1774 में हुई थी और अब यह भारत के रक्षा क्षेत्र में महत्वपूर्ण योगदान देती है।
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समुद्री अमृत काल विज़न 2047
समुद्री अमृत काल विजन 2047 भारत का एक महत्वाकांक्षी दीर्घकालिक रोडमैप है। जिसका उद्देश्य 2047 तक भारत को एक विश्व स्तरीय समुद्री नेता और एक विकसित राष्ट्र बनाना है। यह बंदरगाहों के आधुनिकीकरण, तटीय शिपिंग और नौवहन को बढ़ावा देने, क्रूज पर्यटन को विकसित करने और भारत की नीली अर्थव्यवस्था का समर्थन करने के लिए एक व्यापक योजना है, जो तकनीकी नवाचार और डिजिटल एकीकरण पर ज़ोर देती है।



