नई दिल्ली: टैरिफ समेत अन्य मुद्दों पर अमेरिका से मनमुटाव के बीच भारत ने फिलीपींस के के साथ रणनीतिक साझेदारी की है। दरअसल, पीएम नरेंद्र मोदी के निमंत्रण पर फिलीपींस के राष्ट्रपति फर्डिनेंड आर. मार्कोस जूनियर 4-8 अगस्त को भारत की राजकीय यात्रा पर आए। फिलीपींस के कई कैबिनेट मंत्रियों व एक उच्च-स्तरीय व्यापारिक सहित एक उच्च-स्तरीय आधिकारिक प्रतिनिधिमंडल भी आया। 5 अगस्त को प्रधानमंत्री मोदी और राष्ट्रपति मार्कोस के बीच द्विपक्षीय वार्ता हुई। इसके बाद दोनों राजनेताओं ने द्विपक्षीय दस्तावेजों का आदान-प्रदान किया।
इस करार का उद्देशय साझेदारी को गुणात्मक और रणनीतिक नया आयाम देना। राजनीतिक, रक्षा और सुरक्षा, समुद्री क्षेत्र, विज्ञान और प्रौद्योगिकी, जलवायु परिवर्तन, अंतरिक्ष सहयोग, व्यापार और निवेश, उद्योग सहयोग, परिवहन संपर्क, स्वास्थ्य और औषधि, कृषि, डिजिटल प्रौद्योगिकी, उभरती प्रौद्योगिकी, विकास सहयोग, संस्कृति, रचनात्मक उद्योग, पर्यटन क्षेत्र में सहयोग देना। यह साझेदारी दोनों देशों और व्यापक क्षेत्र की निरंतर शांति, स्थिरता और समृद्धि के लिए द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करने की पारस्परिक प्रतिबद्धता पर आधारित है।
संबंधों को नई गति और गहराई मिलेगी
- आज का दिन हमारे द्विपक्षीय संबंधों के लिए ऐतिहासिक दिन है। हम भारत-फिलीपींस संबंधों को strategic partnership स्तर पर ले जा रहे हैं। इससे हमारे संबंधों को एक नई गति और गहराई मिलेगी। रक्षा और सुरक्षा क्षेत्र में हमारे संबंधों को बल मिलेगा। हम अगले पांच साल के लिए एक plan of action बना रहे हैं। नरेंद्र मोदी, प्रधानमंत्री, भारत
फिलीपींस की रामायण का किया जिक्र
पीएम मोदी ने अपने संबोधन में कहा कि हमारे (भारत-फिलीपींस) डिप्लोमेटिक संबंध भले ही नए हैं लेकिन सभ्यताओं के संपर्क बहुत प्राचीन काल से हैं। फिलीपींस की रामायण “महाराडिया लवाना” हमारे सदियों पुराने सांस्कृतिक संबंधों का जीवंत प्रमाण है। इस पार्टनरशिप के पोटेंशियल को परिणामों में परिवर्तित करने के लिए एक व्यापक Action Plan भी बनाया गया है। उन्होंने कहा कि हमारा Bilateral Trade निरंतर बढ़ रहा है। इंडिया-आसियान FTA के रिव्यू को जल्द से जल्द पूरा करना हमारी प्राथमिकता है। हमने द्विपक्षीय Preferential Trade Agreement की दिशा में काम करने का फैसला भी किया है। उन्होंने कहा कि Information and Digital Technology, स्वास्थ्य, ऑटोमोबाइल्स, इंफ्रास्ट्रक्चर, मिनरल्स, हर सेक्टर में हमारी कंपनियां सक्रिय रूप से काम कर रही हैं। विज्ञान और तकनीक के क्षेत्र में, वाइरोलॉजी से लेकर AI और एडिटिव मैन्युफैक्चरिंग तक जॉइंट रिसर्च चल रही है।
वीजा मुफ्त मिलेगा
पीएम मोदी ने कहा कि भारतीय पर्यटकों को वीज़ा-फ्री एंट्री देने के फिलीपींस के निर्णय का हम स्वागत करते हैं। भारत ने भी फिलीपींस के पर्यटकों को Free E-Visa सुविधा देने का फैसला किया है। इस साल दिल्ली और मनीला के बीच सीधे फ्लाइट शुरू करने के लिए भी काम किया जाएगा।
राजनीतिक सहयोग
आपसी हित के द्विपक्षीय और बहुपक्षीय मुद्दों पर नियमित उच्च-स्तरीय आदान-प्रदान और संवाद के माध्यम से राजनीतिक जुड़ाव को मजबूत करना, जिसमें द्विपक्षीय सहयोग पर संयुक्त आयोग (जेसीबीसी) की बैठक, नीति परामर्श वार्ता और रणनीतिक संवाद शामिल हैं। व्यापार और निवेश, आतंकवाद-निरोध, पर्यटन, स्वास्थ्य और चिकित्सा, कृषि और वित्तीय प्रौद्योगिकी पर संयुक्त कार्य समूहों (जेडब्ल्यूजी) सहित विभिन्न द्विपक्षीय संस्थागत व्यवस्था के माध्यम से संवाद में गति लाना है।
