पटना: बिहार की राजधानी पटना एक बार फिर सियासी हलचल का केंद्र बनने जा रही है। विशेष गहन मतदाता सूची पुनरीक्षण (एसआईआर) के खिलाफ इंडिया महागठबंधन ने बुधवार को चक्का जाम का ऐलान किया है। इस आंदोलन का नेतृत्व लोकसभा में विपक्ष के नेता व कांग्रेस सांसद राहुल गांधी करेंगे। पिछले पांच महीने में राहुल गांधी का यह सातवां बिहार दौरा होगा।
राहुल गांधी के अलावा नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी प्रसाद यादव कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष राजेश राम सीपीआईएमआईएल के दीपांकर भट्टाचार्य, विकासशील इंसान पार्टी के मुकेश साहनी के अलावा पूर्णिया के सांसद पप्पू यादव, एआइएमआइएम के प्रदेश अध्यक्ष अख्तरुल ईमान कभी बंद को समर्थन है। राहुल गोपाल खेमका के परिजनों से मुलाकात करने उनके आवास भी जा सकते हैं। अभी तक पूरा कार्यक्रम तय नहीं हुआ है।
इस बात पर है विवाद :
भारतीय चुनाव आयोग ने 24 जून 2025 को बिहार में विशेष गहन पुनरीक्षण का आदेश दिया जो 25 जून से 25 जुलाई 2025 तक चलना है। इस प्रक्रिया के तहत बिहार के लगभग 8 करोड़ मतदाताओं को अपनी नागरिकता और पात्रता साबित करने के लिए दस्तावेज जमा करने होंगे। कांग्रेस, आरजेडी समेत कई विपक्षी दलों का कहना है कि यह प्रक्रिया अलोकतांत्रिक है और इसका उद्देश्य गरीब, दलित, पिछड़े, और अल्पसंख्यक समुदायों के मतदाताओं को सूची से हटाना है। राजद के राष्ट्रीय परिषद की बैठक में तेजस्वी यादव ने निर्वाचन आयोग के इस काम के लिए आलोचना करते हुए इसे लोकतंत्र पर हमला बताया था।
कई संगठनों का समर्थन
बिहार में मतदाता गहन पुनरीक्षण सहित अन्य 44 मुद्दों पर ट्रेड यूनियन और अन्य सामाजिक संगठनों के बिहार बंद कार्यक्रम का इंडिया गठबंधन ने समर्थन किया गया है। नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी सुबह करीब 09:30 बजे, इनकम टैक्स गोलंबर से वीरचंद पटेल पथ, शहीद स्मारक होते हुए चुनाव आयोग के कार्यालय तक पैदल मार्च सह विरोध प्रदर्शन में शामिल होंगे।इसमें इंडिया गठबंधन के कॉर्डिनेशन कमिटी के चेयरमैन और बिहार के नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव, बिहार प्रदेश कांग्रेस कमिटी के कृष्णा अल्लावारू और बिहार प्रदेश कांग्रेस कमिटी के अध्यक्ष राजेश कुमार सहित इंडिया गठबंधन के सभी वरिष्ठ नेतागण मौजूद रहेंगे।



