दिल्ली: नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) ने दिल्ली नगर निगम (एमसीडी) को निर्देश दिया कि आया नगर में एक तालाब को एक महीने के अंदर पुर्नजीवित करें। मामले पर दिल्ली प्रदूषण नियंत्रण समिति (डीपीसीसी) व एमसीडी द्वारा दाखिल रिपोर्ट पर गौर करने के बाद एनजीटी चेयरमैन न्यायमूर्ति प्रकाश श्रीवास्तव की पीठ ने निर्देश दिया कि तालाब के इलाके को एक यूनिक आइडेंटिफिकेशन नंबर (यूआइडी) देकर ठीक से मार्क किया जाए, ताकि तालाब के किसी भी हिस्से या उसके आस-पास कब्जा न हो सके।
एनजीटी ने यह निर्देश एक शिकायत पर सुनवाई के दौरान दिए
एनजीटी ने उक्त निर्देश 2023 में मिली एक शिकायत पर सुनवाई करते हुए दिए। आवेदन में कहा गया था कि तलाब में कचरा, कच्चा माल और दूसरी चीजें डाली जाती हैं। ट्रिब्यूनल ने इस मामले पर डीपीसीसी से रिपाेर्ट मांगी थी। डीपीसीसी ने पूर्व में दाखिल रिपोर्ट में बताया था कि तालाब में कचरा और प्लास्टिक वेस्ट तैरता हुआ मिला था। इतना ही नहीं एक खुला नाला तालाब में सीवेज छोड़ रहा है। तलाब से नमूना लेने के बाद डीपीसीसी ने पाया था कि इसके पानी में कि बायोकेमिकल आक्सीजन डिमांड और टोटल कोलीफार्म के पैरामीटर तय मानक को पूरा नहीं करते थे।
बारिश में तालाब में पानी भर जाएगा
वहीं, हाल ही में दाखिल रिपोर्ट में एमसीडी ने एनजीटी को बताया कि तालाब से नियमित तौर पर गाद निकालने और सफाई करने का काम किया जा रहा है और के आस-पास और पास के पार्क एरिया में पेड़-पौधे लगाए गए हैं। यह भी कहा कि अगली बारिश में तालाब में फिर से पानी भर जाएगा।



