नई दिल्ली: भारतीय नौसेना के बेड़े में शामिल हुए उदयगिरि व हिमगिरि देश के पूर्वी समुद्री तट के बढ़ते समुद्री महत्व को प्रकाश डालते हैं। इनसे भारत की समुद्री ताकत और भी बढ़ी है। मंगलवार रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की मौजूदगी में विशाखापत्तनम बेस में दोनों पोत नौसेना में शामिल किए गए। रक्षा मंत्री ने कहा कि कि यह जहाज अत्याधुनिक हथियारों व सुरक्षा सिस्टम से लैस हैं। इनसे नौसेना की क्षमता बढ़ेगी। यह आत्मनिर्भर भारत के संकल्प में मील का पत्थर हैं। आत्मनिर्भरता अब नारा नहीं, हकीकत है। केंद्रीय मंत्री ने फिर दोहराया कि भारत आक्रामकता की नीति का समर्थन नहीं करता है, लेकिन हम उन लोगों के सामने झुकेंगे भी नहीं, जो हमें नुकसान पहुंचाना चाहते हैं।
प्रोजेक्ट 17-A का हिस्सा
असल में यह प्रोजेक्ट 17-A का हिस्सा हैं। इसमें नीलगिरी क्लास के स्टेल्थ फ्रिगेट्स (Stealth Frigates) आईएनएस हिमगिरी (INS Himgiri) और आईएनएस उदयगिरी (INS Udaygiri) हैं। 2015 में मंजूर इस प्रोजेक्ट के जरिये सात गाइडेड मिसाइल फ्रिगेट बनाई जा रही हैं, जो ब्रह्मोस और बराक से लैस हैं। इनमें से 4 जहाज Mazagon Dock कंपनी बनाएगी। तीन जहाज Garden Reach Shipbuilders निर्मित करेगी। नीलगिरि और उदयगिरी को Mazagon Dock ने बनाया है। गार्डन रिसच शिपबिल्डर्स ने हिमगिरी का निर्माण किया है। इसके अलावा कंपनी विंध्यगिरी और दूनागिरी जहाजों की लॉन्चिंग कर चुकी है।
Speaking at the Commissioning Ceremony of two multi-mission stealth frigates, Udaygiri and Himgiri in Visakhapatnam. https://t.co/4nk2TLoJpw
— Rajnath Singh (@rajnathsingh) August 26, 2025
रडार क्रॉस सेक्शन कम हैं
उदयगिरि और हिमगिरि पहले के डिजाइनों की तुलना में काफी अलग हैं। करीब 6,700 टन विस्थापन वाले पी17ए फ्रिगेट अपने पूर्ववर्ती शिवालिक-श्रेणी के फ्रिगेट से करीब पांच प्रतिशत बड़े हैं। इनका आकार अधिक मजबूत और रडार क्रॉस सेक्शन कम हैं। ये डीजल या गैस (सीओडीओजी) दोनों से चलेंगे, क्योंकि इनमें डीजल इंजन और गैस टर्बाइन लगे हैं, जो कंट्रोलेबल-पिच प्रोपेलर चलाते हैं और एक एकीकृत प्लेटफॉर्म प्रबंधन प्रणाली (आईपीएमएस) के जरिए प्रबंधित होते हैं।
ब्रह्मोस और बराक मिसाइल्स से लैस है हिमगिरि
गाइडेड मिसाइल फ्रिगेट INS हिमगिरी को 2020 के दिसंबर में लॉन्च किया गया था। इसमें हमला करने के लिए ब्रह्मोस जैसी शक्तिशाली मिसाइल लगी है। बराक-8 सर्फेस-टू-एयर मिसाइल सिस्टम से हवाई हमले से बचाएगा। इसका डिस्प्लेसमेंट 6,670 टन है। मुख्य बंदूक 76mm रैपिड गन माउंट (SRGM) है। एंटी सबमरीन व तॉरपीडो है। यह जहाज करीब 52 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से दौड़ सकता है। इसकी रेंज 5,500 नॉटिकल मील/लगभग 10 हजार किलोमीटर (नॉर्मल रफ्तार पर) है।
#INSHimgiri : अदृश्यम अजयम
— SpokespersonNavy (@indiannavy) August 25, 2025
Invisible and Invincible
The legacy of the name #Himgiri is distinguished by honour; its modern incarnation radiates unprecedented strength.
Witness the evolution of #Himgiri — from blueprints to the boundless blue of the sea.
