भारत ‘पृथ्वी संरक्षण’ का वैश्विक अभियान चलाने को तैयारः डॉ. सिंह

केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने लखनऊ में 26वें अंतर्राष्ट्रीय मुख्य न्यायाधीश सम्मेलन में कहा कि भारत जलवायु परिवर्तन, अंतरिक्ष और महासागरों की रक्षा के लिए दुनिया का नेतृत्व करने में पूरी तरह सक्षम है। उन्होंने वैश्विक कानूनों में बड़े सुधार और सभी देशों के मिलकर काम करने का आह्वान किया।

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नई दिल्ली: लखनऊ के वर्ल्ड यूनिटी कन्वेंशन सेंटर में चल रहे 26वें अंतर्राष्ट्रीय वैश्विक मुख्य न्यायाधीश सम्मेलन में 22 नवंबर 2025 को केंद्रीय विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने मुख्य भाषण दिया। उनके भाषण का विषय “जलवायु न्याय और पृथ्वी संरक्षण : आज की चुनौतियों के लिए कानूनी ढांचा” था।

आज का संकट सिर्फ एक देश का नहीं, पूरी दुनिया का

डॉ. सिंह ने कहा कि जलवायु परिवर्तन, महामारी, साइबर हमले, समुद्र का प्रदूषण और अंतरिक्ष का कचरा, ये कोई एक देश की समस्या नहीं हैं। ये सीमाओं से परे हैं। इसलिए इनसे लड़ने के लिए दुनिया को एक साथ नए और मजबूत कानून बनाने होंगे जो समानता, ईमानदारी और आने वाली पीढ़ियों के हक की रक्षा करें।

भारत पहले से ही बड़ा कदम उठा चुका है

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत ने गहरा समुद्र मिशन, क्वांटम मिशन, साइबर सुरक्षा, बायोटेक, AI और अंतरिक्ष सुधार जैसे बड़े कदम उठाए हैं। डॉ. सिंह ने कहा कि ये दिखाते हैं कि भारत सिर्फ अपने लिए नहीं, पूरी दुनिया के पर्यावरण और तकनीकी सुरक्षा के लिए सोचता है।

नए युग की नई चुनौतियां, पुराने कानून काम नहीं आएंगे

मंत्री ने बताया कि अब अंतरिक्ष में कचरा, चांद पर अवैध खनन, गहरे समुद्र में खनिज लूट, AI से फैलने वाली झूठी खबरें जैसी समस्याएं हैं। पुराने कानून इनका जवाब नहीं दे सकते। अंतरिक्ष, महासागर, ध्रुव और वायुमंडल के लिए नए वैश्विक कानून चाहिए। निजता और सुरक्षा, डेटा और मालिकाना हक का संतुलन भी जरूरी है।

आने वाली पीढ़ी का हक बचाना सबसे बड़ा धर्म

डॉ. सिंह ने कहा, “जो फैसला हम आज लेंगे, उसका असर यहां बैठे बच्चों और उनके बच्चों पर पड़ेगा।” इसलिए हर कानून में भावी पीढ़ी के अधिकार और हर व्यक्ति के पर्यावरण बचाने के कर्तव्य को लिखना होगा।

मुकदमेबाजी डराने का नहीं, सुधार लाने का हथियार बने

दुनिया की कई अदालतें अब जलवायु और पर्यावरण के मामले तेजी से निपटा रही हैं। डॉ. सिंह ने कहा कि मुकदमे सरकारों को जवाबदेही सिखाने का तरीका है, डराने का नहीं। न्यायाधीश अब सिर्फ संविधान के नहीं, पूरी मानवता के भविष्य के रक्षक हैं।

भारत बन सकता है विश्व बंधु

अंत में डॉ. जितेंद्र सिंह ने कहा कि भारत “विश्व बंधु” बनकर जलवायु न्याय, पर्यावरण संरक्षण और वैश्विक सहयोग की अगुवाई करने को पूरी तरह तैयार है। लखनऊ का यह सम्मेलन उस बड़े वैश्विक अभियान की शुरुआत बन सकता है।

Sanjay Rai

sanjayrai.dj@gmail.com

संजय राय ने बीते 25 साल के प्रोफेशनल कैरियर में स्वास्थ्य, अपराध, शिक्षा, विकास समेत सभी बीट की कवरेज की है। दिल्ली सरकार, विधानसभा की कार्यवाही, भाजपा, कांग्रेस, आप सरीखे राजनीतिक दलों के साथ सामाजिक-सांस्कृतिक व आंदोलनात्मक गतिविधियों को भी कवर किया है। कई सत्रों में संसद की कार्यवाही पर भी कलम चलाई है। फिलवक्त NewG India में बतौर सीनियर स्पेशल काॅरेस्पोंडेंट अपनी जिम्मेदारी निभा रहे हैं।

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