नई दिल्ली | अगले साल होने वाले दिल्ली नगर निगम चुनावों को देखते हुए भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने अपनी चुनावी बिसात बिछाना शुरू कर दिया है। पार्टी का मुख्य फोकस इस बार राजधानी के दलित मतदाताओं पर है। इसी रणनीति के तहत भाजपा 14 अप्रैल को डॉ. भीमराव अंबेडकर जयंती को एक ‘महा-आयोजन’ के रूप में मनाने की तैयारी कर रही है, जो पूरे एक सप्ताह तक चलेगा।
विष्णु मित्तल के कंधों पर आयोजन का भार
इस भव्य आयोजन की पूरी जिम्मेदारी प्रदेश महामंत्री विष्णु मित्तल को सौंपी गई है। सूत्रों के अनुसार, तैयारियों की समीक्षा के लिए मित्तल ने 9 अप्रैल को प्रदेश कार्यालय में एक महत्वपूर्ण बैठक बुलाई है। इस बैठक में दिल्ली के सभी जिलाध्यक्षों के साथ-साथ प्रदेश भर के कुल 3800 शक्ति केंद्रों के प्रमुखों को भी आमंत्रित किया गया है।
मूर्तियों की सफाई से लेकर स्थलों की मैपिंग तक का प्लान
बैठक के लिए सभी पदाधिकारियों को विशेष होमवर्क दिया गया है। उन्हें अपने-अपने क्षेत्रों की पूरी जानकारी के साथ आने को कहा गया है, जिसमें प्रमुख बिंदु निम्नलिखित हैं:
- मैपिंग: किस जिले और शक्ति केंद्र में डॉ. अंबेडकर की कितनी मूर्तियां और उनसे जुड़े स्थल हैं।
- जिम्मेदारी: किस स्थल पर कौन सा सांसद, विधायक या पार्षद तैनात रहेगा।
- स्वच्छता अभियान: जयंती से एक दिन पूर्व सभी प्रतिमाओं और संबंधित स्थलों की सफाई सुनिश्चित की जाएगी।
- रणनीतिक छोड़: दिल्ली सरकार के अधीन आने वाले स्थलों को फिलहाल सरकार के लिए छोड़ दिया गया है ताकि किसी प्रकार के विवाद से बचा जा सके।
उपचुनाव की हार से लिया सबक
पार्टी के एक वरिष्ठ पदाधिकारी ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि दिल्ली नगर निगम के हालिया उपचुनावों में भाजपा अपनी पुरानी सीटें भी नहीं बचा सकी थी। इस हार ने पार्टी को अपनी रणनीति बदलने पर मजबूर किया है। दलित बाहुल्य क्षेत्रों में अपनी पकड़ मजबूत करने के लिए यह सप्ताह भर चलने वाला अभियान जो 20 अप्रैल तक चलेगा मील का पत्थर साबित हो सकता है।
अंबेडकर जयंती के मुख्य कार्यक्रमों के बाद भाजपा के प्रदेश पदाधिकारी राजधानी भर के बुजुर्गों और संभ्रांत नागरिकों से संपर्क कर उन्हें केंद्र सरकार की उपलब्धियों और बाबा साहेब के विजन से जोड़ने का प्रयास करेंगे।



