CISF ने अपनाया नया युद्ध और तकनीकी प्रशिक्षण

CISF ने युद्ध सक्षम, तकनीक-दक्ष और भविष्य के लिए खुद को तैयार करने के लिए अपने पाठ्यक्रम और मानको में कई अहम बदलाव किए हैं।

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नई दिल्ली: केन्द्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (CISF) ने खुद को युद्ध में सक्षम, तकनीक-दक्ष और भविष्य के लिए तैयार बल में बदलने के लिए अपने प्रशिक्षण पाठ्यक्रम और मानकों में कई अहम बदलाव किए है। हैदराबाद में आयोजित वार्षिक प्रशिक्षण सम्मेलन 2025 के दौरान CRPF के महानिदेशक राजविंदर सिंह भट्.टी ने इन सुधारों को अंतिम रूप दिया। नए पाठ्यक्रम और उन्नत ट्रेंनिग मॉड्यूल से बल की शारीरिक और के साथ-साथ युद्ध क्षमता भी बढ़ेगी।

CISF का सबसे मुश्किल युद्ध प्रशिक्षण

केन्द्रीय सशस्त्र पुलिस बलों में CISF की तैयारियों को बेहतर बनाने लिए एक रोडमैप तैयार किया हैं। CISF ने ‘One Force, One Outdoor Standar नीति को लागू किया हैं। इसका मतलब है कि बल के सभी कर्मियों को, अधिकारियों सहित, अपने बुनियादी प्रशिक्षण से ही NSG जैसे विशेष बलों की तरह ही सख्त शारीरिक और युद्ध मानकों के अनुसार ट्रेनिंग दी जाएगी। साथ ही सभी 26 बाधाओं वाले बैटल ऑब्स्टेकल असॉल्ट कोर्स (BoAC) को पूरा करेंगे और 21 किलोमीटर की हाफ मैराथन भी दौड़ेंगे। इसके अलावा आतकवाद-रोधी विशेषज्ञों द्वारा स्पेशल ट्रेनिंग भी दी जाएगी। जो CISF के बल सदस्यों को फील्ड ऑपरेशन और युद्ध कौशल में व्यावहारिक कौशल प्रदान करेंगे।

प्रौद्योगिकी संचालित बल

CISF ने अपने प्रशिक्षण में 20 अत्याधुनिक तकनीकों को शामिल किया हैं जिससे रिक्रूट को ड्रोन-रोधी प्रणालियों, साइबर सुरक्षा, कृत्रिम बुद्धिमत्ता उपकरणों और एकीकृत कमान एवं नियंत्रण केंद्रों का व्यावहारिक अनुभव मिलेगा। इससे CISF कार्मिक तकनीकी रूप से कुशल, परिचालन रूप से दक्ष और वास्तविक दुनिया की चुनौतियों का सामना करने के लिए तैयार होंगे।

भविष्य के लिए तैयार बल

सभी CISF कर्मियों को आग, आपदा और चिकित्सा संबंधी स्तिथि में कार्य करने के लिए प्रशिक्षित किया जाएगा। हवाईअड्डा स्क्रीनिंग ड्यूटी भी अब इस ट्रेंनिग का हिस्सा होगा। जो विमानन सुरक्षा के लिए एक बड़ा सुधार है। बल में 2,000 प्रशिक्षकों का समूह होगा, जिसमें 10% सीटें महिलाओ के लिए आरक्षित होंगी। साथ ही एक केंद्रीय प्रशिक्षक प्रबंधन प्रणाली (CIMS) बनाया जाएगा, जो प्रशिक्षण और पोस्टिंग को  सुव्यवस्थित करेगी।

क्षमता निर्माण और उन्नयन

CISF ने प्रशिक्षण क्षमता 50% बढ़ाकर 1,500 की गई है और तीन नए RTC की स्थापना की मंजूरी दी है। निसा, हैदराबाद को 5-स्टार और अन्य आरटीसी को 4-स्टार रेटिंग देने का लक्ष्य रखा गया है। इसके अलावा, खेल, अग्निशमन और नागरिक उड्डयन सुरक्षा प्रशिक्षण के लिए विशेष केंद्र स्थापित भी किए जा रहे हैं। इसके अलावा प्रमुख विश्वविद्यालयों के साथ साझेदारी से कार्मिकों के लिए निरंतर कौशल उन्नयन और प्रमाणन पाठ्यक्रम भी उपलब्ध होंगे।

निष्कर्ष

CISF के ये व्यापक प्रशिक्षण सुधार बल को न केवल युद्ध के लिए सक्षम और तकनीकी रूप से दक्ष बनाएंगे, बल्कि इसे भविष्य के सुरक्षा परिदृश्यों के लिए तैयार, बहु-कुशल और विश्व-स्तरीय बल के रूप में स्थापित भी करेंगे। महानिदेशक राजविंदर सिंह भट्.टी के अनुसार, यह पहल राष्ट्रीय सुरक्षा और क्षमता निर्माण की दिशा में उठाया गया एक अहम कदम साबित होगा।

Usha Mehta

ushamehta0013@gmail.com

NewG India का सबसे युवा चेहरा, दिल्ली विश्वविद्यालय से हिंदी पत्रकारिता में स्नातक की डिग्री हासिल की। ग्रेजुएशन के बाद IGNOU और ABP न्यूज़ नेटवर्क जैसे संस्थानों में इंटर्नशिप की। सोशल और कॉमर्स विषयों की गहरी समझ हैं कलम के साथ आवाज में भी धार हैं। NewG India में बतौर कंटेंट डेवलपर व एंकर अपनी जिम्मेदारी उषा मेहता बखूबी निभा रही हैं ।

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