नई दिल्ली: बीजेपी ने एसआईआर के मद्दे पर राहुल गांधी पर हमला करते हुए कहा है कि उन्होंने एसआईआर के मामले में झूठी बयानबाजी की। पार्टी के प्रवक्ता प्रदीप भंडारी ने कहा कि चुनाव आयोग ने फाइनल वोटर लिस्ट जारी की है, उस पर न तो आरजेडी ने और न ही कांग्रेस के किसी कार्यकर्ता ने आपत्ति जताते हुए अपील की है। इससे साफ जाहिर है कि एसआईआर में किसी तरह की गड़बड़ी नहीं हुई।
भंडारी ने कहा कि राहुल गांधी बिहार की गलियों में घूम घूमकर वोट चोरी के झूठे आरोप लगा रहे थे। उस वक्त भी बीजेपी ने कहा था कि राहुल गांधी घुसपैठियों को संरक्षण देने के मकसद से एसआईआर का विरोध कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि फाइनल लिस्ट आने के बाद भी वोटरों को मौका दिया गया था कि वे अपील करें लेकिन अब जो लस्ट आयी है, उससे पता चलता है कि किसी भी बूथस्तर के एजेंट ने अपील नहीं की। इससे पता चलता है कि एसआईआर की प्रक्रिया में किसी तरह की गड़बड़ी नहीं थी। इससे ये भी साबित हुआ है कि राहुल गांधी ने बिहार चुनाव में जो मद्दा बनाने की कोशिश की, वह जमीन पर था ही नहीं।
बीजेपी प्रवक्ता ने कहा कि एक तरफ तेलंगाना में राहुल गांधी के अपने वर्कर फर्जी वोटर आईडी बांटने का रैकेट चला रहे हैं और राहुल गांधी उन्हें संरक्षण दे रहे हैं। उन्होंने दावा किया कि बिहार में आरजेडी और काग्रेस के बीच लड़ाई चल रही है। दोनों एक दूसरे की टांग खींचने के लिए आतुर हैं और अब उनके वर्कर अपने ही नेता को नकार रहे हैं। इससे साफ है कि बिहार मूड अब पीएम मोदी और सीएम नीतीश कुमार के साथ है।
पाक के खिलाफ एक्शन क्यों नहीं लिया
बीजेपी प्रवक्ता ने यूपीए सरकार के समय के विदेश सचिव शविशंकर मेनन की पुस्तक के हवाले से कहा कि मेनन चाहते थे कि पाक के खिलाफ भारत कड़ी कार्रवाई करे। उन्होंने आरोप लगाया कि यहां तक की उस वक्त के राष्ट्रपति प्रणव मुखर्जी और पी चिदंबरम भी मान गए थे कि पाक को जवाब दिया जाए लेकिन इसके बावजूद पाक के खिलाफ कोई एक्शन नहीं लिया गया। ऐसा लगता है कि सोनिया गांधी के परिवार ने व्यक्तिगत तौर पर दखल दिया और ये सुनिश्चित किया कि सेना के पूरी तरह से तैयार होने के बावजूद पाक पर हमला न किया जाए।



