पटना: बिहार में मतदाता सूची के गहन पुनरीक्षण अभियान के विरोध में बुधवार को इंडिया गठबंधन और ट्रेड यूनियन के हड़ताल के समर्थन में बिहार बंद का मिला जुला असर देखने। इसके समर्थन में राजधानी पटना के साथ नालंदा, गोपालगंज, दरभंगा, आरा, किशनगंज, गया जी, सहरसा समेत कई जिलों में महागठबंधन के कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन किया है। इस दौरान कहीं ट्रेनें रोकी गईं तो कहीं सड़कों पर टायर जलाकर आवागमन बाधित किया गया। इससे सूबे की सड़कों पर कुछ घंटो तक आम जनजीवन के प्रभावित रहा।
आयकर गोलंबर से शहीद स्मारक चौक तक गये राहुल गांधी
लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी पहले से तय कार्यक्रम के तहत बिहार बंद को धार देने के लिए हवाई जहाज से पटना पहुंचे। पटना पहुंचने के बाद राहुल गांधी आयकर गोलंबर पर पहुंचे। यहां पर पहले से ही बिहार विधानसभा के नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव मौजूद थे। यहां महागठबंधन के कार्यकर्ताओं का उमड़ा था। इसके बाद तेजस्वी यादव, राहुल गांधी, दीपांकर भट्टाचार्यऔर मुकेश सहनी एक वाहन पर सवार होकर मार्च के लिए निकले। गाड़ी पर दिग्गज नेताओं के साथ पटना की सड़क पर कार्यकर्ताओं ने पैदल मार्च किया। जैसे ही दनका काफिला शहीद स्मारक चौक तक पहुंचा, पहले से तैनात बिहार पुलिस ने बैरिकेडिंग कर प्रदर्शनकारियों को रोक दिया। इस दौरान प्रदर्शनकारियों व पुलिस के बीच हल्की नोंकझोंक भी हुई। बाद में महागठबंधन के शीर्ष नेताओं ने विधान सभा गेट के पास ही सभा की।
चुनाव आयोग भाजपा और आरएसएस नेताओं की तरह बात कर रहा : राहुल गांधी
सभा को संबोधित करते हुए राहुल गांधी ने कहा कि वह बिहार और देश की जनता को कहना चाहते हैं कि जिस तरह से महाराष्ट्र का चुनाव चोरी किया गया था, वैसे ही बिहार में वोट चोरी करने की कोशिश की जा रही है। चुनाव आयोग ने बिहार को महाराष्ट्र मॉडल समझ लिया है। यह गरीबों का वोट छीनना चाहते हैं। यह बिहार है और बिहार की जनता ऐसा नहीं होने देगी। हमारे लोग चुनाव आयोग से जाकर मिले थे। राहुल गांधी ने कहा कि व्यस्तता के कारण वह चुनाव आयोग नहीं जा पाए थे लेकिन वहां से लौटकर हमारे लोगों ने बताया था कि चुनाव आयोग भाजपा और आरएसएस के नेताओं की तरह बात कर रहा था।
‘गोदी आयोग’ को अनुमति नहीं देंगे, दादागिरी नहीं चलेगी : तेजस्वी यादव
कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए तेजस्वी यादव ने कहा, वह बीजेपी और नीतीश कुमार के ‘गोदी आयोग’ को अनुमति नहीं देंगे। दादागिरी नहीं चलेगी। बिहार लोकतंत्र की जननी है और वे यहां लोकतंत्र को खत्म करना चाहते हैं। बिहार के लोग ऐसा नहीं होने देंगे। यहां क्रांति होगी।
घंटों जाम फंसे रहे लोग
बिहार बंद का असर मिलाजुला दिखा। महागठबंधन के कार्यकर्ताओं ने राज्य के अलग-अलग जगहों पर सड़कें जाम कीं। इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने बंद के दौरान 12 नेशनल हाईवे जाम किए। जगह- जगह ट्रेनें रोकी गयी। समस्तीपुर, मुजफ्फरपुर, बेगूसराय, कटिहार, सुपौल, मधेपुरा, मोतिहार, वैशाली, पटना और औरंगाबाद में लोग घंटों जाम में फंसे रहे। दरभंगा, भोजपुर, सुपौल,जहानाबाद, पटना, मुंगेर, अररिया रेलवे स्टेशन पर ट्रेनों को रोका गया।

नालंदा में भी दिखा बंध का असर
बिहार बंद का आंशिक असर नालंदा में भी देखने को मिल रहा है। इसमें ट्रेड यूनियन वाले भी विभिन्न मांगों को लेकर सडक़ों पर उतर कर विरोध कर रहे हैं। इस दौरान बिहार शरीफ बख्तियारपुर मुख्य मार्ग के अस्पताल चौक पर कांग्रेस कार्यकर्ता द्वारा कार सवार राहगीर को तमाचा जड़ दिया। इतना ही नहीं, कार सवार को रोकने की बजाय गाली-गलौज किया और जबरदस्ती उसकी कार बंद कर दिया। मौके पर मौजूद सुरक्षा कर्मियों ने किसी तरह दोनों को समझा बुझाकर अलग किया तब जाकर मामला शांत हुआ।
पिड़ित कार सवार पंकज कुमार बाद में मीडिया को बताया कि वह भैंसासुर से अस्पताल चौक अपने घर जा रहे थे। तभी अस्पताल चौक पर बंदी के दौरान कांग्रेस कार्यकर्ता ने तमाचा जड़ दिया और गाली गलौज करते हुए जान मारने की धमकी भी दी। उधर, यातायात डीएसपी मो. खुर्शीद आलम ने बताया कि लोगों को दिक्कत न हो इसके लिए हम लोग यहां मौजूद हैं। ताकि राहगीरों को कोई परेशानी न हो।
इस बंदी का असर इस्लामपुर, हिलसा, हरनौत एकंगरसराय, और राजगीर इत्यादि जगहों पर भी देखने को मिला। जगह जगह महागठबंधन के समर्थक अपनी पार्टी का झंडा लेकर सडक़ पर धरने पर बैठ गए। इसके अलावा आपात सेवा से जुड़े लोंगों व सरकारी कर्मियों को जाने आने दिया गया।
भारत बंद का कोई प्रभाव नहीं पड़ा: खंडेलवाल
चांदनी चौक से भाजपा सांसद व कॉन्फेडरेशन ऑफ आल इंडिया ट्रेडर्स राष्ट्रीय महामंत्री प्रवीन खंडेलवाल ने कहा देशभर के किसी भी वाणिज्यिक बाजार पर कथित भारत बंद का कोई प्रभाव नहीं पड़ा है। सभी व्यापारिक बाजार और कारोबारी केंद्र सामान्य रूप से खुले हैं और प्रतिदिन की तरह व्यापारिक गतिविधियां सामान्य रूप से जारी हैं।
यह स्पष्ट है कि देश भर के व्यापारियों ने इस बंद का कोई समर्थन नहीं किया है और उन्होंने अपने प्रतिष्ठान खुले रखकर कारोबार को जारी रखने का फैसला किया है। व्यापारिक समुदाय आर्थिक गतिविधियों और राष्ट्रीय प्रगति के प्रति अपनी प्रतिबद्धता के साथ एकजुट खड़ा है।