A proud heritage reborn… pic.twitter.com/tw2MqTtWHQ
एक साथ कई मिशन को अंजाम देगा INS उदयगिरी
स्टेल्थ गाइडेड फ्रिगेट INS उदयगिरी एक साथ कई तरह के मिशन को एक साथ अंजाम दे सकता है। यह रडार पर छोटी नाव की तरह दिखता है। ऐसे में रडार देख पता करना मुश्किल होता है कि हथियारबंद फ्रिगेट है। इसमें 200 से अधिक MSME का भी सहयोग है। सतह से सतह पर मार करने में सक्षम है। क्योंकि यह सुपरसॉनिक मिसाइल से लैस है। एयर डिफेंस के लिए सतह से हवा में मार करने वाली मिसाइल 76mm की नेवल गन, क्लोज रेंज के लिए 30mm और 12.7mm CIWS भी लगा है।
हिंद महासागर में मजबूत होगा भारत
दोनों जहाजों के नेवी में शामिल होने से हिंद महासागर क्षेत्र में भारत रणनीतिक रूप से मजबूत होगा। इससे चीन और पाकिस्तान की बढ़ती नेवी एक्टिविटी के बीच भारत की सुरक्षा पुख्ता होगी। दरअसल, दोनों जहाज पनडुब्बी रोधी, हवाई रक्षा, सतह पर हमला और इलेक्ट्रॉनिक युद्ध जैसे कई मिशनों को अंजाम दे सकते हैं।
सेना की आगे की तैयारी
अन्य स्वदेशी प्लेटफॉर्म, जैसे विध्वंसक आईएनएस सूरत, फ्रिगेट आईएनएस नीलगिरि, पनडुब्बी आईएनएस वाघशीर, एएसडब्ल्यू शैलो वाटर क्राफ्ट आईएनएस अर्नाला, और डाइविंग सपोर्ट वेसल आईएनएस निस्तार का भी 2025 में ही जलावतरण होना है। कठोर समुद्री परीक्षणों ने फ्रिगेट्स के पतवार, मशीनरी, अग्निशमन, क्षति नियंत्रण, नेविगेशन और संचार प्रणालियों की पुष्टि की है, जिससे यह सुनिश्चित हुआ है कि वे परिचालन तैनाती के लिए तैयार हैं।
#IndianNavy is all set to Commission the latest multi-mission stealth frigates Udaygiri & Himgiri at Naval Base, #Visakhapatnam, today, #26Aug 25.@DefenceMinIndia @SpokespersonMoD@makeinindia @DefProdnIndiahttps://t.co/BBY8DF8DZTpic.twitter.com/LYGEYOodzt
— SpokespersonNavy (@indiannavy) August 26, 2025
आत्मनिर्भर भारत का उदाहरण
दोनों जहाज 200 से ज्यादा एमएसएमई (सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों) के औद्योगिक पारिस्थितिकी तंत्र का परिणाम हैं। जो करीब 4,000 प्रत्यक्ष और 10,000 से ज़्यादा अप्रत्यक्ष रोज़गार के अवसर उपलब्ध कराते हैं।
नौ सेना का पोस्टः अदृश्यम अजयम
सोशल मिडिया प्लेटफॉर्म नौसेना के आधिकारी हैंडल से पोस्ट किया गया है- INS हिमगिरीः अदृश्यम अजयम। अदृश्य और अजेय। Himgiri नाम की विरासत सम्मान से प्रतिष्ठित है। इसका आधुनिक अवतार अभूतपूर्व शक्ति का संचार करता है। इसके विकास को देखें- ब्लूप्रिंट से लेकर समुद्र के असीम नीले सागर तक। एक गौरवशाली विरासत का पुनर्जन्म और नवीनीकरण।
हिमगिरी का मतलबः ‘हिमगिरि’ का अर्थ “बर्फ़ का पर्वत” या हिमालय पर्वत है जो संस्कृत भाषा से आया है और ‘हिम’ (बर्फ़) और ‘गिरि’ (पर्वत) शब्दों के मेल से बना है। यह शब्द हिमालय पर्वत की पवित्रता, शक्ति और उसकी बर्फ़ से ढकी चोटियों का प्रतीक है।
निलगिरी का मतलबः ‘नीलगिरि’ का अर्थ है-नीली पहाड़ियां या नीला पर्वत। यह नाम संस्कृत के ‘नीलम’ (नीला) और ‘गिरि’ (पहाड़ या पर्वत) से बना है। इस नाम की उत्पत्ति दक्षिण भारत की नीलगिरि पर्वत शृंखलाओं में पाए जाने वाले नीले रंग के फूलों वाले कुरिंजी (kurinji) झाड़ियों की प्रचुरता से हुई है, जो दूर से देखने पर पहाड़ों को एक नीला रंग देते हैं।



