नई दिल्ली: अगर आपने ई-गवर्नेंस के लिए कुछ ऐसा किया है जो दूसरे नहीं कर पा रहे हैं तो सरकार आपको अवॉर्ड देगी। इसके लिए राष्ट्रीय पुरस्कार योजना शुरू भी कर दी गई है। 16 पुरस्कारों के माध्यम से सात कैटिगरी में ई-गवर्नेंस की पहल को बढ़ावा देने के लिए सरकार यह योजना चला रही है। यानी आप सात कैटिगरी में नामांकन कर सकते हैं।
सात श्रेणी
- डिजिटल परिवर्तन के लिए प्रौद्योगिकी के उपयोग के जरिये सरकारी प्रक्रिया पुनः इंजीनियरिंग
- नागरिक-केंद्रित सेवाएं प्रदान करने के लिए एआई और अन्य नए युग की प्रौद्योगिकियों के उपयोग से नवाचार
- सर्वश्रेष्ठ ई-गवर्नेंस। साइबर सुरक्षा में इनोवेशन
- ई-गवर्नेंस में जिलास्तरीय पहल
- सेवा वितरण को गहरा/व्यापक बनाने के लिए ग्राम पंचायतों या समकक्ष पारंपरिक स्थानीय निकायों की ओर से जमीनी स्तर की पहल
- राज्य/संघ राज्य क्षेत्रों/जिलों द्वारा राष्ट्रीय स्तर पर पुरस्कृत और मिशन-मोड ई-गवर्नेंस परियोजनाओं की प्रतिकृति और स्केलिंग
- केंद्रीय मंत्रालयों/राज्यों/ केंद्र शासित प्रदेशों द्वारा डिजिटल प्लेटफार्मों में डेटा एनालिटिक्स के उपयोग द्वारा डिजिटल परिवर्तन।
कहां, कब से और कब तक होगा नामांकन
राष्ट्रीय ई-गवर्नेंस पुरस्कार के लिए नामांकन 1 सितंबर से वेब पोर्टल पर किए जा सकते हैं। आवेदन जमा करने की अंतिम तिथि 15 अक्टूबर, 2025 होगी। आपका जो भी प्रोजेक्ट है वह एक जुलाई 2023 और तीस जून 2025 के बीच शुरू हुआ हो। इसके अलावा NAeG 2026 के अंतर्गत सूचीबद्ध सभी सात श्रेणियों के लिए एक अगस्त 2025 तक पूरी तरह से चालू होनी चाहिए।
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पांच से 10 लाख रुपये तक मिलेगा पुरस्कार
एनएईजी पुरस्कार-2026 में प्रोजेक्ट चुने जाने पर ट्रॉफी, प्रमाण पत्र मिलेगा। इसमें जो स्वर्ण पुरस्कार जीतेगा उसे 10 लाख रुपये और रजत पुरस्कार विजेता को ₹5 लाख की प्रोत्साहन राशि दी जाएगी। यह प्रोत्साहन राशि संबंधित जिले/संगठन को परियोजना या कार्यक्रम कार्यान्वयन में उपयोग के लिए या जन कल्याण के किसी भी क्षेत्र में संसाधनों की कमी को पूरा करने के लिए प्रदान की जाएगी। एनएईजी-2026 के तहत कुल 16 पुरस्कार दिए जाएंगे जिनमें 10 स्वर्ण और 6 रजत पुरस्कार शामिल हैं।