रक्षा, सुरक्षा और समुद्री सहयोग
रक्षा सहयोग पर संवाद के लिए संयुक्त रक्षा सहयोग समिति (जेडीसीसी) और संयुक्त रक्षा उद्योग एवं लॉजिस्टिक्स समिति (जेडीआईएलसी) सहित संस्थागत व्यवस्था के नियमित आयोजन को सुगम बनाने पर जोर देंगे। दोनों देशों के बीच सैन्य प्रशिक्षण गतिविधियों और सेना-से-सेना के संपर्कों को संस्थागत बनेंगे। समुद्री मुद्दों पर सहयोग व संवाद मधुर होंगे। आसियान-भारत समुद्री अभ्यास और अभ्यास मिलन और फिलीपींस की समुद्री सहकारी गतिविधियों (एमसीए) सहित बहुपक्षीय अभ्यासों में भागीदारी के लिए प्रयास करना।आतंकवाद-निरोध पर संयुक्त कार्य समूह की नियमित बैठकों सहित संयुक्त प्रयासों को सुदृढ़ करना।
आर्थिक, व्यापार और निवेश
अब भारत और फिलीपींस के बीच व्यावसायिक और वाणिज्यिक संबंधों को मजबूती मिलेगी। इससे द्विपक्षीय व्यापार और निवेश सहयोग व आर्थिक अवसरों के दरवाजे खुलेंगे। दोनों देशों के बीच द्वपक्षीय व्यापार 3.3 बिलियन डॉलर तक पहुंच गया है। इसे बढ़ावा देने के लिए अब दोनों देश व्यापार समझौते (पीटीए) पर वार्ता को शीघ्र पूरा करने पर जोर देंगे। व्यापार और निवेश को बढ़ावा देने, बाजार पहुंच संबंधी मुद्दों के शीघ्र समाधान को सुगम बनाने को भी करार किया। रिन्यूबल एनर्जी, महत्वपूर्ण खनिजों, इलेक्ट्रिक वाहनों, डिजिटल प्रौद्योगिकियों और कृत्रिम बुद्धिमत्ता, रोबोटिक्स, आईसीटी, जैव प्रौद्योगिकी, रचनात्मक उद्योग और स्टार्टअप, निर्माण और अवसंरचना, लोहा और इस्पात, जहाज निर्माण और जहाज मरम्मत, कृषि और पर्यटन के लिए एक मजबूत आधार तैयार को भी करार किया।

विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी सहयोग
इस समक्षौते से संयुक्त अनुसंधान एवं विकास, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी सूचना एवं वैज्ञानिकों के आदान-प्रदान और पारस्परिक रूप से सहमत प्राथमिकता वाले क्षेत्रों में क्षमता निर्माण गतिविधियों के माध्यम से विज्ञान, प्रौद्योगिकी एवं नवाचार (एसटीआई) सहयोग को बढ़ावा मिलेगा। इससे अंतरिक्ष विज्ञान, शिक्षा जगत, इनोवेशन, परमाणु ऊर्जा के शांतिपूर्ण उपयोग में सहयोग देंगे।
साइबर सुरक्षा
भारत और फिलीपींस के बीच भौतिक, डिजिटल और वित्तीय संपर्कों सहित संपर्क के सभी माध्यमों को मजबूती मिलेगी। दोनों देश साइबर सुरक्षा और गोपनीयता संबंधी चिंताओं को सुनिश्चित करते हुए ई-शासन, वित्तीय समावेश और डिजिटल सार्वजनिक अवसंरचना में सहयोग मजबूती से कर सकेंगे। क्षेत्रीय समुद्री संपर्क को भी बल मिलेगी। सीधी हवाई सेवा संपर्क की राह खुलेगी।
ये बातें भी अहम हैं
- भारत, फिलीपींस के सॉवरेन डेटा क्लाउड इन्फ्रास्ट्रक्चर की स्थापना के लिए पायलट परियोजना में सहयोग करेगा।
- हिंद महासागर क्षेत्र – सूचना संलयन केंद्र (आईएफसी-आईओआर) में भाग लेने के लिए फिलीपींस को आमंत्रित किया गया।
- अगस्त 2025 से एक वर्ष की अवधि के लिए फिलीपींस के नागरिकों को निःशुल्क ई-पर्यटक वीजा सुविधा दी गई।
- भारत-फिलीपींस राजनयिक संबंधों की स्थापना की 75वीं वर्षगांठ के अवसर पर संयुक्त रूप से स्मारक डाक टिकट जारी हुआ।
- भारत और फिलीपींस के बीच अधिमान्य (प्राथमिकता) व्यापार समझौते पर वार्ता के लिए संदर्भ शर्तें अपनाई गईं।



