नई दिल्ली: महाराष्ट्र के छत्रपति संभाजीनगर स्थित ऑरिक (शेंद्रा-बिडकिन औद्योगिक क्षेत्र) अपनी छठी वर्षगांठ पर गर्व से औद्योगिक प्रगति, वैश्विक निवेश और सतत विकास की यात्रा का उत्सव मना रहा है। यह राष्ट्रीय औद्योगिक गलियारा विकास कार्यक्रम (एनआईसीडीपी) के तहत विकसित भारत के पहले ग्रीनफील्ड औद्योगिक स्मार्ट शहरों में से एक है।
ऑरिक: विकास और प्रभाव
छह वर्षों में औद्योगिक और मिश्रित उपयोग श्रेणियों में 323 भूखंड आवंटित किए गए हैं, जिनमें 3,029 एकड़ औद्योगिक भूमि और 117 एकड़ मिश्रित उपयोग भूमि शामिल है। कुल निवेश क्षमता 71,343 करोड़ से अधिक है, जिसमें 62,405 (प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष) रोजग़ार की संभावना है। वर्तमान में 78 इकाइयां चालू हैं। 62 कारखाने निर्माणाधीन हैं।184 इकाइयां निर्माण शुरू करने की तैयारी कर रही हैं।
छह वर्षों में उपलब्धियां
शेंद्रा औद्योगिक क्षेत्र में 135 एमएसएमई, 17 बड़े पैमाने की परियोजनाओं और 16 गैर-एमएसएमई को भूखंड आवंटित किए गए हैं। बिडकीन औद्योगिक क्षेत्र में 49 एमएसएमई, 27 बड़े पैमाने पर परियोजनाओं और 4 गैर-एमएसएमई को भूखंड आवंटित किए गए हैं। कार्यबल क्षमताओं को बढ़ाने और प्रतिभा को उद्योग के साथ जोडऩे के लिए भारतीय उद्योग परिसंघ (सीआईआई) के साथ साझेदारी में ऑरिक में 20,000 वर्ग फुट के कौशल विकास केंद्र की स्थापना का प्रस्ताव। एमएसएमई के लिए ऑरिक में कार्यालय स्थान का किराया 50 रुपये से घटाकर 25 रुपये प्रति वर्ग फुट कर दिया गया है – 1 अप्रैल, 2025 से 50त्न की कटौती प्रभावी होगी।
शेंद्रा औद्योगिक क्षेत्र
6,096 करोड़ के निवेश से 14,455 नौकरियां सृजित हुई हैं। प्रमुख निवेशकों में ह्योसंग (दक्षिण कोरिया) शामिल है, जिसने भारत में अपना पहला स्पैन्डेक्स संयंत्र यहीं स्थापित किया है। अन्य उल्लेखनीय निवेशक हैं: पर्किन्स (यूके), फ़ूजी सिल्वरटेक (जापान), ओर्लिकॉन बेकियर्स (लिकटेंस्टीन), सीमेंस (जर्मनी), एनएलएमके (रूस), कोहलर (अमेरिका), कोटॉल फिल्म्स (भारत), एंड्योरेंस कम्प्लीट सॉल्यूशंस (भारत), डेटपैक (भारत) आदि।
बिडकिन औद्योगिक क्षेत्र
बिडकिन मराठवाड़ा क्षेत्र में तेजी से विकास के इंजन के रूप में उभरा है। इस क्षेत्र ने 76,219 करोड़ के बड़े निवेश आकर्षित किए हैं जिनमें एथर एनर्जी (ईवी), लुब्रीज़ोल (रसायन), टोयोटा किर्लोस्कर (ऑटोमोबाइल) और जेएसडब्ल्यू ग्रीन मोबिलिटी शामिल हैं। यहां 35,000 से ज़्यादा नौकरियों की संभावना है। राष्ट्रीय औद्योगिक गलियारा विकास निगम (एनआईसीडीसी) के सीईओ और एमडी रजत कुमार सैनी ने कहा कि ऑरिक की यात्रा एनआईसीडीसी स्मार्ट सिटीज़ के व्यापक दृष्टिकोण को दर्शाती है। इसका उद्देश्य विनिर्माण, स्थिरता और समावेशी विकास के भविष्य के लिए तैयार केंद्र बनाना है। मात्र छह वर्षों में, ऑरिक वैश्विक और घरेलू निवेशकों के लिए एक आकर्षण का केंद्र बन गया है, और इसने इस बात के मानक स्थापित किए हैं कि कैसे औद्योगिक टाउनशिप एमएसएमई को सशक्त बना सकती हैं, रोजग़ार सृजित कर सकती हैं और क्षेत्रों का कायाकल्प कर सकती हैं। भविष्य की ओर देखते हुए, हमारा ध्यान यह सुनिश्चित करने पर है कि ऑरिक जैसे स्मार्ट शहर आने वाले दशकों तक भारत की विकास गाथा को गति देते रहें।
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ऑरिक के बारे में
ऑरिक दिल्ली-मुंबई औद्योगिक कॉरिडोर (डीएमआईसी) के अंतर्गत विकसित एक ग्रीनफील्ड औद्योगिक स्मार्ट सिटी है। इसका प्रबंधन महाराष्ट्र औद्योगिक टाउनशिप लिमिटेड (एमआईटीएल) द्वारा किया जाता है, जो भारत सरकार और महाराष्ट्र सरकार के संयुक्त उद्यम द्वारा गठित एक विशेष प्रयोजन वाहन है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 7 सितंबर को ऑरिक सिटी का उद्घाटन किया था। महाराष्ट्र के विकास में अहम भूमिका 2030 तक महाराष्ट्र की 1 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनने की आकांक्षा में ऑरिक एक महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। शेंड्रा एंड बिडकिन (ऑरिक) घरेलू और वैश्विक निवेशकों को आकर्षित करने के लिए विश्वस्तरीय बुनियादी ढांचा, बड़े, एक-दूसरे से जुड़े भूखंड, प्लग-एंड-प्ले सुविधाएं और एकल-खिडक़ी मंजूरियां प्रदान करता है। यह ऑटोमोबाइल, इंजीनियरिंग, रक्षा, इलेक्ट्रॉनिक्स, कपड़ा, खाद्य प्रसंस्करण आदि क्षेत्रों पर केंद्रित है।



