नई दिल्ली: आत्मनिर्भर भारत की दिशा में ऐतिहासिक कदम बढ़ाते हुए विदिशा संसदीय क्षेत्र के उमरिया में “ब्रह्मा–BEML रेल मैन्युफैक्चरिंग हब” का भूमि पूजन किया गया। इस पर 1800 करोड़ रुपये की लगात आए। इस प्लांट में वंदे भारत रेल और मेट्रो कोच का निर्माण होगा। इसके अलावा रक्षा उत्पादों के डिजाइन, निर्माण असेंबली और टेस्टिंग भी होगी। इससे पांच हजार लोगों को रोजगार मिलने की उम्मीद है। MSME सेक्टर को भी बढ़ावा मिलेगा।
विदिशा संसदीय क्षेत्र के भोजपुर विधानसभा के औबेदुल्लागंज के ग्राम उमरिया में हुए इस कार्यक्रम में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, क्षेत्रीय सांसद व केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान, मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव मौजूद रहे। रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव वर्चुअल जुड़े।शिवराज सिंह ने भूमि पूजन को केवल एक औद्योगिक परियोजना की शुरुआत नहीं, बल्कि राष्ट्रहित, स्वदेशी विकास और युवाओं के सशक्तिकरण का संगम बताया।
ऑपरेशन सिंदूर में दिखी स्वदेशी शक्ति
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर प्रमाण है कि भारत स्वदेशी शक्ति से अपने दुश्मनों को परास्त करने में सक्षम है। सशस्त्र बलों ने स्वदेशी हथियारों का प्रभावी ढंग से इस्तेमाल किया जिसने इस ऑपरेशन की सफलता में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। भारत इस मुकाम तक केवल इसलिए पहुंच पाया क्योंकि रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनने का संकल्प लिया था।
मित्र देशों की जरूरतें भी पूरी कर रहा भारत
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि भारत न केवल अपनी धरती पर उपकरण बना रहा है बल्कि मित्र देशों की सुरक्षा जरूरतें भी पूरी कर रहा है। उन्होंने कहा कि हमारा रक्षा उत्पादन और निर्यात तेज गति से आगे बढ़ रहा है। यह नए भारत का नया रक्षा क्षेत्र है। भारत की अर्थव्यवस्था लगभग 6.5 प्रतिशत की दर से बढ़ रही है और देश दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने की ओर अग्रसर है। गौरतलब है कि वित्त वर्ष 2024-25 में वार्षिक रक्षा उत्पादन बढ़कर 1.51 लाख करोड़ रुपये के सर्वकालिक उच्च स्तर पर पहुंच गया और रक्षा निर्यात 23,622 करोड़ रुपये के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया है।
परियोजना के बारे में जानें
- ब्रह्मा सुविधा को 148 एकड़ में फैले रोलिंग स्टॉक के लिए एक विश्वस्तरीय मैन्यूफेक्चरिंग इकाई के रूप में विकसित किया जाएगा।
- लगभग दो वर्षों में पूरा होने की उम्मीद है।
- बीईएमएल कुछ वर्षों में चरणबद्ध तरीके से 1,800 करोड़ रुपये का निवेश करेगी।
- शुरुआत में प्रति वर्ष 125-200 कोच का निर्माण होगा। 5 साल में इसकी क्षमता 1100 कोच प्रतिवर्ष तक पहुंच जाएगी।
- यह इकाई घरेलू और निर्यात बाजारों के लिए वंदे भारत ट्रेन सेट, मेट्रो कार, इलेक्ट्रिकल मल्टीपल यूनिट, हाई-स्पीड रेल कोच और अन्य आधुनिक रोलिंग स्टॉक का निर्माण करेगी।
- मध्य प्रदेश के औद्योगिक क्षेत्र, विशेष रूप से सिंगरौली, सतना, रीवा और कटनी में एमएसएमई को प्रोत्साहित करने की उम्मीद है।
पर्यावरण का रखा जाएगा ख्याल
ग्रीन मैन्युफेक्चरिंग के तहत इसमें जीरो एमिशन सिस्टम, सोलर और रिन्यूबल एनर्जी इंटिग्रेशन, रेन वॉटर हार्वेस्टिंग और ग्रीन लैडस्केपिंग होंगे।रिसाइकल और टिकाऊ निर्माण सामग्री का इस्तेमाल होगा।
इसको भी पढ़ें: बिहार की ‘सीता सिंदूर’ खेती को मिला GI टैग का प्रस्ताव
‘स्वदेशी अपनाओ’ का लिया संकल्प
केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कार्यक्रम में मौजूद लोगों को “स्वदेशी अपनाओ” का संकल्प दिलाया। उन्होंने कहा, “हम घर में जो सामान लेकर आते हैं – खाने-पीने, पहनने-ओढ़ने, तेल, शैंपू सौंदर्य प्रसाधन – अब कोई भी सामान खरीदेंगे तो हम अपने देश में बना हुआ सामान ही खरीदेंगे। 144 करोड़ भारतवासियों का देश अगर स्वदेशी अपनाना शुरू कर दें तो हमारी अर्थव्यवस्था और मजबूत हो जाएगी। यही है देश के लिए जीना।” शिवराज सिंह ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में अब कोई भी ऐसा अंतरराष्ट्रीय समझौता नहीं होगा जिससे किसानों के हित का आघत हो।



