नई दिल्ली: अरब सागर में उत्पन्न हुआ चक्रवाती तूफान “शक्ति” अब और शक्तिशाली होकर “गंभीर चक्रवाती तूफान” में तब्दील हो चुका है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) के अनुसार, चार अक्टूबर की सुबह 5:30 बजे यह तूफान द्वारका से 420 किमी पश्चिम, नलिया से 420 किमी पश्चिम-दक्षिण-पश्चिम और पोरबंदर से 480 किमी पश्चिम में केंद्रित था। यह तूफान अगले 24 घंटों में उत्तर-पश्चिम और मध्य अरब सागर की ओर बढ़ेगा, फिर 6 अक्टूबर से पूर्व-उत्तर-पूर्व की दिशा में मुड़कर धीरे-धीरे कमजोर पड़ने की संभावना है।
तेज हवाओं का जोर
तूफान के प्रभाव से कई राज्यों में तेज हवाएं चल रही हैं। आंध्र प्रदेश और बंगाल की खाड़ी के तटों पर हवाओं की गति 35-45 किमी प्रति घंटा से बढ़कर 55 किमी प्रति घंटा तक पहुंच सकती है। ओडिशा और छत्तीसगढ़ में हवाएं 40-50 किमी प्रति घंटा की रफ्तार से चल रही हैं, जो 60 किमी प्रति घंटा तक जा सकती हैं। गुजरात और उत्तरी महाराष्ट्र के तटों पर 45-55 किमी प्रति घंटा की हवाएं 65 किमी प्रति घंटा तक तेज हो सकती हैं। अरब सागर के उत्तर-पश्चिम और मध्य भाग में हवाओं की गति 55-65 किमी प्रति घंटा से बढ़कर 75-95 किमी प्रति घंटा तक पहुंचने का अनुमान है।
भारी बारिश और बाढ़ की चेतावनी
चक्रवात “शक्ति” के कारण पूर्वी और उत्तर-पूर्वी भारत में भारी बारिश का दौर शुरू हो चुका है। बिहार, पूर्वी उत्तर प्रदेश, उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल, और सिक्किम में 210 मिमी तक की भारी से अति भारी बारिश हो सकती है। कुछ इलाकों में भीषण बारिश की संभावना के चलते रेड अलर्ट जारी किया गया है। बिहार के पटना, भागलपुर, दरभंगा और मुजफ्फरपुर जैसे जिलों में अचानक बाढ़ और जलभराव का खतरा है। पूर्वी उत्तर प्रदेश के बलिया और उत्तरी बंगाल के दार्जिलिंग, जलपाईगुड़ी और कूचबिहार में भी बाढ़ का जोखिम बना हुआ है।
मछुआरों के लिए सख्त हिदायत
मौसम विभाग ने मछुआरों को 4 से 7 अक्टूबर तक समुद्र में न जाने की चेतावनी दी है। खासकर उत्तर-पश्चिम और मध्य अरब सागर, गुजरात और उत्तरी महाराष्ट्र के तटों पर समुद्री गतिविधियां खतरनाक हो सकती हैं।
लोगों के लिए सुरक्षा सलाह
मौसम विभाग ने प्रभावित इलाकों में लोगों से घरों में रहने, खिड़कियां-दरवाजे बंद रखने और गैर-जरूरी यात्रा से बचने की अपील की है। पेड़ों के नीचे शरण लेने से बचें और सुरक्षित आश्रय स्थलों का उपयोग करें। बिजली के उपकरणों को बंद रखें, पानी और बिजली प्रवाह वाली वस्तुओं से दूर रहें और मौसम अपडेट्स पर नजर रखें। जरूरत पड़ने पर स्थानीय प्रशासन की मदद लें।
तूफान का व्यापक प्रभाव
चक्रवात “शक्ति” का असर केवल तटीय राज्यों तक सीमित नहीं है। इसका प्रभाव झारखंड, बिहार और पूर्वी उत्तर प्रदेश जैसे राज्यों में भी देखा जा रहा है। अगले 48 घंटे इस तूफान की दिशा और प्रभाव को समझने के लिए महत्वपूर्ण होंगे।



