नयी दिल्ली: पश्चिम एशिया में जारी युद्ध और सप्लाई संकट के बीच भारत के लिए राहत की खबर है। होर्मुज जलडमरूमध्य के रास्ते LPG की खेप पहुंचने लगी है, जिसके बाद सरकार ने उर्वरक सेक्टर को गैस सप्लाई बढ़ाकर 90% कर दी है। इससे देश में खाद उत्पादन और घरेलू गैस आपूर्ति दोनों को मजबूती मिलेगी।
पश्चिम एशिया संकट के बीच सप्लाई बनी चुनौती
ईरान, अमेरिका और इजरायल के बीच बढ़ते तनाव का असर वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति पर साफ दिख रहा है। खासतौर पर होर्मुज जलडमरूमध्य, जो दुनिया के सबसे अहम तेल-गैस मार्गों में से एक है, वहां स्थिति संवेदनशील बनी हुई है। ऐसे में भारत जैसे बड़े आयातक देश के लिए सप्लाई बनाए रखना एक बड़ी चुनौती बन गया था।
होर्मुज से LPG की खेप पहुंचना राहत भरा संकेत
सरकारी अधिकारियों के मुताबिक, इस हफ्ते करीब 62,000 टन LPG भारत पहुंचेगी। “ग्रीन सानवी” (46,500 टन) और “ग्रीन आशा” (15,500 टन) नाम के दो बड़े टैंकर सफलतापूर्वक होर्मुज जलडमरूमध्य पार कर चुके हैं। यह संकेत है कि कठिन हालात के बावजूद भारत अपनी ऊर्जा जरूरतों को सुरक्षित रखने में सफल हो रहा है।
उर्वरक सेक्टर को बड़ा फायदा
सरकार ने सोमवार से उर्वरक संयंत्रों के लिए गैस आवंटन 70–75% से बढ़ाकर 90% कर दिया है। प्राकृतिक गैस उर्वरक उत्पादन के लिए न सिर्फ ईंधन बल्कि कच्चे माल के रूप में भी इस्तेमाल होती है। ऐसे में गैस सप्लाई बढ़ने से खाद उत्पादन में तेजी आएगी, जो किसानों के लिए बेहद अहम है।
घरेलू LPG सप्लाई फिलहाल स्थिर
पेट्रोलियम मंत्रालय के अनुसार, देश में LPG की उपलब्धता भले ही “टाइट” बनी हुई है, लेकिन सप्लाई पूरी तरह से स्थिर है। तेल कंपनियां हर संभव स्रोत से LPG, कच्चा तेल और LNG की व्यवस्था कर रही हैं। वर्तमान में रोजाना लगभग 50 लाख सिलेंडर की आपूर्ति की जा रही है, जिससे करोड़ों घरों तक गैस पहुंच रही है।
घरेलू उपभोक्ताओं को सर्वोच्च प्राथमिकता
सरकार ने साफ कर दिया है कि इस समय सबसे ज्यादा प्राथमिकता घरेलू उपभोक्ताओं को दी जा रही है। यही वजह है कि अन्य सेक्टर्स की तुलना में घरों में गैस सप्लाई को पूरी तरह बनाए रखा गया है, ताकि आम जनता को किसी तरह की परेशानी न हो।
कमर्शियल सेक्टर अब भी दबाव में
होटल, रेस्टोरेंट, हॉस्टल और अन्य व्यावसायिक उपभोक्ताओं के लिए LPG सप्लाई अभी भी 70% तक सीमित है। पिछले तीन हफ्तों में करीब 79,900 टन कमर्शियल LPG की बिक्री हुई है, जो लगभग 42 लाख बड़े सिलेंडरों के बराबर है। इससे साफ है कि इस सेक्टर पर अभी भी दबाव बना हुआ है।
5 किलो सिलेंडर से छात्रों और मजदूरों को राहत
सरकार ने बताया कि 5 किलो के फ्री-ट्रेड LPG सिलेंडर की पर्याप्त उपलब्धता है, जो खासतौर पर छात्रों और प्रवासी मजदूरों के लिए उपयोगी हैं। इन्हें बिना एड्रेस प्रूफ के सिर्फ वैध पहचान पत्र दिखाकर खरीदा जा सकता है। इनकी बिक्री में भी तेजी देखी गई है, जो बढ़ती मांग को दर्शाता है।
ब्लैक मार्केटिंग रोकने के लिए सख्ती
सरकार सप्लाई चेन पर कड़ी नजर बनाए हुए है। 97% बुकिंग अब ऑनलाइन हो रही हैं और 90% डिलीवरी में डिलीवरी एक्टिवेशन कोड का इस्तेमाल किया जा रहा है, जिससे गैस की कालाबाजारी और डायवर्जन पर रोक लगाई जा सके।
भारत की रणनीति: हर हाल में ऊर्जा सुरक्षा
इस पूरे संकट के बीच भारत ने स्पष्ट कर दिया है कि वह अपनी ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने के लिए हर संभव विकल्प अपना रहा है। चाहे वैकल्पिक आयात मार्ग हों या घरेलू उत्पादन बढ़ाना—सरकार और तेल कंपनियां मिलकर सप्लाई को संतुलित बनाए रखने में जुटी हैं।



