आयुष मंत्रालय ने आज 23 सितंबर को अखिल भारतीय आयुर्वेद संस्थान (AIIA) गोवा में 10वां राष्ट्रीय आयुर्वेद दिवस मनाया गया। इस वर्ष आयुर्वेद दिवस के लिए थीम थी ‘लोगों और गृह के लिए आयुर्वेद’। यह पहली बार है जब एक निश्चित तिथि को यह दिवस मनाया जा रहा है। इससे पहले अमूमन यह धन्वंतरि जयंती पर यह दिवस मनाया जाता था।
आयुर्वेद की आधुनिक प्रासंगिकता पर बल
गोवा के मुख्यमंत्री डॉ. प्रमोद सावंत ने आयुर्वेद की आधुनिक प्रासंगिकता पर बल दिया और कहा कि मोटापा, मधुमेह और तनाव जैसी जीवनशैली संबंधी बीमारियों से निपटने में आयुर्वेद प्रभावी उपाय प्रदान करता है। उन्होंने गोवा की जैव विविधता और औषधीय पौधों के संरक्षण, शोध और व्यावसायिक खेती को बढ़ावा देने पर भी जोर दिया। मुख्यमंत्री ने एआईआईए गोवा, टाटा मेमोरियल सेंटर और गोवा सरकार के बीच एक त्रिपक्षीय समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर करने की घोषणा की, जिससे एकीकृत कैंसर विज्ञान केंद्र स्थापित होगा।
इस दौरान कई पहलें की गई शुरू
इस वर्ष कई नई पहलें भी शुरू की गईं, जिनमें देश का स्वास्थ्य परीक्षण अभियान और आयुर्वेदिक पदार्थों के लिए डिजिटल प्लेटफ़ॉर्म द्रव्य पोर्टल शामिल हैं। इसके अलावा आयुर्वेद और संबद्ध विज्ञान में प्रख्यात योगदानकर्ताओं को राष्ट्रीय धन्वंतरि आयुर्वेद पुरस्कार 2025 भी प्रदान किए गए।
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2014 में हुआ था आयुष मंत्रालय का गठन
आयुष मंत्रालय का गठन वर्ष 2014 में हुआ था और वर्ष 2016 से हर वर्ष धन त्रयोदशी (धन्वंतरि जयंती) के दिन आयुर्वेद दिवस मानाया जाता रहा है। धन त्रयोदशी की तिथि में बार-बार परिवर्तन होने के कारण इस वर्ष से आयुर्वेद दिवस का आयोजन अब 23 सितंबर को मनाने का फैसला किया गया है।




