नई दिल्ली: महिलाओं और बच्चों के खिलाफ साइबर अपराध पर लगाम लगाने के लिए कई अहम कदम उठाए हैं। राज्यों में साइबर फोरेंसिक और सह-प्रशिक्षण लैब स्थापित की गई हैं। केंद्रीय गृह राज्य मंत्री बंदी संजय कुमार ने बताया कि गृह मंत्रालय ने महिलाओं और बच्चों के विरुद्ध साइबर अपराध रोकथाम (सीसीपीडब्ल्यूसी) योजना के अंतर्गत राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों को क्षमता वर्धन के लिए 132.93 करोड़ रुपये की वित्तीय सहायता जारी की है। इनमें साइबर फोरेंसिक-सह-प्रशिक्षण प्रयोगशाला स्थापित करने, जूनियर (कनिष्ठ) साइबर परामर्शदाताओं की नियुक्ति और कानून प्रवर्तन एजेंसी कर्मियों, सरकारी अभियोजकों और न्यायिक अधिकारियों को प्रशिक्षण देना है।
इन राज्यों में है Cyber Forensics-cum-Training Lab
इसके लिए 33 राज्य/केंद्र शासित प्रदेशों में साइबर फोरेंसिक-सह-प्रशिक्षण प्रयोगशालाएं स्थापित की गई हैं। इनमें आंध्र प्रदेश, अरुणाचल प्रदेश, असम, बिहार, छत्तीसगढ़, गुजरात, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश, केरल, कर्नाटक, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, मिजोरम, ओडिशा, सिक्किम, तेलंगाना, उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश, गोवा, मेघालय, नागालैंड, दादरा और नगर हवेली और दमन और दीव, पंजाब, त्रिपुरा, पुद्दुचेरी, चंडीगढ़, जम्मू-कश्मीर, राजस्थान, पश्चिम बंगाल, झारखंड, मणिपुर, अंडमान और निकोबार द्वीप समूह और दिल्ली में संचालित हैं, जबकि तमिलनाडु में यह आंशिक रूप से काम कर रही है।
चलेंगे ट्रेनिंग प्रोग्राम
जांच और अभियोजन के बेहतर संचालन के लिए कानून प्रवर्तन एजेंसी कर्मियों, लोक अभियोजकों और न्यायिक अधिकारियों के लिए प्रशिक्षण पाठ्यक्रम तैयार किया गया है। राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों से प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित करने को कहा गया है। महिलाओं एवं बच्चों के प्रति साइबर अपराध रोकथाम-सीसीपीडब्ल्यूसी योजना के अंतर्गत 24,600 से अधिक कानून प्रवर्तन एजेंसी कर्मियों, लोक अभियोजकों और न्यायिक अधिकारियों को साइबर अपराध जागरूकता, जांच, फोरेंसिक आदि पर प्रशिक्षण प्रदान किया गया है।
साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल पर करें शिकायत
साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल को आरंभ किया गया है। यह पोर्टल केंद्रीकृत ऑनलाइन प्लेटफ़ॉर्म है जिसपर बाल पोर्नोग्राफी /बाल यौन शोषण सामग्री या यौन रूप से स्पष्ट सामग्री, जैसे यौन दुष्कर्म/सामूहिक दुष्कर्म से संबंधित ऑनलाइन सामग्री की रिपोर्ट की जा सकती है। महिलाओं और बच्चों के विरुद्ध साइबर अपराध पर विशेष ध्यान देते हुए, लोगों को सभी प्रकार के साइबर अपराधों की सूचना देने में सक्षम बनाने के लिए 30.08.2019 को एक नया राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल आरंभ किया गया।
बाल पोर्नोग्राफी, दुष्कर्म और सामूहिक दुष्कर्म कंटेंट पर लगाम
राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो-एनसीआरबी और भारतीय साइबर अपराध समन्वय केंद्र (I4C) एजेंसी बाल पोर्नोग्राफी, दुष्कर्म और सामूहिक दुष्कर्म सामग्री हटाने के लिए आईटी अधिनियम की धारा 79(3)(बी) के तहत सामग्री प्रसारणकर्ताओं को नोटिस जारी करेंगे।
राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो (एनसीआरबी) तथा अमरीका के नेशनल सेंटर फॉर मिसिंग एंड एक्सप्लॉइटेड चिल्ड्रन के बीच ऑनलाइन बाल पोर्नोग्राफी और बाल यौन शोषण सामग्री के बारे में टिप लाइन रिपोर्ट (संदिग्ध गतिविधियों की गुप्त सूचना) के लिए 26.04.2019 को समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए गए हैं।
साइबर अपराधों पर कड़ाई से अंकुश लगाने और त्वरित कार्रवाई के उद्देश्य से गृह मंत्रालय ने देश में सभी प्रकार के साइबर अपराधों से समन्वित और व्यापक तरीके से निपटने के लिए I4C स्थापित करने का नीतिगत निर्णय लिया है।
न्यायिक प्रक्रिया को मिल रही गति
लोकसभा में केंद्रीय गृह राज्य मंत्री बंदी संजय कुमार ने बताया कि न्यायिक प्रक्रिया की गति, दक्षता और पारदर्शिता में अहम सुधार लाने के लिए ई-साक्ष्य, ई-समन और न्याय-श्रुति (वीसी) जैसे एप विकसति किए गए हैं। जहां ई-साक्ष्य डिजिटल साक्ष्य के वैध, वैज्ञानिक और छेड़छाड़-रहित संग्रह, संरक्षण और इलेक्ट्रॉनिक प्रस्तुति में मदद करता है। एनसीआरबी ने नए आपराधिक कानूनों के प्रावधानों के अनुसार 23 नई कार्यक्षमताएं प्रदान करने हेतु अपराध और अपराधी ट्रैकिंग नेटवर्क सिस्टम (सीसीटीएनएस) एप्लिकेशन को उन्नत करने हेतु सॉफ्टवेयर पैच विकसित किए हैं।



