कमजोर देशों की भूख मिटाएगा भारत, विश्व खाद्य कार्यक्रम को दिया वचन

दुनिया के कमजोर देशों की भूख मिटाने के लिए भारत से अपना हाथ आगे बढ़ाया है। इससे वैश्विक भुखमरी मिटाने में मदद मिलेगी। इसके लिए WFP से एक साझेदारी की है।

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नई दिल्ली: भारत कमजोर देशों को भुखमरी से लड़ने में मदद करेगा। इसके लिए विश्व खाद्य कार्यक्रम (WFP) के साथ साझेदारी की है। दोनों ने आशय पत्र (एलओआई) पर हस्ताक्षर किया है। इससे वैश्विक भुखमरी संकट से निपटने में काफी मदद मिलेगी।

यह सहयोग वैश्विक साझेदारियों की मजबूती को दर्शाता है। भारत से चावल प्राप्त करके डब्ल्यूएफपी अपनी आवश्यकता से अधिक कृषि पैदावार वाले देश के संसाधनों का इस्तेमाल जीवन रक्षक सहायता प्रदान करने और भुखमरी से निपटने की दिशा में ठोस प्रगति करने के लिए करेगा।

‘पृथ्वी एक परिवार’

भारत के खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण विभाग के सचिव संजीव चोपड़ा ने कहा कि भारत वसुधैव कुटुम्बकम यानी ‘पृथ्वी एक परिवार’ के सिद्धांत और एक-दूसरे के प्रति सामूहिक जिम्मेदारी, उनके साझा भविष्य को लेकर प्रतिबद्ध है। खाद्य असुरक्षा का सामना कर रहे जरूरतमंद समुदायों के लिए देश का मानवीय समर्थन इसी का हिस्सा है।

डब्ल्यूएफपी ने की तारीफ

डब्ल्यूएफपी के उप कार्यकारी निदेशक कार्ल स्काउ ने कहा कि हम खाद्य-सुरक्षित और शांतिपूर्ण विश्व के निर्माण के लिए भारत की प्रतिबद्धता की गहराई से सराहना करते हैं। यह साझेदारी वैश्विक प्रयासों को मजबूत करने और जरूरतमंद लोगों को निरंतर सहायता सुनिश्चित करने के हमारे संयुक्त इरादे को दर्शाती है।

उन्होंने कहा कि खासकर ऐसे समय में जब दुनिया सीमित मानवीय सहायता निधि के बीच बढ़ती खाद्य असुरक्षा का सामना कर रही है, भुखमरी से निपटने में भारत का योगदान सराहनीय है।

फरवरी में भारत ने किया था वादा

यह पहल रोम में फरवरी में कार्यकारी बोर्ड के कार्यक्रम में भारत सरकार और डब्ल्यूएफपी के प्रतिनिधियों ने सहयोग के तौर-तरीकों पर विचार-विमर्श किया था। यह आशय पत्र मानवीय वितरण के लिए खाद्यान्न की विश्वसनीय आपूर्ति सुनिश्चित करने का आधार तैयार करता है। आपूर्ति श्रृंखला अनुकूलन (वितरण/खरीद), फोर्टिफाइड चावल की शुरुआत, अन्नपूर्ति उपकरण (अनाज एटीएम), जन पोषण केंद्र, स्मार्ट वेयरहाउसिंग तकनीक और फ्लोस्पैन (मोबाइल स्टोरेज यूनिट) पर विचार-विमर्श किया गया और साथ ही भविष्य में सहयोग के संभावित क्षेत्रों पर भी चर्चा की गई।

ग्लोबल हंगर इंडेक्स में कौन देश कहां हैं

ग्लोबल हंगर इंडेक्स (GHI) 2024 की लिस्ट में भारत 127 देशों में 105वें नंबर पर है। पिछले साल 125 देशों में 111वें स्थान पर था। 2022 में 121 देशों में से 107वें स्थान पर था। अभी भी हंगर इंडेक्स का स्कोर 27.3 है जो गंभीर बना हुआ है। नेपाल 68, श्रीलंका 56 और बांग्लादेश 84वें स्थान पर है। यानी इन देशों की हालत हमसे बेहतर है। पाकिस्तान की रैंकिंग 109 है। चीन, UAE और कुवैत समेत 22 देश पहले नंबर पर हैं। 

इन देशों की स्थिति ज्यादा खराब है

रैंकदेश
127.1*बुरुंडी*
127.1* दक्षिण सूडान*
127 सोमालिया
126यमन
125रिपब्लिक ऑफ चाड
124मेडागास्कर
123कांगो लोकतांत्रिक गणराज्य
122 हैती
121 नाइजर
120 लाइबेरिया
119केन्द्रीय अफ्रीकी गणराज्य
118 कोरिया (डीपीआर)
117सेरा लिओन
116अफगानिस्तार
115जाम्बिया
114गिनी-बिसाऊ
113सीरियाई अरब गणराज्य
110नाइजीरिया
110पापुआ न्यू गिनी

ग्लोबल हंगर इंडेक्स अक्तूबर में जारी होती है। आंकड़े 2024 की इंडेक्स के हैं।

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